मतगणना से पहले अग्निमित्रा पॉल ने काली मंदिर में मांगा आशीर्वाद, बोलीं — TMC का अंत तय
सारांश
Key Takeaways
भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से एक दिन पहले, रविवार 3 मई 2026 को, बर्नपुर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और दावा किया कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन का अंत अब निश्चित है। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा प्रत्याशी पॉल ने इसे एक 'धर्म युद्ध' बताया और कहा कि सत्य और धर्म की जीत होगी।
अग्निमित्रा पॉल का बयान
अग्निमित्रा पॉल ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "आज पूजा करने का मुख्य कारण यह है कि हम जिस लड़ाई को लड़ रहे हैं, वह एक तरह से 'धर्म युद्ध' है। 34 साल के वामपंथी शासन और पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित अत्याचार का अंत अब होने वाला है। सत्य और धर्म की जीत होगी।" उन्होंने मां काली का आशीर्वाद लेने को इसी विश्वास से जोड़ा।
पॉल ने पश्चिम बंगाल की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने बड़ी संख्या में मतदान कर लोकतंत्र की ताकत दिखाई है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की भी अपील की और कहा, "हम शांति चाहते हैं और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, क्योंकि भाजपा एक अलग सोच वाली पार्टी है।"
धार्मिक सहिष्णुता पर जोर
अग्निमित्रा पॉल ने यह भी कहा, "हम कभी दूसरे धर्मों के मंच पर जाकर हिंदू धर्म के खिलाफ नहीं बोलते। हम इस्लाम, सिख, बौद्ध, जैन और जोरोएस्ट्रियन — सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। यही हमारी संस्कृति है।" उन्होंने कथित तौर पर कहा कि शायद ममता बनर्जी हिंदू परंपराओं को भूल गई हैं।
एग्जिट पोल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी के जवाब में पॉल ने कहा, "यह लोकतांत्रिक देश है और हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। कुछ ही घंटों में नतीजे साफ हो जाएंगे। जैसे सुनामी बड़ा बदलाव लाती है, वैसे ही कल के नतीजे पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन लाएंगे।"
अन्य भाजपा उम्मीदवारों की पूजा
सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष ने भी मतगणना से पहले रथखोला स्थित मां मनस्कामना काली मंदिर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पूजा की। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि राज्य में एक नई सुबह होगी और लोगों की उम्मीदें पूरी होंगी।"
शंकर घोष ने फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनाव आयोग द्वारा पुनर्मतदान के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा, "यह पहली बार है जब किसी पूरी विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान हो रहा है। इससे यह साफ हो गया है कि तृणमूल कांग्रेस ने किस तरह अपना दबदबा बनाया हुआ था।"
पूर्व बर्धमान जिले के कटवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार कृष्णा घोष ने अपने गांव के गोपीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा, "मैंने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत भी मंदिर से की थी और मुझे पूरा विश्वास है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाएगी।"
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में TMC पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा कर रही हैं। भाजपा 2021 के विधानसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी, लेकिन सत्ता हासिल करने में नाकाम रही थी। यह ऐसे समय में आया है जब एग्जिट पोल के अनुमान मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। 4 मई 2026 को होने वाली मतगणना के नतीजे तय करेंगे कि राज्य में राजनीतिक बदलाव की यह उम्मीद हकीकत बनती है या नहीं।