हरियाणा राज्यपाल असीम कुमार घोष ने नूह के स्कूलों का दौरा किया, दोनों को ₹10-10 लाख अनुदान की घोषणा
सारांश
Key Takeaways
हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने 2 मई 2025 को नूह जिले के दो सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया — नूह शहर का सरकारी मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल और फिरोजपुर नमक गाँव का पीएम-श्री सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल। इस दौरे में उन्होंने शैक्षणिक बुनियादी ढाँचे की समीक्षा की और स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों एवं शिक्षकों के समन्वित प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। दौरे के अंत में राज्यपाल घोष ने दोनों विद्यालयों को ₹10-10 लाख के विशेष अनुदान की घोषणा की।
दौरे का मुख्य घटनाक्रम
राज्यपाल असीम कुमार घोष ने दोनों स्कूलों में पेयजल, स्वच्छता, बिजली और खेल सुविधाओं सहित प्रमुख आधारभूत संरचनाओं का व्यक्तिगत रूप से जायजा लिया। उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं में जाकर छात्रों से सीधी बातचीत की और उन्हें लगन से पढ़ाई करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। गौरतलब है कि नूह हरियाणा का सबसे पिछड़े जिलों में से एक माना जाता है, जिससे यह दौरा शैक्षणिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
सर्वांगीण शिक्षा पर राज्यपाल का संदेश
अभिभावकों और छात्रों की सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल घोष ने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, खेल, स्वास्थ्य, अनुशासन और नैतिक मूल्य भी एक बच्चे के संपूर्ण विकास के अनिवार्य अंग हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे स्नेहपूर्ण वातावरण में अधिक प्रभावी ढंग से सीखते हैं और उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव भी तभी आते हैं।
अभिभावकों और शिक्षकों से आग्रह
राज्यपाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएँ और केवल शैक्षणिक प्रगति नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और रुचियों पर भी ध्यान दें। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को डाँटने के बजाय प्रेम और स्नेह के साथ मूल्य सिखाए जाने चाहिए, क्योंकि बच्चे अक्सर अपनी चिंताएँ स्वयं व्यक्त नहीं कर पाते। शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए घोष ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान के वाहक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और प्रेरणा के स्रोत भी हैं; उन्होंने शिक्षकों से छात्रों में अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना जागृत करने का आग्रह किया।
बुनियादी ढाँचे पर सरकार की प्रतिबद्धता
राज्यपाल घोष ने विद्यालयों में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि सरकार ने इन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। स्वच्छ पेयजल, उचित स्वच्छता और खेल सुविधाओं तक पहुँच को उन्होंने प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया। दोनों विद्यालयों को ₹10-10 लाख के अनुदान की घोषणा इसी प्रतिबद्धता का व्यावहारिक प्रमाण है।
आगे की राह
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि माता-पिता और शिक्षकों के बीच मजबूत समन्वय से बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होगा और वे जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार पीएम-श्री योजना के तहत चुनिंदा सरकारी विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।