फिरोज नाडियाडवाला ने 'हेरा फेरी' के अधिकारों को लेकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की, करोड़ों की जालसाजी का आरोप
सारांश
Key Takeaways
मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में फिल्म निर्माता-निर्देशक फिरोज नाडियाडवाला ने अपनी सुपरहिट फिल्म 'हेरा फेरी' के कॉपीराइट और रीमेक अधिकारों को लेकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, कुछ व्यक्तियों ने मिलीभगत करके उनके कानूनी अधिकारों को हड़पने और करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश की है। पुलिस ने गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम. पॉल माइकल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मूल अधिकार खरीद और कानूनी स्थिति
नाडियाडवाला के अनुसार, वर्ष 2000 में उन्होंने 'हेरा फेरी' की कहानी के हिंदी और अन्य भाषाओं (दक्षिण भारतीय भाषाओं को छोड़कर) के रीमेक अधिकार मेसर्स कॉम्पेक्ट डिस्क इंडिया लिमिटेड के सुरेश कुमार सिंघल से ₹4,50,000 में खरीद लिए थे। यह फिल्म मलयालम की 1989 की फिल्म 'रामजी राव स्पीकिंग' पर आधारित है। नाडियाडवाला ने बताया कि फिल्म रिलीज़ होने से मात्र 7 दिन पहले कुछ लोगों ने दबाव बनाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की थी, जिससे भारी निवेश और बदनामी के डर से उन्हें मजबूरन भुगतान करना पड़ा, भले ही अदालत ने उनके पक्ष में स्टे ऑर्डर दे रखा था।
दोहरी बिक्री और हालिया विवाद
शिकायत में आरोप है कि मूल मलयालम फिल्म के मालिकों सिद्दीकी के.एल. और एम. पॉल माइकल ने यह जानते हुए कि अधिकार पहले ही बेचे जा चुके हैं, 12 मई 2022 को केवल ₹3 लाख में ये अधिकार गोपाला पिल्लई विजयकुमार (मेसर्स सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल) को बेच दिए। यह दोहरी बिक्री का मामला है, जो कानूनी जटिलताओं का कारण बना। दिसंबर 2024 में नाडियाडवाला को एक कानूनी नोटिस मिला, जिसमें उनकी फिल्म 'फिर हेरा फेरी' (2006) को अवैध बताया गया और विरोधी पक्ष ने ₹60 लाख तथा फिल्म से हुए कुल मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा मांगा।
व्यावसायिक प्रभाव और अतिरिक्त आरोप
नाडियाडवाला ने आरोप लगाया है कि विरोधी पक्ष उनकी कंपनी की सार्वजनिक लिस्टिंग की प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल जैसे प्रमुख कलाकारों के नाम का गलत इस्तेमाल करके उनके विरुद्ध झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं, जिससे उनकी व्यावसायिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ये कार्य उनके व्यावसायिक हितों को लक्षित करने वाली सुव्यवस्थित साजिश का हिस्सा प्रतीत होते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
अंबोली पुलिस ने नाडियाडवाला की शिकायत पर गंभीरता से विचार करते हुए गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम. पॉल माइकल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर दी है। पुलिस अब इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है और जल्द ही सभी संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए तलब करने वाली है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला कॉपीराइट कानून और अनुबंध कानून दोनों को शामिल करता है।