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हृदयनाथ मंगेशकर का ऐतिहासिक ऐलान: लता और आशा की याद में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल

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हृदयनाथ मंगेशकर का ऐतिहासिक ऐलान: लता और आशा की याद में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल

सारांश

हृदयनाथ मंगेशकर ने अपने बहनों लता मंगेशकर और आशा भोसले के सम्मान में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की घोषणा की है। यह पहल संगीत विरासत को अमर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

हृदयनाथ मंगेशकर ने एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की घोषणा की।
यह अस्पताल लता और आशा की याद में स्थापित होगा।
म्यूजियम बनाने की योजना भी है।
आशा भोसले का अंतिम संस्कार हाल ही में हुआ।
मंगेशकर परिवार की संगीत विरासत को संजोने का प्रयास।

मुंबई, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मंगेशकर परिवार की संगीत विरासत को अमर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आशा भोसले के निधन के बाद, उनके भाई और संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर ने घोषणा की है कि वे अपनी दिवंगत बहनों लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल स्थापित करने जा रहे हैं।

हृदयनाथ मंगेशकर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारा प्रयास है कि यह एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बने। इसके लिए हमने एक विशाल भूखंड खरीद लिया है। बाकी सब भगवान पर छोड़ दिया है।”

उम्मीद है कि इस अस्पताल का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखा जाएगा।

इसके साथ ही, हृदयनाथ मंगेशकर एक म्यूजियम की भी योजना बना रहे हैं, जिसमें मंगेशकर परिवार की समृद्ध संगीत विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इस म्यूजियम में लोग इंटरैक्टिव तरीके से संगीत सीख सकेंगे।

92 वर्षीय गायिका आशा भोसले का रविवार को मुंबई में निधन हो गया। सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें फिल्म और संगीत जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियां मौजूद रहीं और नम आंखों से आशा ताई को विदाई दी।

आमिर खान, विक्की कौशल, तब्बू, विवेक ओबेरॉय, संगीतकार अनु मलिक, गायक अनूप जलोटा, सुदेश भोसले, शान, और फिल्म निर्माता रमेश सिप्पी समेत कई सितारों ने आशा भोसले को अंतिम विदाई दी।

शान और सुदेश भोसले ने आशा भोसले के प्रसिद्ध गाने ‘अभी न जाओ छोड़कर’ को गाकर उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी।

श्रेया घोषाल ने भी लंदन में अपने ‘अनस्टॉपेबल वर्ल्ड टूर’ के दौरान आशा भोसले के लोकप्रिय गाने ‘अभी न जाओ छोड़कर’ और ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’ गाकर उन्हें याद किया।

आशा भोसले के आवास पर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान भी है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन हैं हृदयनाथ मंगेशकर?
हृदयनाथ मंगेशकर लता मंगेशकर और आशा भोसले के भाई हैं और एक प्रसिद्ध संगीतकार हैं।
इस अस्पताल का नाम क्या होगा?
उम्मीद है कि अस्पताल का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखा जाएगा।
आशा भोसले का अंतिम संस्कार कब हुआ?
आशा भोसले का अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया।
इस अस्पताल का उद्देश्य क्या होगा?
इस अस्पताल का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना और मंगेशकर परिवार की संगीत विरासत को संरक्षित करना है।
क्या म्यूजियम बनाने की योजना है?
हाँ, हृदयनाथ मंगेशकर मंगेशकर परिवार की संगीत विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक म्यूजियम बनाने की योजना बना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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