बिजबेहारा मिल्क यूनिट का लाइसेंस निलंबित: दूध चखकर वापस डालने का वीडियो वायरल, अनंतनाग में कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
अनंतनाग जिले के बिजबेहारा कस्बे में स्थित एक दूध संग्रह यूनिट का लाइसेंस 1 मई 2026 को खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। सहायक आयुक्त एवं नामित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा, अनंतनाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और उसके बाद किए गए निरीक्षण में कई गंभीर खामियाँ उजागर होने के बाद यह कदम उठाया गया।
वायरल वीडियो से शुरू हुई कार्रवाई
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में बल्क मिल्क कूलर (जेकेएमपीसीएल) नामक फर्म का एक कर्मचारी अपनी जीभ से दूध चखते हुए और उसके बाद बचा हुआ दूध उन कंटेनरों में वापस डालते हुए दिखाई दिया, जो आम उपभोक्ताओं के लिए रखे गए थे। इस वीडियो के सामने आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया। इस प्रकार का व्यवहार न केवल खाद्य स्वच्छता मानकों का उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।
निरीक्षण में उजागर हुईं गंभीर खामियाँ
वीडियो के आधार पर एक अधिकृत खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 29 अप्रैल को बिजबेहारा के सेमथन स्थित परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट में निम्नलिखित उल्लंघन दर्ज किए गए:
दूध भंडारण और कूलर अनुभाग में डीजल तथा सफाई एजेंटों सहित रसायनों का भंडारण पाया गया। इसके अलावा दूध को संभालने में गैर-खाद्य-ग्रेड प्लास्टिक कंटेनरों का उपयोग, बिना ढक्कन या कवर वाले पानी के भंडारण टैंक और सुविधा में उचित स्वच्छता प्रथाओं की पूर्ण अनुपस्थिति भी रिपोर्ट में दर्ज की गई। निरीक्षण अधिकारी ने लाइसेंस निलंबन की सिफारिश की।
कानूनी आधार और आदेश
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी परिस्थितियों में उच्च जोखिम वाले खाद्य पदार्थों का प्रसंस्करण और भंडारण खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की अनुसूची चार का उल्लंघन है और यह जनस्वास्थ्य के लिए सीधा खतरा है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 36 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नामित अधिकारी ने यूनिट का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। ऑपरेटर को निर्देश दिया गया है कि वह अगले आदेश तक परिसर में किसी भी प्रकार की गतिविधि न करे।
कश्मीर में व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान
यह कार्रवाई उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके तहत जम्मू-कश्मीर में अधिकारी दवाओं, खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं का कारोबार करने वाली संस्थाओं का नियमित खाद्य सुरक्षा ऑडिट कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उपभोक्ता संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और सोशल मीडिया खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों को उजागर करने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। आने वाले दिनों में यूनिट के संचालक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने की संभावना है।