क्या नेपाल ने बाढ़ प्रभावित श्रीलंका को 2,00,000 डॉलर की सहायता देने की घोषणा की?
सारांश
Key Takeaways
- नेपाल ने श्रीलंका को 2,00,000 डॉलर की सहायता दी।
- श्रीलंका में बाढ़ ने व्यापक जनहानि की।
- नेपाली सरकार ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
- श्रीलंका सरकार ने आपातकाल की घोषणा की।
- बचाव अभियान के लिए 20,500 सैनिक तैनात किए गए।
काठमांडू, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल सरकार ने रविवार को श्रीलंका में राहत और पुनर्वास के लिए 2,00,000 डॉलर की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। हाल ही में आई बाढ़ ने श्रीलंका को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जान गई है।
श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने बताया कि देश में पिछले कई वर्षों में आई सबसे भीषण मौसम संबंधी आपदा के कारण कम से कम 212 लोगों की मौत हुई है और 218 लोग लापता हैं।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने वित्तीय सहायता की घोषणा करते हुए श्रीलंका की सरकार और जनता के प्रति गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है। विनाशकारी बाढ़ के कारण देशभर में व्यापक जनहानि और क्षति हुई है।
बयान में कहा गया है कि द्विपक्षीय संबंधों की भावना के अनुरूप, नेपाल इस कठिन समय में श्रीलंका के साथ खड़ा है। नेपाल सरकार शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है।
श्रीलंका सरकार ने आपातकाल की घोषणा की है और अंतर्राष्ट्रीय सहायता की अपील की है। वहीं, विदेशों में रह रहे श्रीलंकाई लोगों से भी प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए धन दान करने का आग्रह किया गया है।
चक्रवात दितवाह के कारण भारी बारिश और बाढ़ ने श्रीलंका के कई हिस्सों में तबाही मचाई है।
आपदा प्रबंधन केंद्र ने कहा है कि आने वाले दिनों में चक्रवात के कारण और भी भारी बारिश की संभावना है।
श्रीलंका के डेली मिरर के अनुसार, नदियों का जलस्तर ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है, जिसके कारण कई शहर जलमग्न हो गए हैं, प्रमुख पुल बह गए हैं और महत्वपूर्ण ढांचा ध्वस्त हो गया है, जिससे तबाही का स्तर बढ़ गया है।
डेली मिरर के अनुसार, बचाव अभियान के लिए 20,500 से अधिक सैनिकों को तैनात किया गया है। अकेले शनिवार को ही सेना ने लगभग 3,790 लोगों को बचाया और उन्हें सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाया।