पंजाब विधानसभा में भगवंत मान सरकार का विश्वास मत पास, न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी का ऐलान

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पंजाब विधानसभा में भगवंत मान सरकार का विश्वास मत पास, न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी का ऐलान

सारांश

श्रमिक दिवस पर बुलाए गए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में भगवंत मान सरकार ने विश्वास मत जीत लिया — विपक्ष के वॉकआउट के बाद सर्वसम्मति से। लेकिन असली हंगामा तब हुआ जब कांग्रेस ने मान समेत सभी विधायकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने की मांग उठाई और स्पीकर के दफ्तर तक पहुँच गई।

Key Takeaways

भगवंत मान सरकार का विश्वास मत 1 मई 2026 को पंजाब विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हुआ। BJP, कांग्रेस और अकाली दल ने वॉकआउट किया, जिससे विश्वास मत सर्वसम्मति से पास हुआ। मुख्यमंत्री ने श्रमिक दिवस पर न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी का ऐलान किया — सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मान पर नशे की हालत में सदन आने का आरोप लगाते हुए ब्रेथ एनालाइजर और डोप टेस्ट की मांग की। कांग्रेस विधायक वॉकआउट के बाद स्पीकर के दफ्तर पहुँचे और 'अल्कोमीटर' टेस्ट की माँग पर अड़े रहे। विश्वास मत पास होने से मान सरकार अगले 6 महीने तक राजनीतिक रूप से सुरक्षित।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बुलाए गए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार का विश्वास मत पेश किया, जो ध्वनि मत से पास हो गया। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच आयोजित इस सत्र में मान ने श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान भी किया, जो सरकारी और निजी — दोनों क्षेत्रों पर लागू होगा।

विश्वास मत: क्या हुआ सदन में

विधानसभा में विश्वास मत पर मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और शिरोमणि अकाली दल ने सदन से वॉकआउट कर दिया। तीनों विपक्षी दलों की अनुपस्थिति में विश्वास मत सर्वसम्मति से पारित हो गया। संवैधानिक परंपरा के अनुसार, विश्वास मत पास होने के बाद भगवंत मान सरकार को अगले 6 महीने तक किसी राजनीतिक चुनौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) पूरी तरह मजबूत और एकजुट है। उन्होंने कहा,

Point of View

तो यह संगठनात्मक दरार का संकेत है। कांग्रेस की ब्रेथ एनालाइजर मांग भले ही राजनीतिक हथकंडा हो, लेकिन इसने सदन की कार्यवाही को पटरी से उतार दिया और AAP की छवि को नुकसान पहुँचाया। न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी का ऐलान श्रमिक दिवस पर रणनीतिक रूप से किया गया, परंतु बिना क्रियान्वयन तंत्र के यह घोषणा भी पिछले वादों की तरह कागजी साबित हो सकती है।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

पंजाब विधानसभा में विश्वास मत क्यों पेश किया गया?
AAP विधायकों के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 1 मई 2026 को सरकार की बहुमत स्थिति स्पष्ट करने के लिए विश्वास मत पेश किया। यह ध्वनि मत से पारित हो गया, क्योंकि तीनों प्रमुख विपक्षी दलों ने वॉकआउट कर दिया था।
भगवंत मान सरकार का विश्वास मत कैसे पास हुआ?
BJP, कांग्रेस और अकाली दल के वॉकआउट के बाद सदन में केवल AAP विधायक मौजूद रहे, जिससे विश्वास मत सर्वसम्मति से पारित हो गया। इस जीत के बाद मान सरकार को अगले 6 महीने तक कोई राजनीतिक खतरा नहीं है।
कांग्रेस ने ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की मांग क्यों की?
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे की हालत में सदन आने का आरोप लगाया और सभी विधायकों का बंद कमरे में अल्कोहल टेस्ट कराने की मांग की। कांग्रेस का कहना था कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए यह मेडिकल जांच जरूरी है।
पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में कितनी बढ़ोतरी हुई?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्रमिक दिवस के अवसर पर न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया। यह बढ़ोतरी सरकारी और निजी — दोनों क्षेत्रों में लागू होगी।
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में और क्या हुआ?
मुख्यमंत्री मान ने सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं। सदन में तीखी नोकझोंक के बाद स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा और विपक्ष ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन भी किया।
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