सरदार सिंह सूरी की प्रेरणादायक कहानी: टैक्सी बेचकर बनी फिल्म और प्रेम चोपड़ा को मिला ब्रेक
सारांश
Key Takeaways
- सरदार सिंह सूरी की मेहनत और समर्पण की कहानी प्रेरणादायक है।
- फिल्म “ए धरती पंजाब दी” ने प्रेम चोपड़ा को पहचान दिलाई।
- आर्थिक संकट के बावजूद सफलता के पीछे संघर्ष है।
- समाज सेवा में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण है।
- सरदार सिंह सूरी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
मुंबई, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म जगत में कई सितारों की यात्रा संघर्ष और सफलता की प्रेरणा देती है, लेकिन कुछ कहानियां वास्तव में दिल को छू लेने वाली होती हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक और कड़वी कहानी हैं निर्माता सरदार सिंह सूरी की, जिन्होंने अभिनेता प्रेम चोपड़ा को पहली बार बड़ा ब्रेक दिया। एक टैक्सी ड्राइवर से फिल्म निर्माता बनने का उनका सफर मेहनत, जज्बा और बलिदान से भरा हुआ है। अपनी तीन टैक्सियां बेचकर उन्होंने फिल्म “ए धरती पंजाब दी” का निर्माण किया, जो सुपरहिट साबित हुई और 9 अवॉर्ड जीते। फिर भी, इस सफलता के बाद भी उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। सरदार सिंह सूरी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।
9 अवॉर्ड जीतने वाली इस फिल्म के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि वह अवॉर्ड समारोह में जाने के लिए टिकट भी नहीं खरीद सके। सरदार सिंह सूरी का जन्म रावलपिंडी में हुआ था और देश के बंटवारे के बाद वे पहले पंजाब और फिर मुंबई आए। यहां उन्होंने टैक्सी चलाकर अपनी जिंदगी की शुरुआत की। कड़ी मेहनत से उन्होंने एक टैक्सी को तीन टैक्सियों में बदल दिया। लेकिन उनका सपना कुछ बड़ा करने का था। फिल्म निर्माण का शौक उन्हें हमेशा से आकर्षित करता रहा। अपने सपने को साकार करने के लिए उन्होंने अपनी तीनों टैक्सियां बेचकर उसी पैसे से पंजाबी फिल्म “ए धरती पंजाब दी” का निर्माण किया।
यह फिल्म प्रेम चोपड़ा की बतौर हीरो पहली फिल्म थी। प्रेम चोपड़ा ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई और इसने उन्हें पहली बड़ी पहचान दिलाई। फिल्म सुपरहिट रही और इसे कुल 9 अवॉर्ड भी मिले। लेकिन इस सफलता के पीछे एक दर्दनाक सच था। फिल्म की कमाई में उनके एक पार्टनर ने धोखाधड़ी की, जिससे सरदार सिंह सूरी को उनका उचित हिस्सा नहीं मिला। आर्थिक संकट इतना गहरा था कि अवॉर्ड मिलने के बावजूद वह समारोह में जाने के लिए टिकट तक नहीं खरीद सके।
इस घटना के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण से दूरी बना ली। हाल ही में प्रेम चोपड़ा ने सरदार सिंह सूरी की पुण्यतिथि पर मुंबई के चार बंगला गुरुद्वारा साहिब में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावुक होकर कहा, “सरदार सूरी साहब को मैं कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने मुझे मेरी पहली बड़ी ब्रेक दी। वह सिर्फ निर्माता नहीं थे, बल्कि एक बहुत नेक और सच्चे इंसान थे। सूरी साहब का जीवन संघर्ष, सादगी और मेहनत की बेहतरीन मिसाल है। उनका सफर आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
प्रेम चोपड़ा ने याद करते हुए बताया कि उस समय फिल्मों का बजट बहुत कम होता था और कलाकारों को भी कम पैसे मिलते थे, लेकिन फिल्म बनाना और काम करना बहुत मजेदार था। उन्होंने कहा, “इतने साल बाद जब इस फिल्म का गाना सुना तो सारी यादें ताजा हो गईं।”
सरदार सिंह सूरी केवल फिल्म निर्माता नहीं थे। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मुंबई के चार बंगला गुरुद्वारा साहिब के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो आज भी सिख समुदाय के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।