डेंगू नियंत्रण में भारत का सहयोग: श्रीलंका को 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान सौंपा, कुल सहायता $7.5 अरब पार
सारांश
मुख्य बातें
भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने 4 अगस्त 2026 को कोलंबो में श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा को 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान (एक प्रभावी कीटनाशक रसायन) भेंट किया, जो डेंगू मच्छरों के उन्मूलन में उपयोग किया जाता है। यह सहायता ऐसे समय दी गई है जब श्रीलंका के अस्पताल डेंगू रोगियों से अभी भी भरे हुए हैं, हालाँकि दैनिक मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
उच्चायुक्त संतोष झा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस सहायता की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'भारत डेंगू के खिलाफ लड़ाई में श्रीलंका के साथ खड़ा है। भारत सरकार और जनता की ओर से उपहार के रूप में 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा को सौंपकर खुशी हुई। इससे श्रीलंका में चल रहे डेंगू नियंत्रण प्रयासों को बल मिलेगा।' यह कदम दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का हिस्सा है।
श्रीलंका में डेंगू की स्थिति
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, श्रीलंका में डेंगू के दैनिक मामले जो एक समय 1,000 के करीब पहुँच गए थे, अब घटकर लगभग 500 रह गए हैं। हालाँकि, यह गिरावट राहत की पूरी तस्वीर नहीं है। गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (GMOA) के सचिव प्रभात सुगतदासा ने कहा कि डेंगू पीक सीज़न की तुलना में भीड़ में थोड़ी कमी आई है, लेकिन अस्पतालों में अब भी बड़ी संख्या में मरीज़ उपचार के लिए आ रहे हैं, जो चिंताजनक है। कई सरकारी अस्पतालों के डेंगू वार्ड अपनी क्षमता से अधिक मरीज़ों का इलाज कर रहे हैं।
भारत की व्यापक सहायता का संदर्भ
यह सहायता भारत-श्रीलंका संबंधों की एक बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। 27 जुलाई को उच्चायुक्त झा ने बताया था कि श्रीलंका में विकास परियोजनाओं के लिए भारत की कुल सहायता $7.5 अरब से अधिक हो गई है, जिसमें $850 मिलियन से अधिक का अनुदान शामिल है। ये परियोजनाएँ श्रीलंका के सभी 25 जिलों में फैली हैं और आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे, ऊर्जा तथा आजीविका के क्षेत्रों को कवर करती हैं।
हालिया द्विपक्षीय समझौते
इससे पहले 14 जुलाई को उच्चायुक्त संतोष झा और श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव अनिल जासिंघे ने देनियाया के बेस अस्पताल में चिकित्सा उपकरण आपूर्ति के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत भारत सरकार SLR 600 मिलियन का अनुदान प्रदान करेगी। यह अस्पताल आपदा-प्रभावित क्षेत्र में स्थित होने के कारण स्थानांतरित किया जा रहा है, और इस लक्ष्य को 3 वर्षों में पूरा करने की योजना है।
आगे की राह
गौरतलब है कि भारत ने पड़ोसी देशों में स्वास्थ्य संकट के दौरान हमेशा तत्परता से सहायता प्रदान की है। टेक्निकल मैलाथियान की यह आपूर्ति श्रीलंका के डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम को मज़बूत करेगी, और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मच्छर-नियंत्रण अभियान को जन-जागरूकता से जोड़ा जाए तो मामलों में और तेज़ी से गिरावट संभव है।