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आशा भोसले के निधन से संगीत जगत में शोक, विवेक ओबेरॉय ने कहा- मां सरस्वती का वास था उनमें

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आशा भोसले के निधन से संगीत जगत में शोक, विवेक ओबेरॉय ने कहा- मां सरस्वती का वास था उनमें

सारांश

भारतीय संगीत की महान हस्ती आशा भोसले का निधन, संगीत प्रेमियों में शोक की लहर। विवेक ओबेरॉय का बयान, 'उनमें मां सरस्वती का वास था।'

मुख्य बातें

आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत के लिए एक बड़ा झटका है।
उनकी कला और संगीत ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया।
विवेक ओबेरॉय ने उनके बारे में कहा कि उनमें मां सरस्वती का वास था।
वे सिर्फ एक गायिका नहीं, बल्कि एक संस्थान थीं।
उनका योगदान अमूल्य रहेगा और संगीत प्रेमियों के दिलों में वे सदा जीवित रहेंगी।

मुंबई, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय संगीत की महान गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। रविवार को उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली।

भारतीय अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने आशा ताई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, "यह केवल संगीत की दुनिया का नुकसान नहीं है, यह हर संगीत प्रेमी और पूरी मानवता के लिए एक बड़ा आघात है। भारत के हर दिल में गहरा दुख है। हम उन्हें आशा ताई के नाम से पुकारते थे। उनके चरणों में आशीर्वाद लेने का गौरव हमें मिलता था, क्योंकि हमें विश्वास था कि उनमें मां सरस्वती का वास था। हाल ही में जब वे दुबई आई थीं, तो उनके ९८वें जन्मदिन पर एक भव्य शो का आयोजन हुआ था। पूरा स्टेडियम भरा हुआ था। उस समय मैंने अपने बच्चों को सलाह दी थी कि आशा ताई के चरणों में प्रणाम करें, उनमें मां सरस्वती का वास है।"

गायक अनूप जलोटा ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं, "पार्श्व गायन का एक मजबूत स्तंभ हमारे बीच से चला गया। लता मंगेशकर हमसे कुछ समय पहले विदा हो गई थीं। अब उसी युग की दूसरी महान हस्ती भी नहीं रहीं। पार्श्व गायन का सुनहरा दौर समाप्त हो गया है। आने वाली पीढ़ियों को अब उनके गाने सुनकर रियाज करना पड़ेगा। वे सिर्फ एक गायिका नहीं, बल्कि एक संपूर्ण संस्थान थीं।"

संगीतकार ललित पंडित ने कहा, "हमें उनके जीवन और संगीत का उत्सव मनाना चाहिए। उनके पीछे एक समृद्ध विरासत है, जिससे आने वाली पीढ़ी सीख सकती है। यह सच है कि वे अंतिम महान हस्तियों में से एक थीं, और अब वे हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन वे जहाँ भी होंगी, वे हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।"

अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने कहा, "मेरे लिए, वे एक मां जैसी थीं, और मुझे लगता है कि वे उन आखिरी महान हस्तियों में से एक थीं जिन्हें हमने आज खो दिया। वे वास्तव में एक दिग्गज गायिका थीं, और मुझे नहीं लगता कि भविष्य में कोई दूसरी आशा भोसले होगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित किया। यह समय शोक और सम्मान का है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशा भोसले का निधन कब हुआ?
आशा भोसले का निधन १३ अप्रैल को हुआ।
आशा भोसले को किस नाम से जाना जाता था?
उन्हें प्यार से आशा ताई कहा जाता था।
कौन-कौन से कलाकारों ने आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया?
विवेक ओबेरॉय, अनूप जलोटा, ललित पंडित और पूनम ढिल्लों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
आशा भोसले के योगदान को कैसे याद किया जाएगा?
उनका योगदान संगीत की दुनिया में अमूल्य है और उन्हें एक संस्थान के रूप में याद किया जाएगा।
आशा भोसले का जन्मदिन कब मनाया गया था?
उनका ९८वां जन्मदिन हाल ही में मनाया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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