पूर्वी चंपारण में साइबर ठगी-हवाला रैकेट का भंडाफोड़: ₹69 लाख बरामद, 6 गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
पुलिस ने पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन इलाके में साइबर ठगी और हवाला कारोबार से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। 1 मई 2026 को अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में ₹69 लाख रुपए बरामद किए गए हैं और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह साइबर ठगी की रकम को नेपाल के बैंक खातों के ज़रिए सफेद करने की कोशिश कर रहा था।
छापेमारी का घटनाक्रम
साइबर थाना और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात घोड़ासहन मेन रोड, बाजार क्षेत्र और वीरता चौक समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करीब आधा दर्जन दुकानों की तलाशी ली गई। पुलिस को पहले से पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह विशेष अभियान चलाया गया।
बरामद सामग्री और गिरफ्तारियाँ
साइबर सेल के एसडीपीओ अभिनव पराशर ने बताया कि छापेमारी के दौरान ₹69 लाख नकद, 11 मोबाइल फोन, एक करेंसी गिनने की मशीन, नेपाल के कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज़ और संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कई व्हाट्सएप नंबर बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि जब्त सामान पूरे नेटवर्क का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।
नेटवर्क की कार्यप्रणाली
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का कारोबार चला रहा था और इसके ज़रिए ₹50 करोड़ से अधिक के लेनदेन की आशंका है। गिरोह पर आरोप है कि वह आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध रकम के लेनदेन के लिए करता था और इसके बदले कमीशन देता था। यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती इलाकों में साइबर अपराध और हवाला नेटवर्क को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय कड़ियाँ
एसडीपीओ पराशर के अनुसार, पुलिस को सूचना थी कि साइबर ठगी से अर्जित रकम नेपाल में संचालित बैंक खातों के ज़रिए सीमा पार भेजी जा रही थी। गौरतलब है कि इस नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी बताई जा रही हैं और इसमें राज्य के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई लोग शामिल हो सकते हैं।
आगे की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य आरोपियों की पहचान का काम जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और छापेमारी और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है। यह कार्रवाई सीमा पार वित्तीय लेनदेन की कड़ी निगरानी की ज़रूरत को भी रेखांकित करती है।