10 अगस्त 2026
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नेगोंबो जेल हिंसा: ₹10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की संपत्ति नष्ट, 32 की मौत के बाद राष्ट्रपति ने बुलाई आपात बैठक

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नेगोंबो जेल हिंसा: ₹10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की संपत्ति नष्ट, 32 की मौत के बाद राष्ट्रपति ने बुलाई आपात बैठक

सारांश

श्रीलंका की नेगोंबो जेल में ड्रग्स विवाद से भड़की हिंसा ने 32 जानें लीं, 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति तबाह की और 100 साल पुरानी जेल को बंद करने पर मजबूर किया। अब राष्ट्रपति दिसानायके देश की सभी 33 जेलों के लिए नया संयुक्त सुरक्षा तंत्र बना रहे हैं।

मुख्य बातें

5-6 जुलाई 2026 को नेगोंबो केंद्रीय जेल में कैदियों के दो गुटों के बीच ड्रग्स विवाद को लेकर हिंसक दंगा भड़का।
हिंसा में 32 लोगों की मौत और 100 से अधिक घायल; 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये से अधिक की संपत्ति और रिकॉर्ड नष्ट।
100 साल से अधिक पुरानी नेगोंबो जेल बंद; सभी कैदी अन्य जेलों में स्थानांतरित किए गए।
राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति सचिवालय में आपात बैठक बुलाई।
देश की सभी 33 जेलों के लिए जेल प्रशासन, पुलिस, विशेष कार्यबल और सशस्त्र बलों का संयुक्त सुरक्षा तंत्र बनाने का निर्णय।

श्रीलंका की नेगोंबो केंद्रीय जेल में 5-6 जुलाई 2026 को भड़की भीषण हिंसा में 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये से अधिक की जेल संपत्ति और कैदियों के पंजीकरण रिकॉर्ड क्षतिग्रस्त हो गए। जेल विभाग के अनुसार, कैदियों के दो विरोधी गुटों के बीच शुरू हुई यह झड़प देखते-देखते हिंसक दंगे में बदल गई, जिसमें 32 लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक घायल हुए।

हिंसा की जड़: ड्रग्स विवाद

श्रीलंका के डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, झड़प की शुरुआत ड्रग्स तस्करी को लेकर हुई। 5 जुलाई 2026 की शाम एक गुट ने कथित तौर पर दूसरे गुट की ड्रग्स स्मगलिंग योजना की सूचना जेल अधिकारियों को दे दी। इससे दूसरा गुट भड़क गया और अगले दिन 6 जुलाई की सुबह दोनों गुट आमने-सामने आ गए। कैदियों ने तैनात गार्डों से हथियार छीन लिए और जेल का गेट तोड़ने का प्रयास किया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बावजूद स्थिति काबू से बाहर हो गई।

100 साल पुरानी जेल बंद, कैदी स्थानांतरित

हिंसा की भयावहता को देखते हुए 100 वर्ष से अधिक पुरानी नेगोंबो केंद्रीय जेल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। सभी कैदियों को देश की अन्य जेलों में स्थानांतरित किया गया। इस दौरान जेल की भौतिक संपत्ति के साथ-साथ कैदियों के महत्वपूर्ण पंजीकरण रिकॉर्ड भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए, जिससे प्रशासनिक संकट और गहरा हो गया।

राष्ट्रपति की आपात बैठक और नया सुरक्षा तंत्र

नेगोंबो जेल की घटना के बाद श्रीलंका की अन्य जेलों में भी कई दंगे भड़के। बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति सचिवालय में एक विशेष समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में देश की सभी 33 जेलों की सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक संयुक्त तंत्र बनाने का निर्णय लिया गया।

इस संयुक्त तंत्र में जेल प्रशासन, पुलिस, विशेष कार्यबल और आवश्यकता पड़ने पर सशस्त्र बलों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य कैदियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों और आपात स्थितियों पर त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

व्यापक संदर्भ: जेल प्रणाली पर दबाव

यह ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका की जेल प्रणाली पर भारी भीड़भाड़ और संसाधनों की कमी का दबाव पहले से बना हुआ है। गौरतलब है कि नेगोंबो जेल में हुई यह हिंसा देश की जेल व्यवस्था में ड्रग्स नेटवर्क की गहरी पैठ को भी उजागर करती है। राष्ट्रपति दिसानायके की बैठक में लिए गए फैसले यह संकेत देते हैं कि सरकार जेल सुधार को अब प्राथमिकता पर रखने के लिए बाध्य हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह स्वागत योग्य है — लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह सुधार केवल प्रतिक्रियात्मक है या इसमें जेलों की भीड़भाड़ और ड्रग्स की आपूर्ति श्रृंखला तोड़ने की दीर्घकालिक रणनीति भी शामिल होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेगोंबो जेल में हिंसा क्यों हुई?
डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की जड़ ड्रग्स तस्करी विवाद था। एक गुट ने दूसरे गुट की ड्रग्स स्मगलिंग योजना की सूचना जेल अधिकारियों को दे दी, जिससे भड़के दूसरे गुट ने 6 जुलाई की सुबह हमला कर दिया और गार्डों से हथियार छीन लिए।
नेगोंबो जेल हिंसा में कितनी मौतें हुईं और नुकसान कितना हुआ?
5-6 जुलाई 2026 को हुई इस हिंसा में 32 लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक घायल हुए। जेल विभाग के अनुसार 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये से अधिक की संपत्ति और कैदियों के पंजीकरण रिकॉर्ड भी क्षतिग्रस्त हुए।
नेगोंबो जेल के बाद श्रीलंका सरकार ने क्या कदम उठाए?
राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति सचिवालय में विशेष बैठक बुलाई। बैठक में देश की सभी 33 जेलों के लिए जेल प्रशासन, पुलिस, विशेष कार्यबल और सशस्त्र बलों को मिलाकर एक संयुक्त सुरक्षा तंत्र बनाने का निर्णय लिया गया।
नेगोंबो केंद्रीय जेल का क्या हुआ?
हिंसा के बाद 100 साल से अधिक पुरानी नेगोंबो केंद्रीय जेल को तत्काल बंद कर दिया गया। सभी कैदियों को श्रीलंका की अन्य जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
क्या नेगोंबो के बाद अन्य जेलों में भी दंगे हुए?
हाँ, रिपोर्टों के अनुसार नेगोंबो जेल की घटना के बाद श्रीलंका की अन्य जेलों में भी कई दंगे हुए, जिसके कारण राष्ट्रपति को देशव्यापी जेल सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलानी पड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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