1 अगस्त 2026
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पवन खेड़ा की सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर AAP नेता अनुराग ढांडा का भाजपा पर निशाना, बोले — चुनाव में एजेंसियों का दुरुपयोग

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पवन खेड़ा की सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर AAP नेता अनुराग ढांडा का भाजपा पर निशाना, बोले — चुनाव में एजेंसियों का दुरुपयोग

सारांश

पवन खेड़ा की जमानत के बाद AAP नेता अनुराग ढांडा ने भाजपा पर ED और असम पुलिस के ज़रिए चुनावी दुरुपयोग का आरोप लगाया — I-PAC गिरफ्तारी और आचार संहिता के दौरान छापेमारी को राजनीतिक हथियार बताया।

मुख्य बातें

पवन खेड़ा को सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत दी; मामला हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर टिप्पणी से जुड़ा।
AAP नेता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि ED ने चुनाव के दौरान I-PAC अधिकारियों को गिरफ्तार किया।
असम पुलिस ने आदर्श आचार संहिता के दौरान पवन खेड़ा के मामले में छापेमारी की।
ढांडा का दावा — चुनाव बाद जमानत मिलना यह साबित करता है कि कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित थी।
AIUDF महासचिव रफीकुल इस्लाम ने भी गुवाहाटी से BJP पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप दोहराया।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनाव के दौरान केंद्रीय जाँच एजेंसियों को विपक्ष को दबाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है।

मुख्य आरोप: एजेंसियों का राजनीतिक उपयोग

अनुराग ढांडा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चुनावी रणनीति संस्था आई-पैक (I-PAC) से जुड़े अधिकारियों को गिरफ्तार कर उनके चुनाव अभियान को बाधित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि असम पुलिस ने आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान पवन खेड़ा के मामले में छापेमारी की, जिससे विपक्षी दलों पर दबाव बनाया गया।

जमानत का समय और राजनीतिक संकेत

ढांडा के मुताबिक, चुनाव समाप्त होते ही अदालतों से राहत मिल जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कार्रवाई का समय राजनीतिक रूप से प्रेरित था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP ने चुनाव आयोग (ECI) के कथित सहयोग से एजेंसियों को एक

संपादकीय दृष्टिकोण

ये आरोप और प्रतिआरोप दोनों पक्षों के चुनावी आख्यान का हिस्सा बने रहेंगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवन खेड़ा का मामला क्या है?
यह मामला कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। इसी मामले में असम पुलिस ने आदर्श आचार संहिता के दौरान छापेमारी की थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा को जमानत क्यों दी?
सर्वोच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा को जमानत प्रदान की, हालाँकि फैसले के विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में नहीं बताए गए हैं। विपक्षी दलों ने इस जमानत को राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई का प्रमाण बताया है।
AAP नेता अनुराग ढांडा ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
ढांडा ने आरोप लगाया कि BJP ने चुनाव के दौरान ED और असम पुलिस का दुरुपयोग कर I-PAC अधिकारियों को गिरफ्तार किया और पवन खेड़ा के मामले में छापेमारी की। उनका कहना था कि चुनाव बाद जल्द जमानत मिलना इस कार्रवाई के राजनीतिक इरादे को उजागर करता है।
I-PAC क्या है और इसका इस मामले से क्या संबंध है?
I-PAC एक चुनावी रणनीति संस्था है। ढांडा के अनुसार, ED ने चुनाव के दौरान I-PAC से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिससे विपक्षी दलों के चुनाव अभियान को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई।
AIUDF ने इस मामले पर क्या कहा?
गुवाहाटी से AIUDF के महासचिव रफीकुल इस्लाम ने कहा कि जमानत मिलना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन BJP लगातार एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों के साथ राजनीतिक खेल खेल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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