मालदा में न्यायिक अधिकारियों से दुर्व्यवहार: एनआईए ने कई टीएमसी नेताओं को भेजा समन, कालियाचक थाने में पेश होने का आदेश

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मालदा में न्यायिक अधिकारियों से दुर्व्यवहार: एनआईए ने कई टीएमसी नेताओं को भेजा समन, कालियाचक थाने में पेश होने का आदेश

सारांश

मालदा के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों को नौ घंटे तक 'बंधक' बनाए रखने के मामले में एनआईए ने टीएमसी के कई नेताओं को समन भेजा है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई यह जांच अब सीधे स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व तक पहुँच गई है — 52 गिरफ्तारियों के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है।

Key Takeaways

एनआईए ने मालदा के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों से दुर्व्यवहार मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को समन जारी किया। सुजापुर से टीएमसी उम्मीदवार सबीना यास्मीन के चुनाव एजेंट अब्दुल रहमान और कालियाचक ब्लॉक-1 के टीएमसी अध्यक्ष मोहम्मद सरियुल को कालियाचक पुलिस थाने में पेश होने का निर्देश। न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर लगभग नौ घंटे तक 'बंधक' बनाकर रखा गया था; मामले में अब तक 52 लोग गिरफ्तार। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर चुनाव आयोग ने जांच एनआईए को सौंपी; पहले सीआईडी ने मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। घटना मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान हुई, जिसमें कुछ नामों को सूची से हटाया गया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को समन जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी को कालियाचक पुलिस थाने में पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर चुनाव आयोग द्वारा जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के अंतर्गत नामों को अंतिम रूप देने का कार्य कर रहे थे। पिछले महीने मालदा के मोथाबाड़ी में इन अधिकारियों को घेर लिया गया और कथित तौर पर लगभग नौ घंटे तक 'बंधक' बनाकर रखा गया। उन्हें देर रात तक कालियाचक-2 ब्लॉक कार्यालय के भीतर रोके रखने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप हैं।

आरोप है कि जिन लोगों के नाम एसआईआर सूची से हटाए गए थे, उनमें से एक वर्ग ने यह विरोध प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई जब राज्य में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया अपने संवेदनशील चरण में थी।

किन नेताओं को भेजा गया समन

अधिकारियों के अनुसार, सुजापुर से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सबीना यास्मीन के चुनाव एजेंट अब्दुल रहमान को शनिवार देर रात नोटिस मिला। अब्दुल रहमान मालदा जिला परिषद के वन और भूमि विभाग के अधीक्षक हैं। इसके अलावा, कालियाचक ब्लॉक-1 के तृणमूल अध्यक्ष मोहम्मद सरियुल को भी कालियाचक पुलिस स्टेशन में शाम तक पेश होने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्र के अन्य टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

अब तक की गिरफ्तारियाँ और जांच की स्थिति

इस मामले में अब तक कुल 52 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से कई आरोपी एनआईए की हिरासत में हैं, जबकि कुछ न्यायिक हिरासत में हैं। एनआईए को जांच सौंपे जाने से पहले राज्य पुलिस की सीआईडी ने मुख्य आरोपियों में से एक मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में दावा किया गया कि वह इस विरोध प्रदर्शन के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था।

सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग की भूमिका

चुनाव आयोग (ECI) ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर इस घटना की जांच एनआईए को सौंपी। यह इस बात का संकेत है कि मामले की संवेदनशीलता और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर शीर्ष अदालत ने गंभीर संज्ञान लिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उस दिन की घटनाओं की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए क्षेत्र के टीएमसी नेताओं को तलब किया गया है।

आगे क्या होगा

एनआईए की पूछताछ से यह स्पष्ट होने की संभावना है कि मोथाबाड़ी की घटना में स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व की क्या भूमिका थी। यह मामला पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़े विमर्श का केंद्र बन सकता है।

Point of View

लेकिन न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक रखने का आरोप इस मामले को अलग श्रेणी में रखता है। असली परीक्षा यह होगी कि एनआईए की जांच राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर जवाबदेही तय कर पाती है या नहीं।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

मालदा के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों के साथ क्या हुआ था?
पिछले महीने मालदा के मोथाबाड़ी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में लगाए गए न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर लगभग नौ घंटे तक 'बंधक' बनाकर रखा गया। उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के भी आरोप हैं।
एनआईए ने इस मामले में किन टीएमसी नेताओं को समन भेजा है?
एनआईए ने सुजापुर से टीएमसी उम्मीदवार सबीना यास्मीन के चुनाव एजेंट अब्दुल रहमान और कालियाचक ब्लॉक-1 के टीएमसी अध्यक्ष मोहम्मद सरियुल को समन भेजा है। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
इस मामले की जांच एनआईए को क्यों सौंपी गई?
चुनाव आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर यह जांच एनआईए को सौंपी। न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अदालत ने मामले का संज्ञान लिया था।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में अब तक कुल 52 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई आरोपी एनआईए की हिरासत में हैं जबकि कुछ न्यायिक हिरासत में हैं; मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को पहले राज्य पुलिस की सीआईडी ने गिरफ्तार किया था।
एसआईआर प्रक्रिया क्या है और इससे यह विवाद कैसे जुड़ा?
एसआईआर यानी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' मतदाता सूची की समीक्षा की एक प्रक्रिया है जिसमें अयोग्य नामों को हटाया जाता है। आरोप है कि जिन लोगों के नाम इस सूची से हटाए गए, उनके एक वर्ग ने न्यायिक अधिकारियों को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया।
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