मजीठा में कांग्रेस को झटका: परमजीत पम्मा समेत 5 वरिष्ठ नेता आम आदमी पार्टी में शामिल

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मजीठा में कांग्रेस को झटका: परमजीत पम्मा समेत 5 वरिष्ठ नेता आम आदमी पार्टी में शामिल

सारांश

पंजाब के मजीठा में कांग्रेस के 5 वरिष्ठ नेताओं ने भगवंत मान की मौजूदगी में AAP की सदस्यता ली — 2027 चुनाव से पहले यह दलबदल क्षेत्र में कांग्रेस के संगठनात्मक आधार के लिए सीधी चुनौती है।

मुख्य बातें

परमजीत सिंह पम्मा , पलविंदर सिंह पाली , जगदीप सिंह गोगा , अपरमदीप दीप सिंह अप्पू और अमनदीप सिंह — मजीठा के 5 वरिष्ठ कांग्रेस नेता — 16 मई 2025 को AAP में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP नेता तलबीर सिंह गिल की उपस्थिति में औपचारिक सदस्यता दी गई।
मान ने कहा कि नीति आयोग रैंकिंग में पंजाब शिक्षा में देशभर में पहले स्थान पर है।
99% सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर और शिक्षकों को फिनलैंड भेजने की पहल का उल्लेख किया गया।
AAP ने इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताया।

पंजाब के मजीठा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है, जब 16 मई 2025 को पार्टी के पाँच वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। इन नेताओं ने AAP सरकार की नीतियों और कार्यशैली को अपने दलबदल का कारण बताया।

कौन-कौन हुए शामिल

मजीठा से परमजीत सिंह पम्मा, पलविंदर सिंह पाली, जगदीप सिंह गोगा, अपरमदीप दीप सिंह अप्पू और अमनदीप सिंह अपने-अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस कार्यक्रम में मजीठा क्षेत्र के पार्टी इंचार्ज और AAP के वरिष्ठ नेता तलबीर सिंह गिल भी उपस्थित रहे।

भगवंत मान का स्वागत और बयान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नए सदस्यों का औपचारिक रूप से पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब में आम लोगों के लिए किए जा रहे कार्यों से जनता लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में पंजाब सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की 'शिक्षा क्रांति' अब देशभर में मिसाल बन रही है और नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर पहुँच गया है।

मान ने शिक्षकों को फिनलैंड भेजने, 99 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध कराने और अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से सामान्य परिवारों के बच्चे भी बेहतरीन परिणाम ला रहे हैं।

पंजाब के अधिकारों पर मान का रुख

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पंजाब के अधिकारों की पूरी मजबूती से रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं दिया जाएगा और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा तथा बलि-विरोधी कानून को सख्ती से लागू किया जाएगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना बताया गया।

AAP का राजनीतिक दावा

आम आदमी पार्टी पंजाब ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में इस घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका करार दिया। पार्टी ने कहा कि मजीठा के पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भगवंत मान के नेतृत्व में AAP की सदस्यता ली है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू होने लगी हैं।

आगे क्या

मजीठा विधानसभा सीट पारंपरिक रूप से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है। इन नेताओं के दलबदल से क्षेत्र में कांग्रेस के संगठनात्मक ढाँचे पर दबाव बढ़ेगा, जबकि AAP अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने का दावा करेगी। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि AAP हर दलबदल को अपनी 'जन-स्वीकृति' के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करती है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मजीठा में कांग्रेस के कौन-से नेता AAP में शामिल हुए?
परमजीत सिंह पम्मा, पलविंदर सिंह पाली, जगदीप सिंह गोगा, अपरमदीप दीप सिंह अप्पू और अमनदीप सिंह — ये पाँच वरिष्ठ कांग्रेस नेता 16 मई 2025 को अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हुए।
इन नेताओं ने AAP क्यों ज्वॉइन की?
इन नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीतियों और AAP सरकार के कामकाज से प्रभावित होने को अपने दलबदल का कारण बताया। हालाँकि, राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की रणनीतिक स्थिति-निर्माण के रूप में भी देखते हैं।
भगवंत मान ने शिक्षा के बारे में क्या कहा?
मान ने कहा कि नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब शिक्षा क्षेत्र में देशभर में पहले स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने शिक्षकों को फिनलैंड भेजने, 99% सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध कराने और PTM जैसी पहलों का उल्लेख किया।
मजीठा विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
मजीठा पंजाब का एक संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र है जहाँ 2027 के चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। इन वरिष्ठ नेताओं के AAP में शामिल होने से कांग्रेस का स्थानीय संगठनात्मक ढाँचा कमज़ोर हो सकता है।
हरियाणा को पानी न देने पर भगवंत मान का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं दिया जाएगा और पंजाब के अधिकारों की पूरी मजबूती से रक्षा की जाएगी। उन्होंने बलि-विरोधी कानून को सख्ती से लागू करने की भी बात दोहराई।
राष्ट्र प्रेस
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