3 अगस्त 2026
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दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का भगवंत मान पर हमला, कहा- नशे में पंजाब विधानसभा पहुँचे CM

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दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का भगवंत मान पर हमला, कहा- नशे में पंजाब विधानसभा पहुँचे CM

सारांश

मजदूर दिवस पर बुलाए गए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में CM भगवंत मान के कथित नशे में पहुँचने के आरोपों ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। BJP और कांग्रेस दोनों ने ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की माँग की, जबकि दिल्ली BJP अध्यक्ष ने AAP संयोजक केजरीवाल से तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की अपील की।

मुख्य बातें

दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 1 मई 2026 को आरोप लगाया कि CM भगवंत मान कथित तौर पर नशे में पंजाब विधानसभा के मजदूर दिवस विशेष सत्र में पहुँचे।
पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने माँग की कि फ्लोर टेस्ट से पहले सभी नेताओं का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट होना चाहिए।
कांग्रेस ने विशेष सत्र से वॉकआउट किया और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सभी विधायकों के अल्कोहल टेस्ट की माँग की।
जाखड़ ने उसी दिन पंजाब कैबिनेट बैठक में दो मंत्रियों और मुख्य सचिव के साथ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया।
सचदेवा ने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल से भगवंत मान के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग की।

दिल्ली भाजपा (BJP) अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 1 मई 2026 को आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कथित तौर पर शराब के नशे में पंजाब विधानसभा के मजदूर दिवस विशेष एकदिवसीय सत्र में पहुँचे और इस तरह लोकतंत्र को एक बार फिर शर्मसार किया। सचदेवा के इस बयान के साथ ही विपक्षी दलों की माँग तेज हो गई कि सदन में मौजूद सभी विधायकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया जाए।

सचदेवा के आरोप: क्या कहा दिल्ली BJP अध्यक्ष ने

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान कथित रूप से लड़खड़ाते हुए सदन में पहुँचे और अस्पष्ट भाषा में बोले। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सदन में प्रवेश से क्यों नहीं रोका। सचदेवा के अनुसार, ''आज जिस तरह वह लड़खड़ाते हुए सदन में पहुँचे और उस हालत में बोले, उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर दीं।''

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है — सांसद रहने के दौरान भी भगवंत मान कथित तौर पर शराब के नशे में लोकसभा पहुँचे थे। सचदेवा ने इस घटना को मान की सरकार की अस्थिरता का प्रतीक बताया, यह कहते हुए कि मुख्यमंत्री को खुद अपनी सरकार की स्थिरता पर भरोसा नहीं रहा।

पंजाब BJP अध्यक्ष की माँग: पहले ब्रेथ एनालाइजर, फिर फ्लोर टेस्ट

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, ''फ्लोर टेस्ट बाद में हो, पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट होना चाहिए। यही मेरी माँग है। मुख्यमंत्री चाहे फ्लोर टेस्ट कराएं या न करें, या विश्वास प्रस्ताव लाएं, लेकिन आज पंजाब विधानसभा में नेताओं का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट जरूर होना चाहिए।''

जाखड़ ने उसी दिन हुई पंजाब कैबिनेट बैठक पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, ''आज सुबह पंजाब कैबिनेट की बैठक में दो मंत्रियों का अपमान किया गया। वहाँ जिस भाषा का इस्तेमाल हुआ, वह बेहद आपत्तिजनक था। सिर्फ मंत्री ही नहीं, मुख्य सचिव के साथ भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।'' जाखड़ ने इसे लोकतंत्र के मंदिर — विधानसभा — का अपमान करार दिया।

कांग्रेस का वॉकआउट और अल्कोहल टेस्ट की माँग

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में हंगामे के बीच कांग्रेस ने वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी मुख्यमंत्री के कथित रूप से नशे में सदन पहुँचने के आरोपों के बाद सभी विधायकों का अल्कोहल टेस्ट कराने की माँग की। कांग्रेस का तर्क था कि सदन की कार्यवाही के दौरान सदस्यों के व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए मेडिकल जाँच अनिवार्य है।

AAP और केजरीवाल से अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग

सचदेवा ने कहा कि पंजाब, दिल्ली और पूरे देश के लोग इस व्यवहार से स्तब्ध हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भगवंत मान के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग की। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पंजाब में AAP सरकार की राजनीतिक स्थिरता पर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे हैं। यह देखना अहम होगा कि केजरीवाल इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या भगवंत मान इस पर कोई सार्वजनिक सफाई देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो AAP की पारंपरिक विरोधी नहीं, बल्कि सत्ता की प्रतिस्पर्धी है। पंजाब विधानसभा में विशेष सत्र बुलाना और उसी दिन इस तरह के आरोपों का उठना AAP सरकार की राजनीतिक साख के लिए दोहरा झटका है। मुख्यधारा की कवरेज आरोप-प्रत्यारोप तक सिमटी है, जबकि असली सवाल यह है कि विधानसभा अध्यक्ष ने — यदि आरोप सच हैं — क्यों हस्तक्षेप नहीं किया, और क्या संसदीय प्रक्रिया में ऐसी जवाबदेही का कोई तंत्र है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीरेंद्र सचदेवा ने भगवंत मान पर क्या आरोप लगाए?
दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 1 मई 2026 को आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कथित तौर पर शराब के नशे में पंजाब विधानसभा के मजदूर दिवस विशेष सत्र में पहुँचे और अस्पष्ट भाषा में बोले। उन्होंने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया और विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने क्या माँग की?
सुनील जाखड़ ने माँग की कि किसी भी फ्लोर टेस्ट या विश्वास प्रस्ताव से पहले पंजाब विधानसभा में मौजूद सभी नेताओं का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया जाए। उन्होंने कैबिनेट बैठक में दो मंत्रियों और मुख्य सचिव के साथ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में वॉकआउट क्यों किया?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि CM भगवंत मान कथित रूप से नशे की हालत में सदन में पहुँचे। इसके विरोध में पार्टी ने वॉकआउट किया और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सभी विधायकों का अल्कोहल टेस्ट कराने की माँग की।
क्या भगवंत मान पर पहले भी इस तरह के आरोप लगे हैं?
हाँ, BJP का आरोप है कि भगवंत मान के सांसद रहने के दौरान भी वे कथित तौर पर नशे की हालत में लोकसभा पहुँचे थे। हालाँकि ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से क्या माँग की गई?
दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल से भगवंत मान के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग की। अभी तक केजरीवाल की ओर से इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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