टीबी मुक्त भारत अभियान: जेपी नड्डा ने दिल्ली के साथ समीक्षा बैठक की, डेंगू तैयारियों का भी लिया जायज़ा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में दिल्ली सरकार के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान और 100 दिवसीय अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के तहत उल्लेखनीय प्रगति हुई है, परंतु प्रयासों और परिणामों के बीच शेष खाई को पाटने के लिए व्यापक जन भागीदारी अनिवार्य है। इसी दिन उन्होंने मानसून से पूर्व दिल्ली में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की।
जन आंदोलन की ज़रूरत
नड्डा ने रेखांकित किया कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य प्रणाली के बूते संभव नहीं है। उन्होंने समुदायों, जन प्रतिनिधियों और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी से एक सच्चे जन आंदोलन का आह्वान किया। उनका कहना था कि जब तक समाज का हर वर्ग इस मुहिम से नहीं जुड़ता, तब तक लक्ष्य अधूरा रहेगा।
जन प्रतिनिधियों की भूमिका
स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सांसदों, विधायकों और नगर पार्षदों को उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में टीबी के बोझ, उभरती चुनौतियों और लागू किए जा रहे समाधानों के बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, और उनकी सक्रिय भागीदारी जमीनी स्तर पर अभियान के क्रियान्वयन को काफी मज़बूत कर सकती है। नड्डा ने यह भी निर्देश दिया कि अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक वार्ड में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी नियुक्त किया जाए।
तकनीक और एआई का उपयोग
केंद्रीय मंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से एकीकृत हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की संख्या बढ़ाने के लिए सहायता देने की घोषणा की, ताकि टीबी का शीघ्र निदान और मामलों की पहचान में तेज़ी लाई जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2025 तक टीबी उन्मूलन के अपने राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है — जो वैश्विक लक्ष्य से पाँच वर्ष पहले है। गौरतलब है कि भारत वैश्विक टीबी मामलों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले देशों में से एक है, इसलिए तकनीकी हस्तक्षेप की यह पहल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
डेंगू तैयारियों की समीक्षा
मानसून के मौसम से पहले डेंगू की रोकथाम के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महामारी विज्ञान की बदलती स्थिति, स्वास्थ्य संस्थानों और नागरिक एजेंसियों की तैयारियों का आकलन किया गया। नड्डा को देश भर में — और विशेष रूप से दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में — किए गए तैयारी के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
दिल्ली की कार्य योजना
बैठक में दिल्ली के लिए एक व्यापक कार्य योजना प्रस्तुत की गई, जिसमें रोग निगरानी, वेक्टर प्रबंधन, मामलों की पहचान, नैदानिक प्रबंधन और जन जागरूकता को सुदृढ़ करने के प्रमुख उपाय शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, क्रियान्वयन सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर आधारित होगा — केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय मिलकर काम करेंगे। आने वाले हफ्तों में इन योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।