23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

श्रीलंका ईस्टर बम धमाके: 15 दोषियों को 200–260 साल तक की सजा, संपत्ति जब्ती का भी आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
श्रीलंका ईस्टर बम धमाके: 15 दोषियों को 200–260 साल तक की सजा, संपत्ति जब्ती का भी आदेश

सारांश

पाँच साल लंबे मुकदमे का अंत — श्रीलंका की उच्च न्यायालय पीठ ने 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों में 15 दोषियों को 200 से 260 साल तक की सजा सुनाई। 267 मौतें और ~600 घायल — इस फैसले से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन खुफिया चूक के सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।

मुख्य बातें

श्रीलंका उच्च न्यायालय ने 2019 ईस्टर संडे बम धमाकों में 15 आरोपियों को दोषी ठहराया और 200 से 260 साल तक की सजा सुनाई।
हमलों में 267 लोगों की मौत हुई थी और लगभग 600 घायल हुए थे, जिनमें 42 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
कुल 24 आरोपियों में से 9 बरी हुए; एक की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई; मामले में 23,270 आरोप दर्ज थे।
सजा भूमिका के अनुसार दी गई: 5 को 200 साल , 5 को 220 साल , 4 को 240 साल , 1 को 260 साल ।
अदालत ने दोषियों की संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया।
जुलाई 2026 में एक पूर्व पुलिस प्रमुख और रक्षा मंत्रालय के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को चेतावनी पर कार्रवाई न करने के लिए मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।

श्रीलंका की एक तीन-न्यायाधीशों वाली उच्च न्यायालय पीठ ने 21 अप्रैल 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 15 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें 200 से 260 साल तक की जेल की सजा दी। इन हमलों में 267 लोगों की जान गई थी और लगभग 600 लोग घायल हुए थे। अदालत ने सजा के साथ-साथ दोषियों की संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है।

मुकदमे का घटनाक्रम

यह मामला 2021 में शुरू हुआ था, जब 25 आरोपियों के खिलाफ 23,270 आरोप दर्ज किए गए थे। इनमें हत्या, आतंकवादी साजिश और आग्नेयास्त्रों तथा विस्फोटकों से जुड़े अपराध शामिल थे। लगभग पाँच साल तक चली सुनवाई के बाद 24 आरोपियों में से 15 को दोषी ठहराया गया, जबकि 9 को बरी कर दिया गया। एक अन्य आरोपी की फैसले से पहले ही मृत्यु हो गई थी। सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहे और अदालत परिसर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

भूमिका के अनुसार अलग-अलग सजा

अदालत ने दोषियों को उनकी भागीदारी के आधार पर अलग-अलग दंड दिया। पाँच दोषियों को 200-200 साल, पाँच को 220-220 साल, चार को 240-240 साल और एक को 260 साल की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सजा तय करते समय सभी सात विस्फोटों — तीन चर्च, तीन होटल और एक मोटल — को ध्यान में रखा गया। गौरतलब है कि दोषी ठहराए गए किसी भी व्यक्ति को सीधे हमला करने वाला आत्मघाती हमलावर नहीं माना गया, क्योंकि सभी हमलावर धमाकों में ही मारे गए थे।

हमले का स्वरूप और आईएस से संबंध

21 अप्रैल 2019 को ईस्टर के पावन अवसर पर कोलंबो और अन्य शहरों में तीन चर्चों और तीन प्रमुख होटलों को निशाना बनाकर एक साथ आत्मघाती बम धमाके किए गए थे। इनमें 42 विदेशी नागरिक भी मारे गए थे। हमले इस्लामिक स्टेट से प्रेरित श्रीलंका के दो स्थानीय इस्लामी उग्रवादी संगठनों से जुड़े बताए गए। अदालत में पेश एक वीडियो में — जिसे हमलों से एक दिन पहले एक आत्मघाती हमलावर ने रिकॉर्ड किया था — हमलावरों ने चेहरे ढके हुए थे और तत्कालीन इस्लामिक स्टेट प्रमुख अबू बक्र अल-बगदादी के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी। अभियोजन पक्ष ने कहा कि हमलों का उद्देश्य ईसाई श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को निशाना बनाना था।

खुफिया चूक और पूर्व अधिकारियों की सजा

ईस्टर धमाकों के बाद श्रीलंका की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। एक संसदीय समिति ने पाया था कि पुलिस और खुफिया अधिकारियों को हमलों की पूर्व चेतावनी मिली थी, लेकिन उस पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी संदर्भ में जुलाई 2026 में श्रीलंका के एक पूर्व पुलिस प्रमुख और रक्षा मंत्रालय के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को विदेशी खुफिया चेतावनियों पर समय पर कार्रवाई न करने के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालाँकि, 1976 के बाद से श्रीलंका में किसी को फाँसी नहीं दी गई है और मृत्युदंड को सामान्यतः आजीवन कारावास में बदल दिया जाता है।

आगे की राह

यह फैसला श्रीलंका के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो देश के सबसे भीषण आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिजनों के लिए न्याय की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका अपनी सुरक्षा संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर अभी भी जूझ रहा है। दोषी पक्ष द्वारा ऊपरी अदालत में अपील की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सबसे बड़ी सीमा यह है कि दोषी ठहराए गए सभी 15 लोग सहयोगी या षड्यंत्रकारी थे — हमला करने वाले आत्मघाती हमलावर अदालत की पहुँच से बाहर हैं। असली खलनायक — जिन्होंने इस नेटवर्क को वित्त, हथियार और विचारधारा दी — अब भी आंशिक रूप से अज्ञात हैं। इससे भी बड़ा सवाल जवाबदेही का है: खुफिया चेतावनियाँ थीं, फिर भी 267 लोग मारे गए। जुलाई 2026 में अधिकारियों को दी गई मौत की सजा प्रतीकात्मक रूप से ज़रूरी थी, लेकिन संस्थागत सुधार के बिना यह सिर्फ दंड है, बदलाव नहीं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीलंका ईस्टर बम धमाका क्या था?
21 अप्रैल 2019 को ईस्टर के अवसर पर श्रीलंका में तीन चर्चों और तीन प्रमुख होटलों पर एक साथ आत्मघाती बम धमाके किए गए थे। इन हमलों में 267 लोगों की मौत हुई और लगभग 600 घायल हुए, जिनमें 42 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। हमले इस्लामिक स्टेट से प्रेरित दो स्थानीय उग्रवादी संगठनों से जुड़े बताए गए।
2019 ईस्टर धमाके में कितने लोगों को दोषी ठहराया गया और क्या सजा मिली?
श्रीलंका उच्च न्यायालय ने 15 आरोपियों को दोषी ठहराया। उनकी भूमिका के अनुसार 5 को 200 साल, 5 को 220 साल, 4 को 240 साल और 1 को 260 साल की जेल की सजा दी गई। अदालत ने दोषियों की संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया।
क्या सभी आरोपी दोषी ठहराए गए?
नहीं। 25 में से 24 आरोपियों पर मुकदमा चला, जिनमें से 15 को दोषी ठहराया गया और 9 को आरोप साबित न होने पर बरी कर दिया गया। एक अन्य आरोपी की मुकदमा पूरा होने से पहले ही मृत्यु हो गई थी।
श्रीलंका के पूर्व पुलिस प्रमुख को इस मामले में सजा क्यों दी गई?
जुलाई 2026 में एक पूर्व पुलिस प्रमुख और रक्षा मंत्रालय के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को विदेशी खुफिया चेतावनियों पर समय रहते कार्रवाई न करने के लिए मौत की सजा सुनाई गई। एक संसदीय समिति ने पाया था कि हमलों की पूर्व सूचना मिलने के बावजूद पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
क्या श्रीलंका में मौत की सजा वास्तव में दी जाती है?
श्रीलंका में 1976 के बाद से किसी को फाँसी नहीं दी गई है। आम तौर पर मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदल दिया जाता है, इसलिए इस मामले में दी गई मौत की सजाएँ व्यावहारिक रूप से उम्रकैद में तब्दील होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले