नरगिस की पुण्यतिथि पर प्रिया दत्त भावुक, कहीं- 45 वर्षों बाद भी मां का प्रेम मेरी शक्ति है
सारांश
Key Takeaways
मुंबई, 3 मई (राष्ट्र प्रेस)। प्रिया दत्त ने अपनी माता नरगिस की पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया के माध्यम से एक गहरी भावनात्मक श्रद्धांजलि दी। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की बहन ने स्वीकार किया कि हिंदी सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्री की विरासत आज भी उनके जीवन को निर्देशित करती है।
मां की सीख और मूल्यों की विरासत
अपनी पोस्ट में प्रिया दत्त ने कहा कि नरगिस ने उन्हें जीवन के सर्वाधिक महत्वपूर्ण सिद्धांत सिखाए। उन्होंने लिखा, ''मेरी मां ने मुझे दूसरों के प्रति करुणा, कठिन परिस्थितियों में धैर्य और निःस्वार्थ सेवा का पाठ पढ़ाया। ये केवल शब्द नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने जीवन में इन्हें जीया और हमें भी यही सीख दी।'' प्रिया ने यह भी जोड़ा कि उनकी मां हमेशा ह्रदय से निर्णय लेने और सम्मान के साथ जीवन जीने पर बल देती थीं।
45 वर्षों बाद भी अनुपस्थित नहीं हैं
नरगिस का निधन 1981 में अग्न्याशय कैंसर के कारण हुआ था। प्रिया दत्त ने अपनी भावनात्मक पोस्ट में कहा, ''45 साल बीत चुके हैं, फिर भी मुझे महसूस होता है कि मां का स्नेह और आशीर्वाद मेरे चारों ओर मौजूद है। उनकी यादें मुझे मजबूत रहने का साहस देती हैं।'' गौरतलब है कि नरगिस का निधन उनके पुत्र संजय दत्त की पहली फिल्म 'रॉकी' के रिलीज़ होने से मात्र तीन दिन पहले हुआ था।
नरगिस की सिनेमाई विरासत
नरगिस हिंदी सिनेमा की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में से एक थीं। उनकी फिल्म 'मदर इंडिया' का किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में जीवंत है। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी निकटता अभिनेता सुनील दत्त से बढ़ी और 1958 में दोनों ने विवाह कर लिया। उनके तीन संतानें हुईं — संजय दत्त, प्रिया दत्त और नम्रता दत्त।
परिवार के लिए प्रेरणा स्रोत
प्रिया दत्त की यह श्रद्धांजलि दर्शाती है कि कैसे नरगिस की मानवीय मूल्यों और नैतिकता की शिक्षा उनके परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी प्रवाहित हो रही है। उनकी माता की जीवनशैली और कार्यों ने न केवल बॉलीवुड को प्रभावित किया, बल्कि उनके बच्चों को भी एक सशक्त नैतिक आधार प्रदान किया।