फिरोज नाडियाडवाला ने 'हेरा फेरी' के अधिकारों को लेकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की, करोड़ों की जालसाजी का आरोप

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फिरोज नाडियाडवाला ने 'हेरा फेरी' के अधिकारों को लेकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की, करोड़ों की जालसाजी का आरोप

सारांश

25 साल पुरानी समस्या फिर सिर उठाती है। फिरोज नाडियाडवाला की सुपरहिट 'हेरा फेरी' के अधिकारों को लेकर दोहरी बिक्री, करोड़ों की माँग, और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की कथित साजिश — यह मामला बॉलीवुड की बौद्धिक संपत्ति सुरक्षा की खामियों को उजागर करता है।

Key Takeaways

फिरोज नाडियाडवाला ने अंबोली पुलिस स्टेशन , मुंबई में ' हेरा फेरी ' के अधिकारों को लेकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की। नाडियाडवाला ने वर्ष 2000 में ₹4,50,000 में रीमेक अधिकार खरीदे थे, जिन्हें बाद में ₹3 लाख में दोबारा बेचा गया। विरोधी पक्ष ने ₹60 लाख और फिल्म के मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा मांगा है। पुलिस ने गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम. पॉल माइकल के विरुद्ध BNS धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। नाडियाडवाला ने आरोप लगाया कि प्रमुख कलाकारों के नाम का गलत इस्तेमाल कर झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।

मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में फिल्म निर्माता-निर्देशक फिरोज नाडियाडवाला ने अपनी सुपरहिट फिल्म 'हेरा फेरी' के कॉपीराइट और रीमेक अधिकारों को लेकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, कुछ व्यक्तियों ने मिलीभगत करके उनके कानूनी अधिकारों को हड़पने और करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश की है। पुलिस ने गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम. पॉल माइकल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

मूल अधिकार खरीद और कानूनी स्थिति

नाडियाडवाला के अनुसार, वर्ष 2000 में उन्होंने 'हेरा फेरी' की कहानी के हिंदी और अन्य भाषाओं (दक्षिण भारतीय भाषाओं को छोड़कर) के रीमेक अधिकार मेसर्स कॉम्पेक्ट डिस्क इंडिया लिमिटेड के सुरेश कुमार सिंघल से ₹4,50,000 में खरीद लिए थे। यह फिल्म मलयालम की 1989 की फिल्म 'रामजी राव स्पीकिंग' पर आधारित है। नाडियाडवाला ने बताया कि फिल्म रिलीज़ होने से मात्र 7 दिन पहले कुछ लोगों ने दबाव बनाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की थी, जिससे भारी निवेश और बदनामी के डर से उन्हें मजबूरन भुगतान करना पड़ा, भले ही अदालत ने उनके पक्ष में स्टे ऑर्डर दे रखा था।

दोहरी बिक्री और हालिया विवाद

शिकायत में आरोप है कि मूल मलयालम फिल्म के मालिकों सिद्दीकी के.एल. और एम. पॉल माइकल ने यह जानते हुए कि अधिकार पहले ही बेचे जा चुके हैं, 12 मई 2022 को केवल ₹3 लाख में ये अधिकार गोपाला पिल्लई विजयकुमार (मेसर्स सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल) को बेच दिए। यह दोहरी बिक्री का मामला है, जो कानूनी जटिलताओं का कारण बना। दिसंबर 2024 में नाडियाडवाला को एक कानूनी नोटिस मिला, जिसमें उनकी फिल्म 'फिर हेरा फेरी' (2006) को अवैध बताया गया और विरोधी पक्ष ने ₹60 लाख तथा फिल्म से हुए कुल मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा मांगा।

व्यावसायिक प्रभाव और अतिरिक्त आरोप

नाडियाडवाला ने आरोप लगाया है कि विरोधी पक्ष उनकी कंपनी की सार्वजनिक लिस्टिंग की प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल जैसे प्रमुख कलाकारों के नाम का गलत इस्तेमाल करके उनके विरुद्ध झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं, जिससे उनकी व्यावसायिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ये कार्य उनके व्यावसायिक हितों को लक्षित करने वाली सुव्यवस्थित साजिश का हिस्सा प्रतीत होते हैं।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

अंबोली पुलिस ने नाडियाडवाला की शिकायत पर गंभीरता से विचार करते हुए गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम. पॉल माइकल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर दी है। पुलिस अब इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है और जल्द ही सभी संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए तलब करने वाली है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला कॉपीराइट कानून और अनुबंध कानून दोनों को शामिल करता है।

Point of View

तो यह साफ़ करता है कि अनुबंध-आधारित कानूनी कार्रवाई के बिना, बॉलीवुड निर्माता कितने असुरक्षित हैं। नाडियाडवाला के दावे — दोहरी बिक्री, अदालत के स्टे ऑर्डर के बावजूद दबाव, और प्रमुख कलाकारों के नाम का दुरुपयोग — एक सुसंगत पैटर्न बनाते हैं। हालाँकि, इस मामले का महत्व इस बात में भी है कि क्या पुलिस की कार्रवाई से वास्तविक सुरक्षा मिलेगी या यह एक और लंबी कानूनी लड़ाई में तब्दील हो जाएगी, जैसा कि दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में अक्सर होता है।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

फिरोज नाडियाडवाला की धोखाधड़ी की शिकायत क्या है?
नाडियाडवाला का दावा है कि उन्होंने वर्ष 2000 में ' हेरा फेरी ' की कहानी के रीमेक अधिकार ₹4,50,000 में खरीदे थे, लेकिन मूल फिल्म के मालिकों ने 12 मई 2022 को उन्हीं अधिकारों को ₹3 लाख में किसी और को बेच दिया। इस दोहरी बिक्री और कानूनी दबाव के कारण उन्होंने अंबोली पुलिस में शिकायत दर्ज की।
'हेरा फेरी' की कहानी का मूल स्रोत क्या है?
' हेरा फेरी ' (2000) मलयालम की 1989 की फिल्म ' रामजी राव स्पीकिंग ' पर आधारित है। नाडियाडवाला ने इसी मलयालम फिल्म के निर्माताओं से हिंदी और अन्य भाषाओं में रीमेक के अधिकार खरीदे थे।
विरोधी पक्ष ने क्या माँगा है?
दिसंबर 2024 में नाडियाडवाला को एक कानूनी नोटिस मिला, जिसमें विरोधी पक्ष ने ₹60 लाख और फिल्म ' फिर हेरा फेरी ' (2006) से हुए कुल मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा मांगा है। साथ ही, उन्होंने नाडियाडवाला की फिल्म को अवैध बताया है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
अंबोली पुलिस ने शिकायत के आधार पर गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम. पॉल माइकल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज कर दी है। पुलिस अब जांच कर रही है और संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए तलब करेगी।
क्या यह पहली बार है कि नाडियाडवाला को इस मामले में समस्या हुई है?
नहीं। नाडियाडवाला के अनुसार, 25 साल पहले भी फिल्म रिलीज़ होने से सिर्फ 7 दिन पहले कुछ लोगों ने दबाव बनाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की थी। अब 2024 में फिर से एक नई साजिश रची गई है, जो इसी मामले से संबंधित है।
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