'स्पर्श गंगा' अभियान को आरुषि निशंक का समर्थन, चारधाम यात्रा को प्लास्टिक-मुक्त बनाने की मुहिम तेज़
सारांश
Key Takeaways
अभिनेत्री आरुषि निशंक ने 1 मई 2026 को उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'स्पर्श गंगा' अभियान को अपना समर्थन दिया। देहरादून से संचालित इस पहल का लक्ष्य श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हिमालय क्षेत्र में बढ़ते प्लास्टिक कचरे पर अंकुश लगाना है। यह अभियान यात्रा मार्ग पर 200 चिन्हित स्थानों पर 10,000 स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।
अभियान की रणनीति और क्रियान्वयन
आरुषि निशंक ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में बताया कि यात्रा मार्ग पर 200 अलग-अलग चिन्हित स्थानों पर लगभग 10,000 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। लाखों की संख्या में कूड़ेदान लगाए गए हैं और स्वयंसेवक यात्रियों को यह बताएंगे कि किस प्रकार का कचरा कहाँ डालना है। इकट्ठा की गई सभी प्लास्टिक बोतलों को रीसाइक्लिंग के लिए विशेष संस्थानों के पास भेजा जाएगा, जिनके साथ साझेदारी की जा चुकी है।
आरुषि निशंक की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता
अभिनेत्री ने राष्ट्र प्रेस से कहा,