असम में भाजपा 90+ सीटें जीतेगी, 100 का आंकड़ा भी संभव: मंत्री जयंत मल्ला बरुआ

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असम में भाजपा 90+ सीटें जीतेगी, 100 का आंकड़ा भी संभव: मंत्री जयंत मल्ला बरुआ

सारांश

असम मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने दावा किया है कि भाजपा 126 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 90 सीटें जीतेगी — और 100 का आंकड़ा भी संभव है। निचले असम में 20 से 35 सीटों का लक्ष्य और 4 मई को परिणाम — यह असम की राजनीति का निर्णायक मोड़ हो सकता है।

Key Takeaways

असम मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने 1 मई को दावा किया कि भाजपा 126 में से कम से कम 90 सीटें जीतेगी। बरुआ के अनुसार, 100 सीटों का आंकड़ा भी संभव है और किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। नलबाड़ी जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा किया गया। पिछले चुनाव में निचले असम की 51 सीटों में से 20 जीती थीं; इस बार 35 का लक्ष्य। असम विधानसभा चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित होंगे।

असम के मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने शुक्रवार, 1 मई को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 126 सदस्यीय असम विधानसभा में कम से कम 90 सीटें मिलेंगी और यदि यह संख्या 100 तक पहुँच जाए तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 4 मई को परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की आवाज़ें अप्रासंगिक हो जाएंगी।

मुख्य दावे और भविष्यवाणियाँ

बरुआ ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन राज्यभर में निर्णायक जीत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से नलबाड़ी जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा किया और कहा कि चुनाव प्रचार व जनसंपर्क कार्यक्रमों के दौरान पार्टी को जमीनी स्तर पर जबरदस्त समर्थन मिला है। बरुआ के अनुसार, मतदाताओं ने सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में अपना मन पहले ही बना लिया है।

निचले असम में भाजपा की रणनीति

पिछले विधानसभा चुनावों से तुलना करते हुए मंत्री बरुआ ने कहा कि पिछली बार भाजपा ने निचले असम की 51 सीटों में से केवल 20 सीटें जीती थीं। उन्होंने दावा किया कि पिछले पाँच वर्षों में इस क्षेत्र में पार्टी की स्थिति में उल्लेखनीय मजबूती आई है और इस बार वहाँ कम से कम 35 सीटें जीतने का पूरा भरोसा है। यह यदि सच साबित होता है, तो निचले असम में भाजपा की सीटों में 75% की वृद्धि होगी।

विपक्ष पर निशाना

बरुआ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के प्रमुख विपक्षी नेताओं पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि 4 मई के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली पार्टियों की चर्चा भी बेमानी हो जाएगी। उन्होंने विपक्ष की संभावनाओं को सिरे से खारिज किया, हालाँकि उन्होंने किसी विशेष विपक्षी नेता का नाम नहीं लिया।

क्या होगा आगे

असम विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित होने हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में भाजपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। बरुआ के दावे पार्टी के आत्मविश्वास को दर्शाते हैं, लेकिन चुनावी नतीजे ही इन भविष्यवाणियों की असल परीक्षा होगी।

Point of View

लेकिन इन्हें तथ्यात्मक संदर्भ में परखना जरूरी है — 2021 में भाजपा गठबंधन ने 126 में से 75 सीटें जीती थीं, यानी अब 90 का दावा करीब 20% की छलांग है। निचले असम में 20 से 35 सीटों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, क्योंकि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस और AIUDF का गढ़ रहा है। मुख्यधारा की कवरेज इन दावों को अक्सर बिना ऐतिहासिक बेंचमार्क के प्रस्तुत करती है — असली कसौटी 4 मई की मतगणना होगी।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

जयंत मल्ला बरुआ ने असम चुनाव में भाजपा के लिए कितनी सीटों का दावा किया?
असम मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने दावा किया कि भाजपा 126 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 90 सीटें जीतेगी और 100 सीटों का आंकड़ा भी संभव है। उन्होंने यह बयान 1 मई को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
असम विधानसभा चुनाव के नतीजे कब आएंगे?
असम विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित होने हैं। मंत्री बरुआ ने कहा कि इसके बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की आवाज़ें अप्रासंगिक हो जाएंगी।
निचले असम में भाजपा का क्या लक्ष्य है?
मंत्री बरुआ के अनुसार, पिछले चुनाव में भाजपा ने निचले असम की 51 सीटों में से 20 जीती थीं। इस बार पार्टी का लक्ष्य वहाँ कम से कम 35 सीटें जीतना है, जो पिछले प्रदर्शन से 75% अधिक होगा।
नलबाड़ी जिले में भाजपा की क्या स्थिति बताई गई है?
मंत्री बरुआ ने दावा किया कि भाजपा नलबाड़ी जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार और जनसंपर्क के दौरान पार्टी को जमीनी स्तर पर जबरदस्त समर्थन मिला है।
कांग्रेस के बारे में मंत्री बरुआ ने क्या कहा?
बरुआ ने कहा कि 4 मई के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली पार्टियों की चर्चा भी बेमानी हो जाएगी। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर परोक्ष रूप से निशाना साधा, हालाँकि किसी का नाम नहीं लिया।
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