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मार्च में खुदरा महंगाई दर 3.4 प्रतिशत, प्याज, आलू और अरहर के दाम में गिरावट

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मार्च में खुदरा महंगाई दर 3.4 प्रतिशत, प्याज, आलू और अरहर के दाम में गिरावट

सारांश

मार्च में खुदरा महंगाई दर **3.4 प्रतिशत** पर स्थिर रही। प्याज, आलू और अरहर जैसे खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट आई है। जानिए इसके पीछे के कारण और राज्यों के आंकड़े।

मुख्य बातें

मार्च में खुदरा महंगाई दर **3.4 प्रतिशत** रही।
खाद्य महंगाई दर **3.87 प्रतिशत** पर रही।
प्याज, आलू और अरहर की कीमतों में गिरावट आई।
तेलंगाना में सबसे अधिक महंगाई दर **5.83 प्रतिशत** रही।
सरकार ने बाजारों से वास्तविक समय मूल्य डेटा एकत्र किया।

मुंबई, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर 3.4 प्रतिशत पर स्थिर रही है, जिसमें क्रमिक आधार पर 0.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में यह 3.21 प्रतिशत थी। यह सूचना सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी की गई।

मंत्रालय के अनुसार, मार्च में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 3.63 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में यह 3.11 प्रतिशत दर्ज की गई है।

खाद्य महंगाई दर मार्च में 3.87 प्रतिशत रही, जबकि फरवरी में यह 3.47 प्रतिशत थी।

गांवों में खाद्य महंगाई दर मार्च में 3.96 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 3.71 प्रतिशत रही।

पिछले महीने प्याज में -27.76 प्रतिशत, आलू में -18.98 प्रतिशत, लहसुन में -10.18 प्रतिशत, अरहर में -9.56 प्रतिशत और मटर, चना में -7.87 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे ये राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई में कमी लाने वाले शीर्ष 5 आइटम बने। इन सभी में महंगाई दर सालाना आधार पर नकारात्मक रही है।

इसके विपरीत, चांदी की ज्वैलरी में 148.61 प्रतिशत, सोना/हीरा/प्लेटिनम ज्वैलरी में 45.92 प्रतिशत, कोपरा में 45.52 प्रतिशत, टमाटर में 35.99 प्रतिशत और फूलगोभी में 34.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक महंगाई वाले शीर्ष 5 आइटम थे। इन सभी में महंगाई दर सालाना आधार पर सकारात्मक रही है।

मार्च में, जिन पांच राज्यों में खुदरा महंगाई दर सबसे अधिक रही, उनमें तेलंगाना (5.83 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (4.05 प्रतिशत), कर्नाटक (3.96 प्रतिशत), तमिलनाडु (3.77 प्रतिशत) और राजस्थान (3.64 प्रतिशत) शामिल हैं।

सरकार के अनुसार, खुदरा महंगाई दर के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा संगठन (एनएसओ) और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के फील्ड स्टाफ द्वारा साप्ताहिक आधार पर व्यक्तिगत दौरे किए जाते हैं, जिसमें सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए चयनित 1407 शहरी बाजारों (ऑनलाइन बाजारों सहित) और 1465 गांवों से वास्तविक समय में मूल्य डेटा एकत्र किया जाता है। मार्च 2026 के दौरान, सभी ग्रामीण और शहरी बाजारों से 100 प्रतिशत मूल्य एकत्र किए गए, जबकि रिपोर्ट किए गए बाजारवार मूल्य ग्रामीण बाजारों के लिए 99.93 प्रतिशत और शहरी बाजारों के लिए 100 प्रतिशत थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार की नीतियों का क्या प्रभाव हो रहा है। खुदरा महंगाई दर में वृद्धि के बावजूद, कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी ने आम जनता को राहत दी है। यह स्थिति आर्थिक स्थिरता की ओर संकेत कर सकती है, लेकिन सरकार को सतर्क रहना होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खुदरा महंगाई दर क्या है?
खुदरा महंगाई दर उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे जाने वाले सामान और सेवाओं की कीमतों में परिवर्तन को दर्शाती है।
मार्च में खाद्य महंगाई दर क्या थी?
मार्च में खाद्य महंगाई दर **3.87 प्रतिशत** रही।
कौन से खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट आई?
प्याज, आलू, लहसुन, अरहर और मटर, चना जैसी वस्तुओं में कीमतों में गिरावट आई है।
खुदरा महंगाई दर का क्या महत्व है?
खुदरा महंगाई दर का महत्व अर्थव्यवस्था की स्थिरता और उपभोक्ता खर्च पर प्रभाव डालने में होता है।
राज्यों में महंगाई दर का क्या हाल है?
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान में खुदरा महंगाई दर सबसे अधिक रही।
राष्ट्र प्रेस
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