शृंगेरी पुनर्गणना: कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र बोले — 'सच की जीत', कांग्रेस पर परिणाम देरी का आरोप

Click to start listening
शृंगेरी पुनर्गणना: कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र बोले — 'सच की जीत', कांग्रेस पर परिणाम देरी का आरोप

सारांश

शृंगेरी में तीन साल की कानूनी लड़ाई के बाद भाजपा के डी.एन. जीवराज 56 वोटों से आगे निकले — डाक मतपत्रों की हाई कोर्ट-निर्देशित पुनर्गणना में राजेगौड़ा के 250 वोट घटे। भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया, कांग्रेस पर देरी का आरोप लगाया। आधिकारिक परिणाम अभी चुनाव आयोग के पास।

Key Takeaways

शृंगेरी विधानसभा में डाक मतपत्रों की पुनर्गणना के बाद भाजपा के डी.एन. जीवराज 56 वोटों से आगे बताए जा रहे हैं। पुनर्गणना में कांग्रेस के टी.डी. राजेगौड़ा के डाक मतपत्र 569 से घटकर 314 हुए — 250 वोटों का अंतर। 2023 के चुनाव में जीवराज मात्र 201 वोटों से हारे थे, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस पर परिणाम घोषणा में देरी के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। चुनाव अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने स्पष्ट किया कि आधिकारिक परिणाम चुनाव आयोग घोषित करेगा।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने रविवार, 3 मई को तुमकुरु में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में डाक मतपत्रों की पुनर्गणना के बाद "अंततः सच की जीत हुई है"। उन्होंने इस परिणाम को चुनावी प्रणाली और न्यायपालिका दोनों की जीत करार दिया और सत्तारूढ़ कांग्रेस पर परिणाम घोषणा में देरी के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।

मुख्य घटनाक्रम

विजयेंद्र ने बताया कि चिक्कमगलुरु जिले के शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार डी.एन. जीवराज ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टी.डी. राजेगौड़ा से मात्र 201 वोटों के अंतर से हार के बाद डाक मतपत्रों की पुनर्गणना की माँग करते हुए याचिका दायर की थी। मामला हाई कोर्ट तक पहुँचा और न्यायालय के निर्देश पर पुनर्गणना कराई गई।

विजयेंद्र ने कहा, "मुझे रात करीब 1:55 बजे जानकारी मिली कि जीवराज 56 वोटों से जीत गए हैं।" पुनर्गणना में राजेगौड़ा के डाक मतपत्र 569 से घटकर 314 रह गए — यानी 250 वोटों का अंतर — जबकि जीवराज के डाक मतपत्र 692 से घटकर 690 हुए।

चुनाव अधिकारी का बयान

चुनाव अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने पत्रकारों को बताया कि यह प्रक्रिया हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार संपन्न की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर कोई आधिकारिक परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा क्योंकि पुनर्गणना की रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंप दी गई है। शेट्टी ने कहा, "हाई कोर्ट ने उम्मीदवारों को मिले वोटों में अंतर को लेकर चिंता जताई थी।"

कांग्रेस पर आरोप और राजनीतिक विवाद

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस परिणाम घोषित होने से रोकने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रही थी। उन्होंने कहा, "पराजित उम्मीदवार और मौजूदा विधायक टी.डी. राजेगौड़ा परिणाम को लेकर हाईकोर्ट जाने के लिए समय माँगने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपील की कि कांग्रेस जनता के फैसले को स्वीकार करे और जीवराज को बचे हुए दो साल के कार्यकाल में जनता का प्रतिनिधित्व करने दे।

नाटकीय घटनाक्रम में, राजेगौड़ा ने भी पुनर्गणना के बाद जीत का दावा किया और शनिवार को मतगणना केंद्र के पास अपने समर्थकों के साथ जश्न मनाया। इधर, भाजपा ने कथित "वोट चोरी" को लेकर कांग्रेस और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।

लोकतांत्रिक महत्व पर विजयेंद्र का जोर

विजयेंद्र ने कहा कि यह परिणाम लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती को दर्शाता है। "यह सिर्फ व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि इस सिद्धांत का प्रमाण है कि लोकतंत्र में सच कभी हारता नहीं," उन्होंने कहा। उन्होंने शृंगेरी के मतदाताओं का समर्थन के लिए आभार भी जताया और जीवराज की दृढ़ता को हर मतदाता के वोट के सम्मान का प्रतीक बताया।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि आधिकारिक परिणाम अभी घोषित होना बाकी है क्योंकि पुनर्गणना की रिपोर्ट चुनाव आयोग के पास है। यह मामला इस बात का उदाहरण बन गया है कि संवैधानिक तरीकों से लगातार कानूनी प्रयास किस प्रकार न्याय दिला सकते हैं। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग के निर्णय और संभावित न्यायिक कार्रवाई पर सबकी नज़र रहेगी।

Point of View

ऐसे मामले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का अखाड़ा बनते रहेंगे।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

शृंगेरी पुनर्गणना का परिणाम क्या निकला?
हाई कोर्ट के निर्देश पर हुई डाक मतपत्रों की पुनर्गणना के बाद भाजपा के डी.एन. जीवराज 56 वोटों से आगे बताए जा रहे हैं। हालाँकि, आधिकारिक परिणाम अभी चुनाव आयोग द्वारा घोषित किया जाना बाकी है।
शृंगेरी में पुनर्गणना क्यों हुई?
2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के डी.एन. जीवराज मात्र 201 वोटों से हारे थे, जिसके बाद उन्होंने डाक मतपत्रों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के निर्देश पर पुनर्गणना कराई गई।
पुनर्गणना में वोटों में क्या बदलाव आया?
चुनाव अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी के अनुसार, कांग्रेस के टी.डी. राजेगौड़ा के डाक मतपत्र 569 से घटकर 314 हो गए यानी 250 वोटों की कमी आई। जीवराज के डाक मतपत्र 692 से घटकर 690 हुए।
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस परिणाम घोषित होने से रोकने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रही थी। उन्होंने कहा कि राजेगौड़ा परिणाम को लेकर हाईकोर्ट जाने के लिए समय माँगने की कोशिश कर रहे हैं।
आगे क्या होगा — क्या जीवराज विधायक बन जाएंगे?
अभी पुनर्गणना की रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपी गई है और आधिकारिक परिणाम घोषित होना बाकी है। कांग्रेस के हाई कोर्ट जाने की संभावना के कारण यह मामला और लंबा खिंच सकता है।
Nation Press