तमिलनाडु में एएनएस प्रसाद ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर रखा जोर, डीएमके को किया चुनौती
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार की योजना 'नारी शक्ति वंदन' महिलाओं को 33%25 आरक्षण प्रदान करेगी।
- डीएमके ने केंद्र की नीतियों का विरोध किया है, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ी है।
- केंद्र के किसान कल्याण कार्यक्रमों ने कृषि क्षेत्र में विकास को बढ़ावा दिया है।
- भाजपा ने बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति का बहुभाषा दृष्टिकोण छात्रों के लिए अवसर बढ़ाएगा।
चेन्नई, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने सोमवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी गलत जानकारी फैला रही है, जबकि केंद्र राज्य में विकास की महत्वपूर्ण योजनाएं लागू कर रहा है।
प्रसाद की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे से पहले आई है, जिसमें भाजपा का कहना है कि इस दौरे से सत्ताधारी डीएमके नेताओं में स्पष्ट बेचैनी देखी जा रही है।
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह केंद्र की बढ़ती पहुंच और कल्याणकारी योजनाओं का मुकाबला करने के लिए राजनीति से प्रेरित होकर आलोचना कर रही है। प्रसाद ने 'नारी शक्ति वंदन' फ्रेमवर्क के तहत महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव का उल्लेख किया।
उनका कहना है कि इस कदम से शासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी में काफी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र के किसान कल्याण कार्यक्रमों पर जोर दिया और बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली के तहत खरीद 2024-25 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
उन्होंने पीएम किसान जैसी योजनाओं को ग्रामीण परिवारों को लाभ पहुंचाने वाले महत्वपूर्ण उपायों के तौर पर बताया, जिसमें तमिलनाडु के परिवार भी शामिल हैं।
प्रसाद ने हाल के शासन सुधारों का बचाव करते हुए कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) में किए गए संशोधन का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और नियमों का पालन न करने वाले संगठनों द्वारा विदेशी फंड के गलत इस्तेमाल को रोकना है।
बुनियादी ढांचे के मामले में भाजपा ने चेन्नई मेट्रो फेज-II जैसी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति का हवाला दिया, जिन्हें केंद्र से काफी आर्थिक सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि राजमार्गों, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स में किए गए निवेश से तमिलनाडु की स्थिति एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में मजबूत हो रही है।
भाजपा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रति अपने समर्थन को भी दोहराया और कहा कि इसका बहुभाषी दृष्टिकोण छात्रों को बिना किसी भाषा को थोपे, लचीलापन और बेहतर अवसर प्रदान करता है।
हालांकि, डीएमके ने लगातार इनमें से कई नीतियों, विशेषकर संघवाद, भाषा और संसाधनों के बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर विरोध किया है, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले एक तीव्र राजनीतिक मुकाबले का माहौल बन गया है।