विज्ञान भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन': महिलाओं ने मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया
सारांश
Key Takeaways
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत किया गया।
- महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
- महिलाएं अब विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करेंगी।
- प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन महत्वपूर्ण है।
- यह एक नए युग की शुरुआत है।
नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई सम्मानित महिलाओं ने भाग लिया। सम्मेलन में उपस्थित महिलाओं ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का स्वागत करते हुए बताया कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग का आरंभ करेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं के लिए अद्भुत अवसर करार देते हुए कहा कि यह महिलाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। आज महिलाएं अपनी दूरदर्शिता और मेहनत के बल पर देश की प्रगति में सहयोग कर सकती हैं। चाहे वह बेटी, बहन या मां हो, हर महिला निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग ले सकती है और देश के भविष्य को संवारने में योगदान दे सकती है। अब हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी जगह बना रही हैं, जैसे कि सशस्त्र बल, विज्ञान, उद्योग और पेशेवर जीवन।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिल एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। ‘बेटी बचाओ’ से ‘बेटी पढ़ाओ’ और अब ‘बेटी बढ़ाओ’ की दिशा में बढ़ते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ राष्ट्र की प्रगति को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। विज्ञान भवन में आयोजित इस सम्मेलन में पीएम मोदी की उपस्थिति ने महिला नेतृत्व के इस नए अध्याय को ऐतिहासिक महत्व दिया है। वर्ष २०२३ में नई संसद के पहले सत्र से शुरू हुआ यह अधिनियम अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। १६ अप्रैल को बुलाई गई संसद की विशेष बैठक इस ऐतिहासिक सुधार को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि यह पहल दशकों की प्रतीक्षा का अंत है और भारतीय लोकतंत्र में एक नए युग की शुरुआत है। इसके प्रभावी कार्यान्वयन के साथ महिलाएं नीति-निर्धारण के केंद्र में सशक्त भूमिका निभाएंगी। देश के विभिन्न हिस्सों से माताओं और बहनों का व्यापक समर्थन इस संकल्प को और मजबूत करता है। प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण नारी शक्ति को राष्ट्र निर्माण की मुख्य धुरी के रूप में स्थापित करता है। मातृशक्ति के प्रति इस सम्मान, संवेदनशीलता और महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने के इस महत्वपूर्ण प्रयास के लिए देश की समस्त नारी शक्ति की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का दिल से आभार और अभिनंदन।
प्रसिद्ध वैज्ञानिक टेसी थॉमस ने इस विधेयक को महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह एक अद्भुत कदम है, जो महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करेगा। हम 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं और इस विधेयक से निकट भविष्य में एक बदला हुआ भारत देखने की उम्मीद है।
फैशन डिजाइनर डॉली जैन ने कहा कि एक महिला घर को इतनी कुशलता से संभाल सकती है कि किसी को शिकायत का अवसर नहीं मिलता। जब वह घर को संभाल सकती है, तो देश को भी उतनी ही कुशलता से चला सकती है। महिलाएं अब नेतृत्व करेंगी और दुनिया को दिखाएंगी। पीएम मोदी का आभार।
पैरालंपिक पदक विजेता दीपा मलिक ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को उचित सम्मान देते हुए पीएम ने इस विशेष सत्र को बुलाया। उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में कहा गया था कि पहली प्राथमिकता महिला सशक्तीकरण को दी गई है। पंचायत से संसद तक आरक्षण से महिलाएं देश की आवाज बनेंगी और राष्ट्रीय नीतियां बनाने में मदद करेंगी। सच्चे अर्थों में महिला सशक्तीकरण तभी संभव होगा जब महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
प्रसिद्ध नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी अपने आप में एक सशक्त शब्द है, लेकिन यह केवल विकास नहीं, बल्कि महिलाओं द्वारा नेतृत्व किया गया विकास है। महिलाएं अब नेतृत्व की भूमिकाओं में कदम रख रही हैं और भारत की निरंतर प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाएंगी। यह एक महत्वपूर्ण घटना है।