खेड़ा विवाद: हिमंत सरमा का सिंहवी पर पलटवार, बोले- 'शालीनता और सिंहवी एक कमरे में नहीं रह सकते'
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सारांश
पवन खेड़ा विवाद एक नए मोर्चे पर पहुँच गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सिंहवी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 'शालीनता और सिंहवी एक कमरे में नहीं रह सकते।' सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खेड़ा को जमानत मिलने के बाद भाजपा-कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध और तीखा हो गया है।
Key Takeaways
हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 मई 2026 को X पर अभिषेक मनु सिंहवी पर तीखा पलटवार किया। सरमा ने कहा- 'शालीनता और सिंहवी एक ही कमरे में नहीं रह सकते' ; लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने से इनकार किया। सरमा का आरोप — राष्ट्रीय टेलीविजन पर फर्जी विदेशी दस्तावेजों से एक गैर-राजनीतिक महिला के चरित्र पर हमला किया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा से जुड़े मामले में शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दी। सरमा ने बयान के अंत में कहा- 'यह सिर्फ शुरुआत है, अंत नहीं। सत्यमेव जयते।'
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 मई 2026 को कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंहवी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें लोकतंत्र, सार्वजनिक संवाद या शालीनता का पाठ किसी से, और विशेष रूप से सिंहवी से, पढ़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह बयान पवन खेड़ा से जुड़े विवाद के बीच आया, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में खेड़ा को अग्रिम जमानत प्रदान की थी।
मुख्यमंत्री सरमा का सीधा जवाब
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़े शब्दों में लिखा,
Point of View
जबकि असली सवाल यह है कि राज्य की शक्ति का उपयोग राजनीतिक विरोधियों पर किस हद तक उचित है।
NationPress
01/05/2026
Frequently Asked Questions
पवन खेड़ा विवाद क्या है और इसमें हिमंत सरमा की भूमिका क्या है?
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा से जुड़ी कथित टिप्पणियों के संदर्भ में मामला दर्ज हुआ था। सरमा का आरोप है कि राष्ट्रीय टेलीविजन पर फर्जी विदेशी दस्तावेजों के ज़रिए एक गैर-राजनीतिक महिला की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई।
सर्वोच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा को जमानत क्यों दी?
न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदूरकर की पीठ ने शर्तों के साथ खेड़ा को अग्रिम जमानत प्रदान की। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए यह राहत दी, जो संकेत देती है कि गिरफ्तारी का खतरा न्यायालय को वास्तविक प्रतीत हुआ।
अभिषेक मनु सिंहवी ने हिमंत सरमा की आलोचना क्यों की थी?
सिंहवी ने पवन खेड़ा मामले में सरमा की भूमिका की आलोचना करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणियों का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि इस विवाद से जुड़े कुछ सार्वजनिक बयान अनुचित थे और इससे लोकतांत्रिक मर्यादाएँ कमज़ोर हुई हैं।
हिमंत सरमा ने सिंहवी पर क्या आरोप लगाए?
सरमा ने सिंहवी पर सीधी बहस से बचने का आरोप लगाया और कहा कि जहाँ वे जवाब देने के लिए मौजूद नहीं होते, वहाँ बोलना निष्पक्ष संवाद नहीं बल्कि उससे बचना है। उन्होंने यह भी कहा कि 'शालीनता और सिंहवी एक ही कमरे में नहीं रह सकते।'
इस विवाद का असम की राजनीति पर क्या असर पड़ रहा है?
इस बयानबाजी के बाद असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच राजनीतिक तनाव और गहरा हो गया है। दोनों दल इस संवेदनशील मुद्दे पर एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे हैं।