महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का भस्म स्नान और अभिषेक, भक्तों की उमड़ी भीड़
सारांश
Key Takeaways
- महाकालेश्वर मंदिर में भव्य भस्म आरती का आयोजन होता है।
- बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार भक्तों को आकर्षित करता है।
- मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
- महाकालेश्वर भारत के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
- यह मंदिर दक्षिणमुखी स्वयंभू शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है।
उज्जैन, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार किया गया। इसे देखने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी थीं। देश-विदेश से आए श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन और उनके विशेष शृंगार को देखने के लिए उत्सुक दिखे।
सुबह ४ बजे की प्रसिद्ध भस्म आरती के समय मंदिर परिसर पूरी तरह से भक्तों से भर गया। परिसर में 'जय महाकाल' के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और आस्था की झलक दिखाई दी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा की जाती है। इस आरती में महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। आरती के बाद बाबा का जलाभिषेक किया गया, पंचामृत से पूजा हुई, और पवित्र भस्म से उनका विशेष स्नान भी कराया गया।
अभिषेक के पश्चात भस्म आरती का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बाबा को भस्म चढ़ाई गई और आरती उतारी गई। इसके बाद बाबा का विशेष शृंगार किया गया, जिसमें महाकाल का मुखारविंद (कमल के समान सुंदर मुख) को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया। बाबा के माथे पर स्पष्ट त्रिपुंड और चंद्रमा सुसज्जित किया गया; नवीन मुकुट पहनाकर बाबा को फूलों की माला पहनाई गई। साथ ही ताजा बिल्वपत्र चढ़ाए गए और रंग-बिरंगे फूलों की मालाओं ने पूरे शृंगार को और भी आकर्षक बना दिया। यह दृश्य देखकर हर किसी का मन प्रसन्न हो गया।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भारत के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे विशेष महत्व दिया जाता है। यह दुनिया का एकमात्र दक्षिणमुखी स्वयंभू शिवलिंग है।
भगवान शिव यहां 'कालों के काल महाकाल' के रूप में विराजमान हैं। महाकाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। मंदिर की वास्तुकला में कई शैलियों का भव्य संगम देखने को मिलता है। यहां ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली अलौकिक भस्म आरती के दर्शन हेतु भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।