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'लेट्स वॉक फॉर नी' रैली: पटना में घुटने की बीमारियों के प्रति जागरूकता अभियान

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'लेट्स वॉक फॉर नी' रैली: पटना में घुटने की बीमारियों के प्रति जागरूकता अभियान

सारांश

पटना में 'लेट्स वॉक फॉर नी' रैली का आयोजन बताता है कि कैसे आधुनिक जीवनशैली घुटने की समस्याओं को बढ़ा रही है। पारस हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जोर दिया कि शारीरिक सक्रियता, वजन नियंत्रण और समय पर चिकित्सा सलाह ही इस बढ़ती समस्या का समाधान है।

मुख्य बातें

पारस हॉस्पिटल पटना ने 3 मई को 'लेट्स वॉक फॉर नी' जागरूकता रैली का आयोजन किया।
अनिल ने कहा कि घुटना शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसका ख्याल न रखना जीवन को प्रभावित करता है।
अहमद अब्दुल हई ने शारीरिक सक्रियता और सुस्थ आहार को घुटने के स्वास्थ्य की कुंजी बताया।
घुटने की समस्या आमतौर पर आर्थराइटिस, लिगामेंट इंजरी या कार्टिलेज घिसने के कारण होती है।
वजन नियंत्रण, नियमित व्यायाम और लंबे समय तक न बैठना घुटने की समस्या से बचाव के मुख्य तरीके हैं।

पटना, 3 मई — घुटने से संबंधित बीमारियों और स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए पारस हॉस्पिटल पटना ने 'लेट्स वॉक फॉर नी' नामक एक सामुदायिक वॉक का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बिहार की जनता को घुटने के स्वास्थ्य और फिटनेस के महत्व के बारे में शिक्षित करने का उद्देश्य था। डॉ. अहमद अब्दुल हई और डॉ. अनिल ने इस पहल का नेतृत्व किया।

घुटने का स्वास्थ्य क्यों महत्वपूर्ण है

डॉ. अनिल ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अधूरी हैं। भारत में घुटने की समस्याओं का प्रसार — विशेषकर महिलाओं में — आधुनिक जीवनशैली, गतिहीन कार्य और मोटापे का सीधा परिणाम है। एकल रैली से परे, जनस्वास्थ्य नीति को स्कूलों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य करना, कार्यस्थलों पर व्यायाम सुविधाएँ प्रदान करना और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सस्ते ऑर्थोपेडिक परामर्श उपलब्ध कराना चाहिए। जब तक रोकथाम को उपचार जितना प्राथमिकता नहीं दी जाती, ये जागरूकता अभियान सिर्फ़ सद्भावना के प्रतीक रहेंगे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घुटने की समस्या किन कारणों से होती है?
घुटने की समस्या आमतौर पर आर्थराइटिस (गठिया), लिगामेंट इंजरी, बढ़ती उम्र के साथ कार्टिलेज घिसने, मोटापा और गतिहीन जीवनशैली के कारण होती है। यह समस्या विशेषकर महिलाओं में अधिक देखी जाती है।
घुटने के दर्द से बचाव के तरीके क्या हैं?
डॉ. अहमद अब्दुल हई के अनुसार, शारीरिक सक्रियता, वजन नियंत्रण और सुस्थ आहार घुटने के स्वास्थ्य की कुंजी हैं। लंबे समय तक घुटने मोड़कर न बैठें, नियमित व्यायाम करें और अपने वजन को नियंत्रित रखें।
'लेट्स वॉक फॉर नी' रैली का उद्देश्य क्या था?
इस रैली का मुख्य उद्देश्य बिहार और पटना की जनता में घुटने के स्वास्थ्य और फिटनेस के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना था। डॉ. अनिल ने कहा कि घुटना शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसका ख्याल न रखना जीवन को प्रभावित करता है।
घुटने की समस्या में ऑपरेशन कब आवश्यक है?
डॉ. अहमद अब्दुल हई के अनुसार, ऑपरेशन घुटने की समस्या का आखिरी विकल्प है। अधिकांश मामलों में, वजन नियंत्रण, व्यायाम और दवाओं से समस्या का समाधान हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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