महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026: शनिवार को भारतीय टीम की घोषणा, चयनकर्ताओं के सामने बड़ी चुनौतियाँ
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 1 मई 2026 — भारतीय महिला क्रिकेट टीम की टी20 वर्ल्ड कप 2026 की 15 सदस्यीय स्क्वाड की घोषणा शनिवार शाम मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में की जाएगी। लेकिन इस घोषणा से पहले, अमिता शर्मा की अगुवाई वाली चयन समिति को कई महत्वपूर्ण स्थानों पर कठिन निर्णय लेने होंगे, खासकर गेंदबाजी विभाग में जहाँ नई प्रतिभा और अनुभव के बीच संतुलन बनाना मुश्किल साबित हो रहा है।
टूर्नामेंट का समय और भारत की महत्वाकांक्षा
महिला टी20 वर्ल्ड कप का 10वां संस्करण 12 जून से 5 जुलाई तक इंग्लैंड में खेला जाएगा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम खिताब जीतने की मजबूत दावेदारी रखती है, खासकर इसलिए क्योंकि भारत ने 2025 में घर में महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता था। हालांकि, गेंदबाजी में लगातार चिंताएँ बनी हुई हैं, जिससे चयनकर्ताओं के लिए स्क्वाड पूरा करना और भी जटिल हो गया है।
हाल के प्रदर्शन और चयन की दुविधाएँ
भारत ने दिसंबर 2025 में घर में श्रीलंका को 5-0 से हराया था, फिर इंग्लैंड को उसी के घर में मात दी और ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से पराजित किया। लेकिन अप्रैल 2026 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टीम को 4-1 की हार का सामना करना पड़ा। इस दौरे पर प्रबंधन ने कई नए खिलाड़ियों को आजमाया, जिससे विश्व कप के लिए स्पष्ट संदेश भेजा गया कि प्रयोग जारी है।
नई प्रतिभा और अनुभव के बीच संघर्ष
अनुष्का शर्मा (बैटिंग ऑलराउंडर) और वैष्णवी शर्मा (बाएँ हाथ की स्पिनर) ने हाल में डेब्यू किया है और दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं, भारती फुलमाली जैसी पावर हिटर भी लंबे समय बाद टीम में लौटी हैं और अपनी दावेदारी मजबूत की है। मेजबान इंग्लैंड ने इस 12-टीमीय टूर्नामेंट के लिए तीन बाएँ हाथ की स्पिनर चुनी हैं, जो भारत के लिए एक संकेत हो सकता है कि स्पिन गहराई कितनी महत्वपूर्ण है।
तेज गेंदबाजी में नए विकल्प
नंदिनी शर्मा, जिन्होंने WPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया, उन्हें तेज गेंदबाजी विभाग में अतिरिक्त विकल्प के रूप में मौका मिल सकता है। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टी20 डेब्यू करने वाली नंदिनी और काश्वी गौतम का चयन भी दिलचस्प रहेगा, खासकर जब अमनजोत कौर पीठ की चोट के कारण संदिग्ध हैं।
अनुभवी खिलाड़ियों का भाग्य अनिश्चित
राधा यादव का मामला सबसे दिलचस्प है। उन्होंने 2025 में इंग्लैंड में भारत की टी20 सीरीज में छह विकेट लिए थे, लेकिन तब से इस फॉर्मेट में नहीं खेलीं। हालांकि, WPL 2026 में RCB के लिए उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया (9 मैचों में 114 रन, 66 रन की पारी सहित), और बैंकॉक में महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में इंडिया ए की कप्तानी करते हुए 75 रन और 10 विकेट लिए। सीनियर महिला इंटर जोनल मल्टी डे ट्रॉफी में वेस्ट जोन के लिए खेलते हुए राधा ने 4 पारियों में 224 रन (108 रन की पारी सहित) बनाए और 12 विकेट लिए। इसके बावजूद, स्नेह राणा और जी कमलिनी जैसे खिलाड़ियों के वर्ल्ड कप टीम से बाहर रहने का खतरा बना हुआ है।
विकेटकीपर की स्थिति
यास्तिका भाटिया, बाएँ हाथ की विकेटकीपर-बल्लेबाज, ने विशाखापट्टनम में वनडे वर्ल्ड कप तैयारी शिविर के दौरान घुटने में चोट के बाद ACL सर्जरी कराई थी। अब उन्होंने फिर से प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। अब देखना होगा कि वह दूसरे विकेटकीपर के तौर पर उमा छेत्री की जगह लेती हैं या पहले इंडिया ए के जरिए वापसी करती हैं।
शनिवार की बैठक: केवल टी20 वर्ल्ड कप नहीं
शनिवार की बैठक सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप टीम तक सीमित नहीं रहेगी। इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप से पहले होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज (8 मई से 2 जून) और 10 से 13 जुलाई तक लॉर्ड्स में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट के लिए भी टीम चुनी जाएगी। चयनकर्ता टी20 सीरीज के लिए 17 या 18 सदस्यीय टीम चुन सकते हैं, जिससे वैष्णवी शर्मा जैसे नए खिलाड़ियों के लिए दरवाजा खुल सकता है।
इंडिया ए का चयन
इंग्लैंड ए के खिलाफ 3 वनडे और 3 टी20 मैचों के लिए इंडिया ए टीम का भी चयन होगा। हरलीन देओल और प्रतिका रावल को इंडिया ए टीम के साथ इंग्लैंड भेजे जाने की संभावना है, ताकि वे वहाँ की परिस्थितियों में खुद को ढाल सकें और एकमात्र टेस्ट की तैयारी कर सकें। वर्ल्ड कप की स्टैंडबाय खिलाड़ी भी इंडिया ए टीम का हिस्सा हो सकती हैं।
आगे क्या
टी20 वर्ल्ड कप अब करीब है और शनिवार शाम मुंबई में होने वाली यह घोषणा भारत की पहली महिला टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी की उम्मीदों को काफी हद तक तय करेगी। चयन समिति को न केवल फॉर्म और फिटनेस को संतुलित करना होगा, बल्कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में भारत की ताकत को भी ध्यान में रखना होगा।