महाराष्ट्र दिवस पर जनगणना की स्व-गणना शुरू, रामदास अठावले बोले — जाति जनगणना से हर वर्ग को मिलेगा न्याय
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने 1 मई 2026 को महाराष्ट्र स्थापना दिवस के अवसर पर घोषणा की कि राज्य में 2027 की जनगणना की स्व-गणना प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ हो गई है। अठावले ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि इस बार की जनगणना में जाति-आधारित डेटा संग्रह शामिल किया गया है, जिससे सरकार को प्रत्येक जाति और समुदाय की ज़रूरतों के अनुसार नीतियाँ बनाने में सहायता मिलेगी।
स्व-गणना प्रक्रिया का कार्यक्रम
स्व-गणना चरण 1 मई से 15 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें नागरिक स्वयं जनगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। वर्तमान में देशभर के विभिन्न राज्यों में हाउस लिस्टिंग (HLO) जनगणना चल रही है, जिसके पश्चात जनसंख्या गणना (PE) का दौर शुरू होगा।
जाति जनगणना की विशेषता
अठावले ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि इस बार की जनगणना पिछली जनगणनाओं से मौलिक रूप से अलग है। उन्होंने कहा,