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क्या कंगना रनौत ने विपक्ष पर भड़कीं? 'सदन में हंगामा करने वाले बिगड़े हुए शहजादे’

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क्या कंगना रनौत ने विपक्ष पर भड़कीं? 'सदन में हंगामा करने वाले बिगड़े हुए शहजादे’

सारांश

बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष के हंगामे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सदन की स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे 'बिगड़े हुए शहजादों' का व्यवहार बताया। जानिए क्या कहा उन्होंने!

मुख्य बातें

सदन में हंगामे का प्रभावी समाधान जरूरी है।
कंगना रनौत ने विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी।
लोकतंत्र में चर्चा का माहौल होना चाहिए।
हंगामा करने वालों को जनता के हित का ध्यान रखना चाहिए।
संसद की गरिमा को बनाए रखना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 21 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को हटाने वाले बिल पर विपक्ष के जोरदार हंगामे पर हैरानी जताई। मानसून सत्र के आखिरी दिन मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी।

कंगना रनौत ने कहा, “सत्र का आखिरी दिन था। अध्यक्ष ने कहा कि ये सत्र जैसा गया वैसा अपेक्षित नहीं था। हमें (सत्ता पक्ष) 120 घंटे की चर्चा करनी थी, कई विषयों पर चर्चा करनी थी, लेकिन कुछ भी नहीं हो पाया। बहुत ही कम सवालों के मौखिक जवाब दिए जा सके। स्पीकर ने हंगामा करने वालों को भी काफी फटकार लगाई है। इस व्यवहार से जनता के साथ देश का भी काफी नुकसान होता है।”

उन्होंने आगे कहा, “जो लोग कह रहे हैं कि वोट्स फर्जी होते हैं या गड़बड़ी है, उनसे मैं कहना चाहूंगी कि एसआईआर प्रक्रिया तो पुरानी सरकारों के दौर में भी चलती थी। अब कोशिश उसे सेनेटाइज करने की हो रही है। चाहे वो घुसपैठिये हों, फेक वोटर्स हों या डबल वोटर्स हों, सबकी पहचान जरूरी है। मैं पूछना चाहूंगी कि अगर उचित कार्य हो रहा है तो इनमें जलन क्यों हो रही है? इन्हें तो हमारा साथ देना चाहिए। इस तरह से हंगामा करना, बेतुकी बातें करना, किसी तरह का एक्शन भी नहीं लेना, सॉरी भी नहीं बोलना, तो मैं तो कहूंगी ये बिगड़े हुए शहजादे हैं।”

बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री पर विपक्ष की ओर से कागज के गोले बनाकर फेंके गए। इसको भी कंगना रनौत ने बेहद शर्मनाक बताया था। उन्होंने कहा, “संसद में जो हुआ, जिस तरह का दृश्य हमने देखा, वह किसी भी सभ्य समाज को शर्मिंदा कर देगा। जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में विधेयक पेश कर रहे थे, तब विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने उनका माइक हटाने की कोशिश की। उन्होंने विधेयक को फाड़कर गृह मंत्री अमित शाह के मुंह पर फेंक दिया। संसद के भीतर कब तक ऐसा चलता रहेगा, यह सबसे बड़ी चिंता का विषय है।”

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि हंगामा। ऐसे में सभी पक्षों को मिलकर काम करने और लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने किस मुद्दे पर बयान दिया?
कंगना रनौत ने विपक्ष के हंगामे पर बयान दिया, जिसमें उन्होंने इसे 'बिगड़े हुए शहजादे' का व्यवहार बताया।
सदन में हंगामे का क्या असर होता है?
सदन में हंगामा होने से विधायिका के कामकाज में रुकावट आती है, जिससे जनता के मुद्दे अनसुने रह जाते हैं।
कंगना रनौत ने किसके खिलाफ अपनी नाराजगी जताई?
कंगना ने विपक्ष के सांसदों के व्यवहार और उनकी कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई।
क्या कंगना ने किसी और मुद्दे पर टिप्पणी की?
हां, उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता पर भी टिप्पणी की।
कंगना का राजनीतिक दृष्टिकोण क्या है?
कंगना ने हमेशा से ही अपने विचारों को स्पष्ट रूप से रखा है और वे राजनीति में अनुशासन और विचार-विमर्श की आवश्यकता पर जोर देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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