राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2025: नड्डा की अपील — सामुदायिक भागीदारी से ही जीतेंगे डेंगू की जंग
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 16 मई 2025 को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर देशवासियों से डेंगू के प्रति सजग रहने और सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि साफ-सफाई, जलभराव रोकना और सुरक्षित वातावरण बनाए रखना डेंगू नियंत्रण की नींव है। केंद्र सरकार निगरानी, जाँच, उपचार और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस मोर्चे को निरंतर मजबूत कर रही है।
मंत्री नड्डा का संदेश
नड्डा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर, आइए हम सब मिलकर डेंगू की रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाएं और अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखें। भारत सरकार बेहतर निगरानी, जाँच, उन्नत उपचार और जागरूकता अभियानों के माध्यम से डेंगू नियंत्रण को लगातार सुदृढ़ कर रही है।' उन्होंने इस वर्ष की थीम — 'डेंगू नियंत्रण के लिए सामुदायिक भागीदारी: जाँचें, साफ करें और ढकें' — का उल्लेख करते हुए कहा कि यह थीम इस बात की याद दिलाती है कि डेंगू को हराने के लिए सामुदायिक प्रयास ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।
राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'सावधानी, स्वच्छता, सजगता और समय पर उपचार से डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। आइए, राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर संकल्प लें कि अपने घर, आसपास और समाज को स्वच्छ रखें, कहीं भी जलभराव न होने दें।'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'डेंगू को जागरूकता से ही रोका जा सकता है। आइए, हम सभी डेंगू की रोकथाम हेतु जनजागरूकता के प्रसार का संकल्प लें और साथ ही अपने घरों के आसपास स्वच्छता रखें।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर अपील की कि स्वच्छता, सतर्कता और समय पर उपचार ही डेंगू से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं, और नागरिकों से 'स्वस्थ राजस्थान, सुरक्षित राजस्थान' के निर्माण में सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, 'जागरूकता और सतर्कता ही डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। अपने आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें।' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी नागरिकों से संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा, 'स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ जीवन का आधार है।'
डेंगू नियंत्रण में सरकार की रणनीति
केंद्र सरकार ने डेंगू नियंत्रण के लिए बहुस्तरीय दृष्टिकोण अपनाया है — जिसमें उन्नत निगरानी तंत्र, त्वरित जाँच सुविधाएँ, बेहतर उपचार प्रोटोकॉल और जन-जागरूकता अभियान शामिल हैं। राष्ट्रीय डेंगू दिवस प्रतिवर्ष 16 मई को मनाया जाता है, जो मानसून-पूर्व काल में डेंगू के प्रति सतर्कता बढ़ाने का अवसर है — क्योंकि जुलाई से अक्टूबर के बीच एडीज मच्छर के प्रजनन की दर सर्वाधिक होती है।
गौरतलब है कि भारत में डेंगू के मामले पिछले कुछ वर्षों में शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तेज़ी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों का प्रजनन सबसे अधिक होता है, इसलिए सामुदायिक स्तर पर सफाई अभियान सबसे कारगर उपाय है।
आम जनता के लिए ज़रूरी सावधानियाँ
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर के आसपास कूलर, गमले, टायर और किसी भी बर्तन में पानी जमा न होने दें। पूरी बाँह के कपड़े पहनें और मच्छर-रोधी उपाय अपनाएँ। बुखार, जोड़ों में दर्द या शरीर पर चकत्ते दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। इस वर्ष की थीम — 'जाँचें, साफ करें और ढकें' — इन्हीं तीन सरल किंतु प्रभावी कदमों को रेखांकित करती है।
आगे की राह
केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर मानसून से पहले डेंगू-रोधी अभियान तेज़ करने की दिशा में काम कर रही हैं। जन-भागीदारी को इस लड़ाई की धुरी मानते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थानीय निकायों और पंचायतों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नागरिक स्तर पर जागरूकता और सफाई को आदत बनाया जाए, तो डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।