दिल्ली में हाशिम बाबा गैंग के दो सदस्यों की गिरफ्तारी, हथियार बरामद
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में हाशिम बाबा गैंग के दो सदस्यों की गिरफ्तारी।
- गिरफ्तारी में लोडेड हथियारों का बरामद होना।
- पुलिस की कार्रवाई से गैंग की गतिविधियों में कमी।
- शादाब और आदिल के खिलाफ गंभीर आरोप।
- सामाजिक सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात हाशिम बाबा गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इनमें से एक आरोपी एक फरार शूटर भी है। उनके पास से दो लोडेड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शादाब अहमद उर्फ 'चप्पल' और मोहम्मद आदि उर्फ आदिल उर्फ टैविस के रूप में हुई है।
28 साल का शादाब उर्फ चप्पल दिल्ली के जाफराबाद का निवासी है और वह पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था। उसे 11 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गढ़ी मांडू क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक लोडेड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस मिले।
पुलिस का कहना है कि शादाब हाशिम बाबा गैंग का शूटर है और वह अपने मामा तथा गैंगस्टर सुहैल का करीबी रिश्तेदार है, जो वर्तमान में जेल में बंद है।
शादाब पर 10 मार्च 2024 को दर्ज एफआईआर में हत्या और हत्या के प्रयास के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। आरोप है कि 9 मार्च 2024 को सीलमपुर में हाशिम बाबा गैंग के शूटरों ने अपने प्रतिद्वंदी चेनू गैंग के सदस्यों पर फायरिंग की थी, जिसमें अरबाज नामक व्यक्ति की हत्या हो गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि अरबाज की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने जेल में बंद सुहैल के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया था। इसके अतिरिक्त, शादाब एक अन्य हत्या के प्रयास के मामले में भी वांछित था और अदालत में पेश न होने के कारण उसे अपराधी घोषित किया गया था।
इसी अभियान के अंतर्गत, स्पेशल सेल ने 3 अप्रैल को 24 साल के मोहम्मद आदि उर्फ आदिल को भी उत्तर-पूर्वी दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उसके पास से एक लोडेड पिस्तौल और 6 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।
पुलिस के अनुसार, आदिल हाशिम बाबा गैंग के लिए रंगदारी वसूली के लिए टारगेट निर्धारित करने का कार्य करता था और वह जेल में बंद गैंगस्टर असद और दानिश उर्फ मल्लि के लिए काम कर रहा था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। यह गैंग के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।