बरगी बांध हादसा: 9 शव बरामद, क्रूज में सवार लोगों की संख्या अज्ञात; MP सरकार ने जल पर्यटन पर रोक लगाई
सारांश
Key Takeaways
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी जलाशय में गुरुवार शाम एक क्रूज के पलटने से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 29 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। हादसे के वक्त क्रूज में सवार लोगों की सटीक संख्या अब भी स्पष्ट नहीं है, जिसने राहत-बचाव अभियान को और जटिल बना दिया है। नर्मदा नदी पर स्थित इस जलाशय में खराब मौसम को हादसे की प्रारंभिक वजह बताया जा रहा है।
मृतकों की संख्या और बचाव अभियान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को पुष्टि की कि अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं और 29 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने आशंका जताई है कि राहत और बचाव अभियान जारी रहने के साथ मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। बचाव दल जलाशय में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।
क्रूज में सवार लोगों की संख्या पर भ्रम
इस हादसे का सबसे बड़ा अनुत्तरित सवाल यही है कि क्रूज में आखिर कितने लोग सवार थे। राज्य पर्यटन विभाग और पर्यटन निगम की ओर से अब तक कोई आधिकारिक आँकड़ा सामने नहीं आया है। सीसीटीवी फुटेज में आसपास करीब 43 लोग दिखाई दिए, जबकि आगे की जाँच में संकेत मिले हैं कि क्रूज चालक दल को छोड़कर 36 से 37 यात्री सवार हो सकते थे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कुछ यात्रियों को मुफ्त में सवारी कराई गई थी, जिससे सवार लोगों की सटीक सूची तैयार करना और भी मुश्किल हो गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया और जाँच के आदेश
राज्य सरकार ने हादसे के तुरंत बाद औपचारिक जाँच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही, मध्य प्रदेश में इस तरह की सभी जल पर्यटन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी गई है। पर्यटन मंत्री लोधी ने स्पष्ट कहा कि यह घटना किसी भी हालत में माफ करने योग्य नहीं है और जाँच में यदि क्रूज संचालकों या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकार क्षेत्र और सुरक्षा नियमों पर सवाल
यह हादसा एक बड़े प्रशासनिक विवाद को भी सामने ले आया है। 27,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि डूब क्षेत्र में आने और हजारों परिवारों के प्रभावित होने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि इस जलाशय का प्रबंधन किस विभाग के अधीन है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र मूल रूप से खेती, बिजली उत्पादन और पेयजल के लिए बनाया गया था — ऐसे में पर्यटन गतिविधियों की अनुमति किसने और किस आधार पर दी, यह अहम सवाल बन गया है।
स्थानीय नायकों को सम्मान और आगे की राह
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि हादसे के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाने वाले स्थानीय लोगों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। यह हादसा मध्य प्रदेश में जल पर्यटन के नियमन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित करता है।