पूर्वी चंपारण में साइबर ठगी-हवाला रैकेट का भंडाफोड़: ₹69 लाख बरामद, 6 गिरफ्तार

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पूर्वी चंपारण में साइबर ठगी-हवाला रैकेट का भंडाफोड़: ₹69 लाख बरामद, 6 गिरफ्तार

सारांश

बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया जो साइबर ठगी की रकम को नेपाली बैंक खातों के ज़रिए सफेद कर रहा था। ₹69 लाख नकद, 11 मोबाइल और नेपाल के बैंक दस्तावेज़ बरामद हुए। ₹50 करोड़ से अधिक के लेनदेन की आशंका इस नेटवर्क की गहरी जड़ों की ओर इशारा करती है।

Key Takeaways

पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन में साइबर थाना और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई में ₹69 लाख नकद , 11 मोबाइल फोन , करेंसी गिनने की मशीन और नेपाल के बैंक खातों के दस्तावेज़ बरामद हुए। 6 आरोपी गिरफ्तार; गिरोह पर ₹50 करोड़ से अधिक के अवैध लेनदेन की आशंका। गिरोह आम लोगों के बैंक खातों का उपयोग अवैध रकम के लेनदेन के लिए करता था और बदले में कमीशन देता था। साइबर सेल के एसडीपीओ अभिनव पराशर के नेतृत्व में जांच जारी; और छापेमारी की संभावना।

पुलिस ने पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन इलाके में साइबर ठगी और हवाला कारोबार से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। 1 मई 2026 को अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में ₹69 लाख रुपए बरामद किए गए हैं और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह साइबर ठगी की रकम को नेपाल के बैंक खातों के ज़रिए सफेद करने की कोशिश कर रहा था।

छापेमारी का घटनाक्रम

साइबर थाना और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात घोड़ासहन मेन रोड, बाजार क्षेत्र और वीरता चौक समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करीब आधा दर्जन दुकानों की तलाशी ली गई। पुलिस को पहले से पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह विशेष अभियान चलाया गया।

बरामद सामग्री और गिरफ्तारियाँ

साइबर सेल के एसडीपीओ अभिनव पराशर ने बताया कि छापेमारी के दौरान ₹69 लाख नकद, 11 मोबाइल फोन, एक करेंसी गिनने की मशीन, नेपाल के कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज़ और संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कई व्हाट्सएप नंबर बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि जब्त सामान पूरे नेटवर्क का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का कारोबार चला रहा था और इसके ज़रिए ₹50 करोड़ से अधिक के लेनदेन की आशंका है। गिरोह पर आरोप है कि वह आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध रकम के लेनदेन के लिए करता था और इसके बदले कमीशन देता था। यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती इलाकों में साइबर अपराध और हवाला नेटवर्क को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय कड़ियाँ

एसडीपीओ पराशर के अनुसार, पुलिस को सूचना थी कि साइबर ठगी से अर्जित रकम नेपाल में संचालित बैंक खातों के ज़रिए सीमा पार भेजी जा रही थी। गौरतलब है कि इस नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी बताई जा रही हैं और इसमें राज्य के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई लोग शामिल हो सकते हैं।

आगे की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य आरोपियों की पहचान का काम जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और छापेमारी और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है। यह कार्रवाई सीमा पार वित्तीय लेनदेन की कड़ी निगरानी की ज़रूरत को भी रेखांकित करती है।

Point of View

बल्कि एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय तंत्र है। असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस केवल निचले स्तर के ऑपरेटरों तक सीमित रहेगी या नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुँच पाएगी। सीमा पार वित्तीय अपराधों पर लगाम के लिए भारत-नेपाल के बीच बेहतर खुफिया साझेदारी की ज़रूरत इस मामले से एक बार फिर उजागर होती है।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

पूर्वी चंपारण में साइबर ठगी और हवाला रैकेट का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
साइबर थाना और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर गुरुवार देर रात घोड़ासहन के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में ₹69 लाख नकद, 11 मोबाइल फोन और नेपाल के बैंक खातों के दस्तावेज़ बरामद हुए और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार गिरोह किस तरह काम करता था?
गिरोह साइबर ठगी से कमाई गई रकम को आम लोगों के बैंक खातों के ज़रिए लेनदेन करता था और उन्हें कमीशन देता था। इसके बाद यह रकम नेपाल के बैंक खातों के ज़रिए सीमा पार भेजी जाती थी ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।
इस मामले में कितने रुपए के लेनदेन की आशंका है?
प्रारंभिक जांच के अनुसार इस गिरोह के ज़रिए ₹50 करोड़ से अधिक के अवैध लेनदेन की आशंका है। हालांकि यह आँकड़ा जांच के शुरुआती चरण का है और आगे बढ़ सकता है।
क्या इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संबंध हैं?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क की जड़ें राज्य से बाहर और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैली हो सकती हैं। नेपाली बैंक खातों के दस्तावेज़ और सीमा पार लेनदेन के सबूत इस दिशा में जांच को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
आगे इस मामले में क्या होगा?
पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है। आने वाले दिनों में और छापेमारी और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।
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