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महिला आरक्षण बिल की विफलता पर रूपाली गांगुली का तीखा बयान, 'हम माफी नहीं देते'

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महिला आरक्षण बिल की विफलता पर रूपाली गांगुली का तीखा बयान, 'हम माफी नहीं देते'

सारांश

महिला आरक्षण संशोधन बिल के सदन में पास न होने पर रूपाली गांगुली ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इस बिल में महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रावधान थे, लेकिन इसे पास नहीं किया गया। जानिए उन्होंने क्या कहा इस मुद्दे पर।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल को पास करने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी।
बिल पास नहीं होने से 70 करोड़ महिलाओं के अधिकार प्रभावित हुए हैं।
रूपाली गांगुली ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है।
महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए यह बिल महत्वपूर्ण था।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर लोग अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

मुंबई, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण संशोधन बिल को सदन में पास नहीं किया जा सका, क्योंकि इसके लिए दो तिहाई बहुमत आवश्यक था। इस बिल के पास होने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन समर्थन में केवल 298 वोट मिले। इस स्थिति के बाद विपक्ष का लगातार विरोध बढ़ता जा रहा है। इसी संदर्भ में, टीवी अभिनेत्री और भाजपा कार्यकर्ता रूपाली गांगुली ने विपक्ष पर तीखा आरोप लगाया है।

रूपाली ने कहा कि जिस देश में नारी को मां भवानी का दर्जा दिया जाता है, वहां महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित हैं। टीवी शो 'अनुपमा' में काम कर रहीं रूपाली ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण संशोधन बिल के पास न होने पर दुख व्यक्त किया और सदियों से महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमेशा महिलाओं को सीमित करने की कोशिश होती रही है, और यही सदन में भी देखने को मिला।

वीडियो में, अभिनेत्री ने कहा, "बहुत भारी मन से कहना पड़ रहा है कि जिस देश में मां भगवती की पूजा होती है, वहां नारी के पास अधिकार नहीं है। पिछले कई दशकों से महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित हैं और आगे कब तक रहेंगी, यह नहीं पता। उस बिल में केवल यही था कि महिलाओं की भागीदारी संसद में बढ़ेगी और उनके लिए सीटें आरक्षित होंगी। वर्षों से केवल वादे किए जा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।"

रूपाली ने आगे कहा, "विपक्ष नहीं चाहता था कि महिलाएं सदन में आएं और देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें। कुछ लोगों के वोट न देने से महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिला।"

अभिनेत्री ने अपने सीरियल 'अनुपमा' का उल्लेख करते हुए कहा, "अनुपमा ने अपनी जिंदगी में कई बार सुना 'तुम सिर्फ घर संभालो' और संसद में भी 70 करोड़ महिलाओं को यही सुनाया गया। हम भूलते नहीं हैं, हम जल्दी माफी नहीं देते और हम वोट करना भी जानते हैं।" रूपाली के इस पोस्ट को यूजर्स का भी समर्थन मिल रहा है। उनका कहना है कि कुछ वोटों की कमी के कारण 30 साल का इंतजार और बढ़ गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाता है कि संसद में महिलाओं की भागीदारी को लेकर अभी भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण संशोधन बिल क्या है?
महिला आरक्षण संशोधन बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
क्यों यह बिल पास नहीं हुआ?
बिल को पास करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन इसे समर्थन में पर्याप्त वोट नहीं मिले।
रूपाली गांगुली ने इस पर क्या कहा?
रूपाली ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
महिला आरक्षण का महत्व क्या है?
महिला आरक्षण का उद्देश्य राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।
क्या सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है?
हाँ, रूपाली गांगुली के वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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