उधमपुर डियर रेस्क्यू पार्क में गर्मी से बचाव के पुख्ता इंतजाम, स्प्रिंकलिंग से लेकर साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच तक
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर स्थित डियर रेस्क्यू पार्क में बढ़ती गर्मी के मद्देनज़र वन विभाग ने हिरणों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। 16 मई को मिली जानकारी के अनुसार, पार्क में 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था लागू है और जानवरों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए बहुस्तरीय उपाय अपनाए जा रहे हैं।
जल-प्रबंधन और शीतलन व्यवस्था
वाइल्डलाइफ रेंज ऑफिसर महेश अबरोल ने बताया कि पूरे परिसर में स्प्रिंकलर सिस्टम के ज़रिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाता है, जिससे वातावरण का तापमान नियंत्रित रहता है। उन्होंने कहा, 'पानी के बिना जीवन संभव नहीं है, इसलिए यह सबसे जरूरी सुविधा है।' इसके साथ ही जानवरों को समय-समय पर साफ और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराया जाता है।
साप्ताहिक चिकित्सा जांच और विशेष आहार
अबरोल के अनुसार, हर सप्ताह पशु चिकित्सक पार्क में आकर सभी जानवरों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं। किसी भी जानवर में बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाता है। गर्मी के मौसम में जानवरों को विशेष आहार दिया जाता है, जिसमें शरीर को ठंडा रखने वाले फल और पोषक तत्व शामिल होते हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें ग्लूकोज और अन्य आवश्यक पोषण-पूरक भी दिए जाते हैं।
विशेष चारे की व्यवस्था
रेंज ऑफिसर ने बताया कि जानवरों के लिए जम्मू और अन्य स्थानों से विशेष चारा मंगाया जाता है, जिसे वन विभाग उपलब्ध कराता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक जानवर को संतुलित और पर्याप्त आहार मिले, ताकि गर्मी के दौरान उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।
चौबीसों घंटे निगरानी और आपात प्रबंधन
पूरे रेस्क्यू सेंटर में 24 घंटे प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात रहते हैं जो जानवरों की लगातार निगरानी करते हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अबरोल ने बताया कि हाल ही में एक हिरण के बीमार पड़ने पर तुरंत दवा दी गई और पशु चिकित्सक की मदद से उसका उपचार किया गया, जिसके बाद उसकी स्थिति में सुधार आया।
आगे की योजना
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम के दौरान ये सभी व्यवस्थाएं निरंतर जारी रहेंगी। उधमपुर डियर रेस्क्यू पार्क जम्मू-कश्मीर में वन्यजीव संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और विभाग इसे आदर्श रेस्क्यू सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।