थॉमस कप सेमीफाइनल: विमल कुमार ने कहा, लक्ष्य की अनुपस्थिति ने भारत को कमजोर किया, फ्रांस का वर्चस्व
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 3 मई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय बैडमिंटन के पूर्व प्रमुख कोच विमल कुमार ने थॉमस कप सेमीफाइनल में फ्रांस के विरुद्ध भारत की 3-0 की करारी हार का विश्लेषण करते हुए कहा कि स्टार शटलर लक्ष्य सेन की अनुपस्थिति ने निर्णायक मुकाबलों में भारतीय टीम को महत्वपूर्ण रूप से कमजोर कर दिया। कुमार ने साथ ही फ्रांस की उत्कृष्ट प्रदर्शन क्षमता की भी प्रशंसा की, जिसके कारण वह फाइनल में प्रवेश करने में सफल रहा।
विमल कुमार की विस्तृत प्रतिक्रिया
कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी टिप्पणी में लिखा, "फ्रांस ने आज भारत को संपूर्ण रूप से परास्त किया है। लक्ष्य सेन की कमी निश्चित रूप से महत्वपूर्ण पलों पर अनुभव की गई। तथापि, यह परिणाम दर्शाता है कि फ्रांस बैडमिंटन राष्ट्र के रूप में कितनी तेजी से विकास कर रहा है। वह शीर्ष स्तर पर आत्मविश्वास और कौशल के साथ प्रतिद्वंद्विता कर रहा है।"
फ्रांस की फाइनल संभावनाएँ
कुमार ने आगे कहा, "आने वाले मैच को देखते हुए, फ्रांस फाइनल में चीन के विरुद्ध दृढ़ आत्मविश्वास लेकर उतरेगा। विशेषकर यदि वह मुकाबला चीन के साथ ही हो। जिस फॉर्म में वे हैं, उनके पास इसे एक प्रतिस्पर्धी मैच बनाने की पूरी संभावना है।"
क्रिस्टो पोपोव की प्रदर्शन क्षमता
क्रिस्टो पोपोव को फ्रांस की सफलता का मुख्य कारण मानते हुए कुमार ने कहा, "पोपोव लगातार एक असाधारण प्रदर्शनकारी रहे हैं। पिछले सीजन के अंत में फाइनल जीतना और इस स्तर का शानदार प्रदर्शन देना—विशेषकर इंडोनेशिया के विरुद्ध उनका असाधारण प्रदर्शन, जहाँ उन्होंने जोनाथन क्रिस्टी को सहजता से पराजित किया—यह प्रदर्शित करता है कि वह कोर्ट पर कितना आत्मविश्वास और गुणवत्ता लाते हैं।"
लक्ष्य सेन की चोट का प्रभाव
लक्ष्य सेन को चीनी ताइपे के विरुद्ध क्वार्टरफाइनल में कोहनी की चोट के कारण सेमीफाइनल से बाहर रहना पड़ा। इसी चोट ने भारतीय टीम को अपनी शीर्ष एकल खिलाड़ी से वंचित कर दिया, जिसका असर तीनों एकल मुकाबलों में स्पष्ट दिखाई दिया।
फ्रांस की सर्वांगीण जीत
जापान के विरुद्ध क्वार्टरफाइनल की भाँति ही, फ्रांस ने भारत के विरुद्ध भी समग्र बैडमिंटन कौशल का प्रदर्शन किया। फ्रांस के शीर्ष तीन एकल खिलाड़ियों ने पुनः उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे भारत अपनी शक्तिशाली युगल संयोजनों की ताकत का पूर्ण लाभ नहीं उठा सका।
पोपोव ने सबसे पहले आयुष शेट्टी के विरुद्ध जीत दर्ज की। शेट्टी का आक्रामक खेल भारतीय प्रचारण का मेरुदंड रहा है, परंतु पोपोव का कौशल उनके लिए बहुत अधिक साबित हुआ।
द्वितीय एकल में, एलेक्स लैनियर का मुकाबला अनुभवी किदांबी श्रीकांत से हुआ। यह युवा प्रतिभा बनाम अनुभवी खिलाड़ी का संघर्ष था, जिसमें लैनियर विजयी रहे।
तीसरे एकल में टोमा जूनियर पोपोव ने HS प्रणय को हराया, जिससे फ्रांस की 3-0 की निर्णायक जीत पूरी हुई।
भारत की भविष्य संभावनाएँ
विमल कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि 2022 के चैंपियन भारत में पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम पुनः एकजुट होकर और मजबूत होकर वापस आएगी।
फ्रांस की फाइनल यात्रा
अब फ्रांस चीन के विरुद्ध थॉमस कप फाइनल में प्रवेश कर गया है। यह उनके बैडमिंटन कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक पल है, और विमल कुमार जैसे विश्लेषकों का मानना है कि वह इस मैच को प्रतिस्पर्धी बनाने की क्षमता रखते हैं।