ट्विशा शर्मा मामले पर कंगना रनौत की अपील: 'हर लड़की को अपना हीरो खुद बनना होगा'

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ट्विशा शर्मा मामले पर कंगना रनौत की अपील: 'हर लड़की को अपना हीरो खुद बनना होगा'

सारांश

ट्विशा शर्मा मामले की पृष्ठभूमि में कंगना रनौत ने एक ज़रूरी सवाल उठाया — क्या भारतीय समाज सच में शादी के बाद बेटियों के साथ खड़ा रहता है? उनकी इंस्टाग्राम अपील महज़ एक बयान नहीं, बल्कि उस सोच को चुनौती है जो लड़कियों को करियर से पहले शादी की ओर धकेलती है।

मुख्य बातें

कंगना रनौत ने 19 मई को ट्विशा शर्मा मौत मामले पर इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिये प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि शादी से पहले आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं के लिए सबसे ज़रूरी है।
कंगना के अनुसार, 'हर लड़की को अपना हीरो खुद बनना होगा — कोई दूसरा बचाने नहीं आएगा।' उन्होंने भारतीय समाज पर सवाल उठाया कि वह शादी के बाद बेटियों का साथ छोड़ देता है।
कंगना ने महिलाओं को करियर और पहचान को किसी भी रिश्ते से ऊपर रखने की सलाह दी।

अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने ट्विशा शर्मा मौत मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए 19 मई को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ज़ोरदार बात रखी। उन्होंने कहा कि विवाह से पहले महिलाओं का करियर और आर्थिक स्वावलंबन किसी भी रिश्ते से अधिक महत्वपूर्ण है। यह बयान उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिये साझा किया।

मुख्य बात क्या कही कंगना ने

कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, 'लगभग हर दिन शादीशुदा महिलाओं से जुड़ी दुखद खबरें सामने आती हैं। कई बार जवान, पढ़ी-लिखी महिलाएं भी अपने माता-पिता से मदद की गुहार लगाती हैं कि वे उन्हें मुश्किल हालात से बाहर निकाल लें, लेकिन भारतीय समाज शादी के बाद बेटियों को छोड़ने के लिए बदनाम है।' उनकी यह टिप्पणी भारतीय पारिवारिक ढाँचे पर एक तीखा सवाल है।

आत्मनिर्भरता पर ज़ोर

कंगना ने कहा, 'जब एक महिला अपने पैरों पर खड़ी होती है, तब वह जिंदगी के फैसले ज्यादा आत्मविश्वास और मजबूती के साथ ले पाती है।' उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया, फैशन, डेटिंग और मेकअप की दुनिया अक्सर लड़कियों को बाहरी चीज़ों की ओर खींचती है, जबकि असली ताकत आत्मनिर्भर बनने में है। उनके अनुसार, 'महिलाओं के लिए उनका करियर और उनकी पहचान किसी भी रिश्ते से ज्यादा महत्वपूर्ण होनी चाहिए।'

समाज और परिवार पर सवाल

भाजपा सांसद ने कहा, 'हर लड़की को अपना हीरो खुद बनना होगा। जिंदगी में कोई दूसरा आकर किसी को बचाने नहीं वाला।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह ज्यादा ज़रूरी है कि एक महिला खुद क्या बनती है और अपनी ज़िंदगी किस तरह जीना चाहती है — बजाय इसके कि वह किससे शादी करती है। यह ऐसे समय में आया है जब ट्विशा शर्मा मामले ने विवाहित महिलाओं की सुरक्षा और परिवारों की भूमिका पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।

महिलाओं से अपील

कंगना ने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपनी पसंद की ज़िंदगी बनाएं और दूसरों की बातों में आकर अपने सपनों को पीछे न छोड़ें। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कंगना ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से मुखर रुख अपनाया है।

आगे क्या

ट्विशा शर्मा मामले में जाँच जारी है और कंगना की यह अपील सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गई है। महिला अधिकार संगठनों ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाई है और परिवारों से बेटियों के साथ खड़े रहने का आह्वान किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक सांसद के रूप में उनसे यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए कि क्या वे संसद में महिला रोज़गार, घरेलू हिंसा कानूनों को मज़बूत करने या बेटी बचाओ जैसी योजनाओं की जवाबदेही के लिए आवाज़ उठाती हैं। सोशल मीडिया पर प्रेरणादायक पोस्ट और नीतिगत सक्रियता दो अलग चीज़ें हैं। ट्विशा शर्मा जैसे मामले व्यक्तिगत आत्मनिर्भरता की कमी से नहीं, बल्कि प्रणालीगत विफलताओं से उपजते हैं — और उस पर बहस अभी बाकी है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने ट्विशा शर्मा मामले पर क्या कहा?
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिये कहा कि महिलाओं को शादी से पहले आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहिए और अपने करियर को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'हर लड़की को अपना हीरो खुद बनना होगा।'
ट्विशा शर्मा मामला क्या है?
ट्विशा शर्मा मामला एक विवाहित महिला की मौत से जुड़ा मामला है, जिसने देशभर में महिलाओं की सुरक्षा और परिवारों की भूमिका पर बहस छेड़ दी है। इस मामले में जाँच जारी है।
कंगना रनौत ने भारतीय समाज पर क्या सवाल उठाया?
कंगना ने कहा कि भारतीय समाज शादी के बाद बेटियों को छोड़ने के लिए बदनाम है। उनके अनुसार, पढ़ी-लिखी महिलाएं भी मुश्किल हालात में माता-पिता से मदद माँगती हैं, लेकिन परिवार अक्सर साथ नहीं देते।
कंगना रनौत ने महिलाओं को क्या सलाह दी?
कंगना ने महिलाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया, फैशन और डेटिंग की बजाय अपने करियर और आत्मनिर्भरता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि महिला की पहचान किसी भी रिश्ते से ज़्यादा महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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