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गुजरात: उकाई क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए ₹125 करोड़ आवंटित, पर्यटन मंत्री जयराम गामित बोले — ग्रामीण रोजगार में होगा बड़ा बदलाव

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गुजरात: उकाई क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए ₹125 करोड़ आवंटित, पर्यटन मंत्री जयराम गामित बोले — ग्रामीण रोजगार में होगा बड़ा बदलाव

सारांश

गुजरात सरकार ने उकाई क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए ₹125 करोड़ का आवंटन किया है। पर्यटन मंत्री जयराम गामित ने सूरत में VGRC के दौरान कहा कि ग्रामीण और आदिवासी पर्यटन न केवल रोजगार, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नींव बन सकता है — लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने उकाई क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए ₹125 करोड़ आवंटित किए।
जयराम गामित ने 1 मई 2026 को सूरत में VGRC सेमिनार को संबोधित किया।
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन से रोजगार व स्वरोजगार दोनों के अवसर बढ़ने की उम्मीद।
सपूतारा सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान।
पर्यटन विभाग के अधिकारी एचएम सोलंकी ने GDP में पर्यटन के योगदान का विवरण प्रस्तुत किया।
डेस्टिनेशन वेडिंग टूरिज्म को गुजरात के पर्यटन विस्तार के प्रमुख घटक के रूप में रेखांकित किया गया।

गुजरात सरकार ने उकाई क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए ₹125 करोड़ आवंटित किए हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री डॉ. जयराम गामित ने 1 मई 2026 को सूरत स्थित एयूआरओ विश्वविद्यालय में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) में यह जानकारी दी। इस आवंटन का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना और ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

सेमिनार में क्या हुआ

VGRC के अंतर्गत 'रूरल, ट्राइबल एंड वेडिंग टूरिज्म' विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए गामित ने कहा कि पर्यटन विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने सपूतारा सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया। इस सेमिनार में टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

ग्रामीण और आदिवासी पर्यटन की संभावनाएँ

गामित ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से रोजगार और स्वरोजगार दोनों के अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि उत्पादों, हस्तशिल्पों के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को व्यापक पहचान मिलेगी। उनके अनुसार, ग्रामीण पर्यटन के विकास के माध्यम से ही सच्चे मायने में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है।

गुजरात की पर्यटन क्षमता

गुजरात की पर्यटन संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए गामित ने कहा कि राज्य के आदिवासी क्षेत्र, तटीय क्षेत्र, रेगिस्तानी इलाके और विश्वस्तरीय रिसॉर्ट पर्यटन विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने डेस्टिनेशन वेडिंग टूरिज्म को भी इस विस्तार के एक प्रमुख घटक के रूप में रेखांकित किया। गौरतलब है कि गुजरात पहले से ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और रण उत्सव जैसे आयोजनों के जरिए देश के शीर्ष पर्यटन गंतव्यों में शुमार है।

GDP में पर्यटन का योगदान

पर्यटन विभाग के अधिकारी एचएम सोलंकी ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में पर्यटन के योगदान का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन विकास के अवसरों और रोजगार सृजन में इसकी भूमिका की रूपरेखा भी सामने रखी। मंत्री गामित ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्यटन विकास को आर्थिक प्रगति के एक प्रमुख साधन के रूप में प्रोत्साहित कर रहे हैं।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें ग्रामीण भारत में रोजगार के वैकल्पिक स्रोत तलाशने पर जोर दे रही हैं। ₹125 करोड़ के इस आवंटन का क्रियान्वयन और उसके परिणाम आने वाले महीनों में स्पष्ट होंगे — यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इससे उकाई क्षेत्र के स्थानीय समुदायों को वास्तविक रोजगार मिल पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गुजरात में पर्यटन-आधारित ग्रामीण रोजगार की घोषणाओं का इतिहास मिला-जुला रहा है — स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स से स्थानीय आदिवासी समुदायों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। असली सवाल यह है कि उकाई क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को इस निवेश का कितना प्रत्यक्ष हिस्सा मिलेगा और रोजगार के आँकड़ों का सत्यापन कैसे होगा। ग्रामीण पर्यटन की सफलता के लिए बुनियादी ढाँचे और स्थानीय क्षमता निर्माण दोनों जरूरी हैं, जिनका इस घोषणा में कोई विस्तृत रोडमैप नहीं दिया गया।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात सरकार ने उकाई क्षेत्र में पर्यटन के लिए कितनी राशि आवंटित की है?
गुजरात सरकार ने उकाई क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए ₹125 करोड़ आवंटित किए हैं। यह जानकारी पर्यटन मंत्री डॉ. जयराम गामित ने 1 मई 2026 को सूरत में VGRC सेमिनार के दौरान दी।
VGRC सेमिनार में किन विषयों पर चर्चा हुई?
सूरत के एयूआरओ विश्वविद्यालय में आयोजित VGRC सेमिनार का विषय 'रूरल, ट्राइबल एंड वेडिंग टूरिज्म' था। इसमें ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन विकास, रोजगार सृजन और GDP में पर्यटन के योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई।
ग्रामीण पर्यटन से गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों को क्या फायदा होगा?
पर्यटन मंत्री गामित के अनुसार, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन के विस्तार से रोजगार और स्वरोजगार दोनों के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, कृषि उत्पादों, हस्तशिल्पों और आदिवासी संस्कृति को व्यापक पहचान मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
गुजरात में कौन-से प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है?
पर्यटन मंत्री गामित ने सपूतारा सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया। इसके अलावा राज्य के आदिवासी क्षेत्र, तटीय क्षेत्र, रेगिस्तानी इलाके और विश्वस्तरीय रिसॉर्ट को पर्यटन विस्तार के प्रमुख अवसर के रूप में रेखांकित किया गया।
डेस्टिनेशन वेडिंग टूरिज्म गुजरात के पर्यटन विकास में क्यों महत्वपूर्ण है?
गामित ने डेस्टिनेशन वेडिंग टूरिज्म को गुजरात के पर्यटन विस्तार का एक प्रमुख घटक बताया। राज्य के विविध भौगोलिक क्षेत्र — तटीय, रेगिस्तानी और आदिवासी — इसे वेडिंग टूरिज्म के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाते हैं, जो उच्च आय वर्ग के पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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