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होर्मुज संकट के बीच जापान ने रूस से खरीदा तेल, फरवरी 2022 के बाद पहली बार

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होर्मुज संकट के बीच जापान ने रूस से खरीदा तेल, फरवरी 2022 के बाद पहली बार

सारांश

फरवरी 2022 के बाद पहली बार जापान ने रूस से तेल खरीदा — यह महज एक व्यापारिक सौदा नहीं, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते संकट के सामने टोक्यो की ऊर्जा रणनीति का बड़ा बदलाव है। 58 लाख किलोलीटर भंडार जारी और 60% आपूर्ति वैकल्पिक मार्गों से — जापान अपनी सबसे पुरानी कमजोरी से लड़ रहा है।

मुख्य बातें

जापान ने 1 मई 2026 को फरवरी 2022 के बाद पहली बार रूस से कच्चे तेल की खेप खरीदी।
'वॉयजर' टैंकर 3 मई को शिकोकू द्वीप के किकुमा बंदरगाह पहुँचेगा; तेल सखालिन ब्लेंड ग्रेड का है।
सरकार ने देशभर के 10 केंद्रों से 58 लाख किलोलीटर तेल चरणबद्ध तरीके से जारी करने की घोषणा की — यह 20 दिनों की खपत के बराबर है।
प्रधानमंत्री सना ताकाइची के अनुसार, मई में 60% कच्चे तेल की जरूरत होर्मुज से इतर मार्गों से पूरी होने की उम्मीद।
जापान अपनी कच्चे तेल की 90% से अधिक जरूरत पश्चिम एशिया से पूरी करता है।

जापान ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को रूस से कच्चे तेल की एक खेप खरीदी — फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब टोक्यो ने मॉस्को से तेल का आयात किया है। यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल मार्गों पर बढ़ते संकट के बीच उठाया गया है, जिससे जापान की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर दबाव आ गया है।

रूसी तेल की खेप और आपूर्ति मार्ग

रूस से खरीदा गया यह तेल 'वॉयजर' नाम के ऑयल टैंकर से लाया जा रहा है। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, यह टैंकर 3 मई को शिकोकू द्वीप के किकुमा बंदरगाह पहुँचेगा। ओमान के झंडे वाला यह टैंकर शिकोकू द्वीप स्थित ताइयो ऑयल की रिफाइनरी तक तेल पहुँचाएगा।

ताइयो ऑयल के एक प्रतिनिधि ने तास से कहा, ''खरीदा जा रहा तेल सखालिन ब्लेंड ग्रेड का है। इस मामले में हम जापान सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।''

राष्ट्रीय तेल भंडार से आपातकालीन आपूर्ति

जापान सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने राष्ट्रीय तेल भंडार से अतिरिक्त तेल जारी करना शुरू कर दिया है। यह मात्रा देश की करीब 20 दिनों की खपत के बराबर है और इसे इबाराकी प्रांत के तेल भंडार केंद्रों से जारी किया जा रहा है।

क्योडो न्यूज एजेंसी के मुताबिक, देशभर के 10 केंद्रों से कुल 58 लाख किलोलीटर तेल चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले भी सरकार राज्य और अन्य भंडारों से करीब 50 दिनों के बराबर तेल जारी कर चुकी है।

होर्मुज से परे वैकल्पिक आपूर्ति की रणनीति

जापान की प्रधानमंत्री सना ताकाइची के अनुसार, मई महीने के लिए जापान अपनी करीब 60 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत ऐसे रास्तों से पूरी करने की उम्मीद कर रहा है, जो होर्मुज स्ट्रेट से होकर नहीं गुजरते। यह आँकड़ा जापान की ऊर्जा विविधीकरण रणनीति में एक उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाता है।

ताकाइची ने 25 अप्रैल को पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाई थी। इसमें तय किया गया कि मध्य पूर्व और अमेरिका के अलावा जापान अब मध्य एशिया, लैटिन अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र से भी तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

जापान की ऊर्जा निर्भरता और संकट का संदर्भ

जापान अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 90 प्रतिशत से अधिक आयात पश्चिम एशिया से करता है, जिसका अधिकांश हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह Nवीं बार नहीं है जब जापान को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ा हो — 1973 के तेल संकट के बाद से टोक्यो ने भंडारण और विविधीकरण को प्राथमिकता दी है, लेकिन होर्मुज पर इतनी भारी निर्भरता आज भी उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की सफलता यह तय करेगी कि जापान इस संकट को कितनी कुशलता से संभाल पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे विविधीकरण के तमाम वादों के बावजूद दूर नहीं किया जा सका। असली सवाल यह है कि क्या यह एकबारगी आपात खरीद है, या जापान की ऊर्जा नीति में स्थायी बदलाव की शुरुआत — और इसका G7 की एकजुटता पर क्या असर पड़ेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जापान ने रूस से तेल क्यों खरीदा?
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते संकट के कारण पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति बाधित होने के खतरे के बीच जापान ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूस से कच्चे तेल की खेप खरीदी। यह फरवरी 2022 के बाद पहली बार है जब जापान ने रूस से तेल आयात किया है।
'वॉयजर' टैंकर कब और कहाँ पहुँचेगा?
रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, 'वॉयजर' टैंकर 3 मई को शिकोकू द्वीप के किकुमा बंदरगाह पहुँचेगा और ताइयो ऑयल की रिफाइनरी को सखालिन ब्लेंड ग्रेड का तेल पहुँचाएगा।
जापान ने राष्ट्रीय तेल भंडार से कितना तेल जारी किया?
जापान सरकार ने देशभर के 10 केंद्रों से कुल 58 लाख किलोलीटर तेल चरणबद्ध तरीके से जारी करने की घोषणा की है, जो देश की करीब 20 दिनों की खपत के बराबर है। इससे पहले भी सरकार करीब 50 दिनों के बराबर तेल भंडार से जारी कर चुकी है।
जापान की ऊर्जा विविधीकरण रणनीति क्या है?
प्रधानमंत्री सना ताकाइची के अनुसार, मई 2026 में जापान अपनी 60% कच्चे तेल की जरूरत होर्मुज स्ट्रेट से न गुजरने वाले मार्गों से पूरी करने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत मध्य एशिया, लैटिन अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र से आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट का जापान पर क्या असर पड़ा है?
जापान अपनी कच्चे तेल की 90% से अधिक जरूरत पश्चिम एशिया से पूरी करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इस मार्ग पर खतरा बढ़ने से जापान को आपातकालीन भंडार जारी करने और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत तलाशने पर मजबूर होना पड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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