श्रीनगर में ड्रग्स के खिलाफ ऐतिहासिक रैली, 100 दिनों का जागरूकता अभियान शुरू
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सारांश
श्रीनगर में ड्रग्स के खिलाफ क्षेत्र की पहली इतनी बड़ी रैली आयोजित हुई — रोटरी क्लब और एलजी मनोज सिन्हा के समर्थन से शुरू हुआ यह 100 दिवसीय अभियान घर-घर तक पहुँचेगा। कश्मीर के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की यह मुहिम समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चल रही है।
Key Takeaways
3 मई 2026 को श्रीनगर में ड्रग्स के खिलाफ क्षेत्र की पहली बड़े स्तर की रैली आयोजित की गई। अभियान 100 दिनों तक चलेगा; आयोजन समिति के सदस्य घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएँगे। कार्यक्रम को रोटरी क्लब का पूर्ण समर्थन और एलजी मनोज सिन्हा का सहयोग प्राप्त है। रैली में हर आयु वर्ग के पुरुष, महिलाएँ और बच्चे शामिल हुए। स्थानीय नागरिकों ने माता-पिता की भूमिका को ड्रग्स से बच्चों को बचाने में सबसे अहम बताया।
श्रीनगर में 3 मई 2026 को ड्रग्स के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया, जिसमें हर आयु वर्ग के पुरुष, महिलाएँ और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। रोटरी क्लब के सहयोग से आयोजित यह अभियान 100 दिनों तक चलेगा, जिसके तहत आयोजन समिति के सदस्य घर-घर जाकर ड्रग्स के खिलाफ संदेश पहुँचाएँगे।
रैली का स्वरूप और भागीदारी
रविवार को आयोजित इस रैली में श्रीनगर के विभिन्न इलाकों से स्थानीय नागरिक उमड़ पड़े। आयोजकों के अनुसार, यह क्षेत्र में ड्रग्स के खिलाफ इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली पहली रैली है। एक स्थानीय महिला ने राष्ट्र प्रेस से कहा,
Point of View
लेकिन युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आ रही है। 100 दिनों का यह अभियान तभी सार्थक होगा जब प्रशासन, परिवार और नागरिक समाज — तीनों मिलकर निरंतर प्रयास करें, न कि केवल रैली की सुर्खियों तक सीमित रहें।
NationPress
03/05/2026
Frequently Asked Questions
श्रीनगर में ड्रग्स के खिलाफ रैली कब और क्यों आयोजित की गई?
यह रैली 3 मई 2026 को श्रीनगर में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य ड्रग्स के विरुद्ध समाज में जागरूकता फैलाना और विशेष रूप से युवाओं व बच्चों को नशे से दूर रखने का संदेश देना था। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह क्षेत्र में इस स्तर की पहली रैली है।
100 दिवसीय जागरूकता अभियान में क्या-क्या होगा?
इस अभियान के तहत आयोजन समिति के सदस्य घर-घर जाकर ड्रग्स के खिलाफ संदेश पहुँचाएँगे। रोटरी क्लब का इस पूरे कार्यक्रम को पूर्ण समर्थन प्राप्त है और एलजी मनोज सिन्हा ने भी सहयोग दिया है।
इस अभियान में किसकी भूमिका सबसे अहम बताई गई है?
स्थानीय नागरिकों ने माता-पिता की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया है, क्योंकि प्रशासन या कोई भी संस्था प्रतिदिन रैली या कार्यक्रम नहीं कर सकती, लेकिन माता-पिता हमेशा अपने बच्चों पर नज़र रख सकते हैं।
कश्मीर में ड्रग्स की समस्या को लेकर क्या कहा गया?
एक स्थानीय पुरुष नागरिक ने कहा कि कश्मीर कई समस्याओं से निकला है, लेकिन ड्रग्स की आड़ में युवाओं को समाज से छीनने की कोशिश हो रही है, जिसके खिलाफ यह रैली अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रैली में किन लोगों ने भाग लिया?
रैली में श्रीनगर के हर आयु वर्ग के पुरुष, महिलाएँ और बच्चे शामिल हुए। एक स्थानीय महिला के अनुसार, समाज के सभी वर्गों के लोग स्वेच्छा से इस रैली में एकत्र हुए।