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दमिश्क में शिया धर्मगुरु फरहान मंसूर पर ग्रेनेड हमला, सैय्यदा जैनब दरगाह के पास गंभीर रूप से घायल

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दमिश्क में शिया धर्मगुरु फरहान मंसूर पर ग्रेनेड हमला, सैय्यदा जैनब दरगाह के पास गंभीर रूप से घायल

सारांश

दमिश्क के पवित्र सैय्यदा जैनब इलाके में शिया धर्मगुरु फरहान मंसूर की कार पर ग्रेनेड से हमला — यह घटना उस समय हुई जब सीरिया गृह युद्ध के बाद स्थिरता की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा है। SOHR के अनुसार मंसूर गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि अधिकारी अभी भी हमले की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं कर पाए हैं।

मुख्य बातें

फरहान मंसूर , शिया धार्मिक अथॉरिटी के सदस्य, पर 1 मई को दमिश्क के सैय्यदा जैनब इलाके में ग्रेनेड से हमला किया गया।
SOHR के अनुसार मंसूर गंभीर रूप से घायल हैं; सीरियाई अधिकारियों ने केवल हैंड ग्रेनेड से धमाके की पुष्टि की है।
हमले का मुख्य निशाना और घायलों की कुल संख्या अभी तक आधिकारिक रूप से अपुष्ट है।
सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर फोरेंसिक जाँच शुरू की; आम नागरिकों को दूर रखा गया।
जनवरी 2025 में इसी दरगाह पर IS से जुड़े समूह की बम साजिश को पहले ही नाकाम किया जा चुका था।
जून 2024 में इज़रायली मिसाइल हमलों ने भी इसी इलाके को निशाना बनाया था।

दमिश्क के पवित्र सैय्यदा जैनब इलाके में शुक्रवार, 1 मई को शिया धर्मगुरु फरहान मंसूर पर ग्रेनेड से हमला किया गया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने मंसूर की कार में ग्रेनेड फेंका, जब वे सैय्यदा जैनब दरगाह से निकलकर सफीर अल-जहरा होटल के पास पहुँचे थे। सीरियाई अधिकारियों ने फिलहाल केवल इतना स्वीकार किया है कि इलाके में एक धमाका हुआ था।

हमले का विवरण

ब्रिटेन स्थित वॉर मॉनिटर SOHR ने बताया कि फरहान मंसूर शिया धार्मिक अथॉरिटी के सदस्य हैं और शुक्रवार को उपदेश देने की जिम्मेदारी उनकी थी। हमले के समय वे दरगाह से बाहर निकल रहे थे। कथित तौर पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।

सरकारी समाचार एजेंसी सना के हवाले से सीरियाई सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की कि धमाका हैंड ग्रेनेड से हुआ था। हालाँकि अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि हमले का मुख्य निशाना कौन था और कुल कितने लोग घायल हुए।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

अधिकारियों के अनुसार, हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने सैय्यदा जैनब इलाके को घेर लिया और आम नागरिकों को दूर रखने के लिए अपनी मौजूदगी बढ़ा दी। एक विशेषज्ञ फोरेंसिक टीम मौके की जाँच में जुटी है। मंसूर की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक और स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

सैय्यदा जैनब — हमलों का इतिहास

सैय्यदा जैनब इस्लाम के सबसे सम्मानित शिया तीर्थस्थलों में से एक है। सीरिया के 14 वर्षों से अधिक लंबे गृह युद्ध के दौरान इस इलाके पर कई बार हमले हो चुके हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सीरिया धीरे-धीरे संघर्ष के दौर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है।

गौरतलब है कि जनवरी 2025 में सीरिया की अंतरिम सरकार ने बताया था कि सैय्यदा जैनब में एक बड़े बम धमाके की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया था। सना के मुताबिक, जनरल इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट के एक सूत्र ने बताया था कि इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़े एक समूह ने इस दरगाह पर हमले की योजना बनाई थी, जिसे सुरक्षा बलों ने हमले से पहले ही विफल कर दिया था।

इज़रायली हमलों का संदर्भ

इसके अतिरिक्त, 2024 में सैय्यदा जैनब इलाके पर इज़रायल की ओर से मिसाइल हमले भी हुए थे। SOHR के अनुसार, जून 2024 में इज़रायली मिसाइलों ने उस स्थान को निशाना बनाया जहाँ जिहाद अल-बिना फाउंडेशन के सर्विस सेंटर में वाहन खड़े थे। यह संगठन हिज़्बुल्लाह और ईरानी मिलिशिया से जुड़ा माना जाता है।

यह Nवीं ऐसी घटना है जो दर्शाती है कि सीरिया में शांति बहाली की प्रक्रिया अभी भी कितनी अनिश्चित और खतरनाक बनी हुई है। आने वाले दिनों में जाँच के नतीजे और मंसूर की स्वास्थ्य स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इज़रायली मिसाइलें, और अब ग्रेनेड हमला। सवाल यह है कि सीरिया की अंतरिम सरकार शिया तीर्थस्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम है या नहीं, क्योंकि इन स्थलों पर हमले सांप्रदायिक तनाव को भड़काने की क्षमता रखते हैं। जब तक जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होती और जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसे हमले सीरिया के पुनर्निर्माण की राह में सबसे बड़ी बाधा बने रहेंगे।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दमिश्क में शिया धर्मगुरु पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 1 मई को दमिश्क के सैय्यदा जैनब इलाके में हुआ, जब शिया धर्मगुरु फरहान मंसूर दरगाह से निकलकर सफीर अल-जहरा होटल के पास पहुँचे थे। अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार में ग्रेनेड फेंका।
फरहान मंसूर कौन हैं?
फरहान मंसूर शिया धार्मिक अथॉरिटी के सदस्य हैं और सैय्यदा जैनब इलाके में शुक्रवार को उपदेश देने की जिम्मेदारी उनकी थी। SOHR ने उनकी पहचान हमले के लक्ष्य के रूप में की है।
सीरियाई अधिकारियों ने हमले पर क्या कहा?
सरकारी एजेंसी सना के हवाले से अधिकारियों ने केवल इतना पुष्टि की कि धमाका हैंड ग्रेनेड से हुआ था। हमले का मुख्य निशाना और घायलों की संख्या अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है।
सैय्यदा जैनब इलाके पर पहले भी हमले हो चुके हैं?
हाँ, जनवरी 2025 में IS से जुड़े समूह की बम साजिश को नाकाम किया गया था और जून 2024 में इज़रायली मिसाइलों ने इसी इलाके को निशाना बनाया था। सीरिया के 14 वर्षों से अधिक लंबे गृह युद्ध के दौरान यह इलाका कई बार हमलों का शिकार हो चुका है।
इस हमले की जाँच कौन कर रहा है?
सीरियाई सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और एक विशेषज्ञ फोरेंसिक टीम मौके की जाँच कर रही है। अभी तक किसी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
राष्ट्र प्रेस
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