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बरगी डैम हादसा: सेना के गोताखोर मैदान में, 5 शव बरामद; करीब 30 पर्यटक लापता थे

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बरगी डैम हादसा: सेना के गोताखोर मैदान में, 5 शव बरामद; करीब 30 पर्यटक लापता थे

सारांश

जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को तूफ़ान में क्रूज़ पलटने से करीब 30 पर्यटक गहरे पानी में समा गए। सेना ने आगरा से रातोंरात गोताखोर भेजे और अब तक 5 शव बरामद हो चुके हैं। लापता लोगों की तलाश में SDRF और सेना का संयुक्त अभियान जारी है।

मुख्य बातें

30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी डैम में तेज़ तूफ़ान के कारण क्रूज़ पलट गया।
हादसे में करीब 30 पर्यटक डैम के गहरे पानी में डूब गए।
सेना के गोताखोरों ने अब तक 5 शव बरामद किए हैं।
आगरा से विशेष प्रशिक्षित गोताखोर टीमें रातोंरात घटनास्थल पर भेजी गईं।
SDRF , पुलिस , जिला प्रशासन और भारतीय सेना मिलकर बचाव अभियान चला रहे हैं।
हादसे के कारणों की जाँच शुरू; भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की बात।

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में 30 अप्रैल को तेज़ तूफ़ान के दौरान एक क्रूज़ पलट जाने से करीब 30 पर्यटक गहरे पानी में डूब गए। सेना के गोताखोरों ने अब तक पाँच शव बरामद किए हैं, जबकि शेष लापता लोगों की तलाश में बचाव अभियान तेज़ी से जारी है।

कैसे हुआ हादसा

घटना खमरिया द्वीप के निकट उस समय हुई जब पर्यटक क्रूज़ पर सवार होकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे थे। अचानक मौसम बिगड़ा और तूफ़ान के तीव्र होने से उठी ऊँची लहरों ने क्रूज़ का संतुलन बिगाड़ दिया। कुछ ही पलों में क्रूज़ पलट गया और उसमें सवार लोग बरगी डैम के गहरे पानी में जा गिरे।

बचाव अभियान का ब्यौरा

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अन्य एजेंसियाँ घटनास्थल पर पहुँच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना से भी मदद माँगी गई। सेना के अनुसार, प्रशासन के अनुरोध पर आगरा से विशेष प्रशिक्षित गोताखोर टीमों को रातोंरात घटनास्थल पर भेजा गया। ये गोताखोर अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी खोज अभियान चला रहे हैं।

प्रशासन की सतर्कता और अपील

जिला प्रशासन ने डैम के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान जलाशयों के पास जाने से बचें। गौरतलब है कि इस तरह के पर्यटन हादसे अक्सर अचानक मौसम परिवर्तन और पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी के कारण होते हैं।

जाँच और आगे की कार्रवाई

हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में पर्यटन गतिविधियाँ अपने चरम पर होती हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब तक सभी लापता लोगों की तलाश पूरी नहीं हो जाती, बचाव अभियान बिना रुके जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सुरक्षा मानकों की निगरानी उसी रफ़्तार से नहीं बढ़ी। जब तक जाँच में जवाबदेही तय नहीं होती और सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़े नहीं किए जाते, ऐसी दुर्घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरगी डैम हादसा क्या है?
30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी डैम में खमरिया द्वीप के पास तेज़ तूफ़ान के कारण एक पर्यटक क्रूज़ पलट गई, जिससे करीब 30 पर्यटक गहरे पानी में डूब गए। सेना के गोताखोरों ने अब तक 5 शव बरामद किए हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।
बरगी डैम में कितने लोग लापता हैं?
घटना के समय क्रूज़ में सवार करीब 30 पर्यटक डैम के गहरे पानी में फँस गए थे। अब तक 5 शव बरामद हो चुके हैं और शेष लापता लोगों की तलाश सेना व SDRF द्वारा की जा रही है।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
बचाव अभियान में भारतीय सेना की विशेष गोताखोर टीमें (आगरा से भेजी गईं), आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन शामिल हैं। सभी एजेंसियाँ मिलकर लापता लोगों को खोजने में जुटी हैं।
बरगी डैम हादसे की जाँच कब तक पूरी होगी?
जिला प्रशासन ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है, हालाँकि जाँच पूरी होने की कोई निश्चित समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। प्राथमिकता फिलहाल लापता लोगों को खोजने की है।
राष्ट्र प्रेस
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