वीजीआरसी सूरत 2026: उर्वरक आत्मनिर्भरता और आदिवासी पर्यटन विकास पर गुजरात का बड़ा फोकस

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वीजीआरसी सूरत 2026: उर्वरक आत्मनिर्भरता और आदिवासी पर्यटन विकास पर गुजरात का बड़ा फोकस

सारांश

सूरत में वीजीआरसी 2026 के दौरान दो अहम मुद्दे केंद्र में रहे — भारत की उर्वरक आयात निर्भरता तोड़ने की रणनीति और दक्षिण गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन को नई ऊँचाई देना। सपूतारा में पर्यटकों की संख्या दो वर्षों में 1.13 लाख से 1.19 लाख हुई, जबकि नैनो यूरिया और जैव-उर्वरकों को भविष्य का रास्ता बताया गया।

Key Takeaways

वीजीआरसी के तहत 1 मई 2026 को सूरत में उर्वरक आत्मनिर्भरता और आदिवासी पर्यटन पर दो प्रमुख सत्र आयोजित हुए। ऑरो यूनिवर्सिटी में आयोजित पैनल चर्चा में 100 से अधिक उद्योग, कृषि और नीति विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने यूरिया, डीएपी और मिश्रित उर्वरकों के घरेलू उत्पादन विस्तार और नैनो यूरिया व जैव-उर्वरकों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। पर्यटन मंत्री डॉ. जयराम गामित ने बताया कि सपूतारा में पर्यटकों की संख्या वित्त वर्ष 2023-24 के 1.13 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 1.19 लाख हो गई। राज्य सरकार ने इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक विरासत पहलों के ज़रिए आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन बुनियादी ढाँचा विकसित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की।

वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) के तहत 1 मई 2026 को सूरत में आयोजित नीति और उद्योग चर्चाओं में दो प्रमुख एजेंडे उभरे — उर्वरक क्षेत्र में आयात प्रतिस्थापन के ज़रिए आत्मनिर्भरता और राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन बुनियादी ढाँचे का विस्तार। इन सत्रों में उद्योग, कृषि, शिक्षा जगत और नीति संस्थानों के 100 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।

उर्वरक आत्मनिर्भरता पर राष्ट्रीय पैनल चर्चा

ऑरो यूनिवर्सिटी में राज्य सरकार के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स विभाग तथा वीजीआरसी के संयुक्त तत्वावधान में

Point of View

और नैनो यूरिया जैसे विकल्प अभी व्यापक पैमाने पर अपनाए जाने से दूर हैं। सपूतारा में पर्यटकों की मामूली वृद्धि — दो वर्षों में मात्र 6,000 — संभावना की पुष्टि करती है, पर गति की नहीं। आदिवासी पर्यटन की वास्तविक छलांग के लिए बुनियादी ढाँचे में ठोस निवेश और स्थानीय समुदायों की भागीदारी अनिवार्य है, केवल संगोष्ठियाँ नहीं।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) 2026 में क्या हुआ?
1 मई 2026 को सूरत में आयोजित वीजीआरसी में उर्वरक क्षेत्र में आयात प्रतिस्थापन और आदिवासी पर्यटन विकास पर दो प्रमुख सत्र हुए। इनमें 100 से अधिक उद्योग, कृषि और नीति विशेषज्ञों ने भाग लिया।
उर्वरक आत्मनिर्भरता पर क्या चर्चा हुई?
विशेषज्ञों ने यूरिया, डीएपी और मिश्रित उर्वरकों के घरेलू उत्पादन बढ़ाने और नैनो यूरिया व जैव-उर्वरकों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों को देखते हुए आत्मनिर्भरता को अनिवार्य बताया गया।
सपूतारा में पर्यटन की क्या स्थिति है?
पर्यटन मंत्री डॉ. जयराम गामित के अनुसार सपूतारा में पर्यटकों की संख्या वित्त वर्ष 2023-24 के 1.13 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 1.19 लाख हो गई है। राज्य सरकार इसे दक्षिण गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है।
गुजरात सरकार आदिवासी पर्यटन को कैसे बढ़ावा दे रही है?
राज्य सरकार ने आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन बुनियादी ढाँचे के विकास, इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक विरासत पहलों को प्रोत्साहित करने की रूपरेखा वीजीआरसी में प्रस्तुत की। सपूतारा को इस योजना के केंद्र में रखा गया है।
भारत उर्वरक क्षेत्र में किन चीज़ों के लिए आयात पर निर्भर है?
भारत विश्व के सबसे बड़े उर्वरक उपभोक्ताओं में से एक है, फिर भी पोटाश और फॉस्फेटिक कच्चे माल जैसे प्रमुख इनपुट के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भर है। विशेषज्ञों के अनुसार इस निर्भरता को कम करने के लिए सरकार, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के समन्वित प्रयास ज़रूरी हैं।
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