भगवंत मान पर BJP का हमला: राज्यपाल से मांग — 'दारू छोड़ें या कुर्सी छोड़ें'
सारांश
पंजाब BJP ने राज्यपाल कटारिया से माँग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को या तो शराब छोड़नी होगी या मुख्यमंत्री पद। कथित तौर पर नशे में विधानसभा पहुँचने के आरोपों के बाद यह विवाद तेज हुआ है।
मुख्य बातें
पंजाब BJP के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की।
BJP ने माँग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को या तो शराब छोड़नी होगी या मुख्यमंत्री पद।
BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 'एक्स' पर लिखा — 'दारू छोड़ें या कुर्सी छोड़ें।' BJP के ज्ञापन में आरोप: मान कथित तौर पर नशे की हालत में विधानसभा के पहले सत्र में शामिल हुए।
पार्टी ने राज्यपाल से मुख्यमंत्री को पद से हटाने की सिफारिश करने को भी कहा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित तौर पर नशे की हालत में पंजाब विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। रविवार, 4 मई 2025 को पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर माँग की कि वे मुख्यमंत्री को बुलाकर उन्हें स्पष्ट कहें — या तो दारू छोड़ें, नहीं तो कुर्सी छोड़ें। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्ष के बीच पहले से ही तनातनी चल रही है।
भाजपा नेताओं की राज्यपाल से मुलाकात
पंजाब BJP के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन इसे पूरी तरह खारिज करना भी उचित नहीं होगा। पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है और मुख्यमंत्री के आचरण पर सार्वजनिक बहस लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा है। हालाँकि, राज्यपाल का किसी निर्वाचित मुख्यमंत्री को पद से हटाने की सिफारिश करना संवैधानिक रूप से अत्यंत जटिल कदम होगा। असली सवाल यह है कि क्या AAP सरकार इन आरोपों का पारदर्शी खंडन कर पाएगी — क्योंकि चुप्पी और टालमटोल इस विवाद को और हवा देगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवंत मान पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
आरोप है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कथित तौर पर नशे की हालत में पंजाब विधानसभा के पहले सत्र में शामिल हुए थे। BJP का कहना है कि विधानसभा के भीतर और बाहर पत्रकारों को संबोधित करते समय उनका आचरण इसकी पुष्टि करता है।
पंजाब BJP ने राज्यपाल से क्या माँग की है?
BJP ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से माँग की है कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान को बुलाकर स्पष्टीकरण माँगें और यदि आवश्यक हो तो उन्हें पद से हटाने की सिफारिश करें। पार्टी ने कहा कि मान को या तो शराब छोड़नी होगी या मुख्यमंत्री की कुर्सी।
सुनील जाखड़ ने इस मामले में क्या कहा?
पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि उन्होंने BJP प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल से मुलाकात की और माँग की कि मुख्यमंत्री को बुलाकर कहा जाए — 'या तो दारू छोड़ें, नहीं तो कुर्सी छोड़ें।'
क्या राज्यपाल किसी मुख्यमंत्री को पद से हटा सकते हैं?
भारतीय संविधान के अनुसार राज्यपाल किसी निर्वाचित मुख्यमंत्री को तब तक पद से नहीं हटा सकते जब तक कि उनके पास विधानसभा में बहुमत हो। राज्यपाल स्पष्टीकरण माँग सकते हैं और रिपोर्ट केंद्र को भेज सकते हैं, लेकिन सीधी बर्खास्तगी संवैधानिक रूप से जटिल है।
पंजाब में यह विवाद राजनीतिक रूप से क्यों अहम है?
पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है जहाँ आंतरिक और बाहरी सुरक्षा चुनौतियाँ हैं। BJP का तर्क है कि ऐसे राज्य के मुख्यमंत्री का आचरण संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए, और यह विवाद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AAP-BJP टकराव को और तेज कर सकता है।