30 जुलाई 2026
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हेल्दी एजिंग के लिए योग: 'नी मूवमेंट' से मजबूत होंगे घुटने, आयुष मंत्रालय ने बताया तरीका

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हेल्दी एजिंग के लिए योग: 'नी मूवमेंट' से मजबूत होंगे घुटने, आयुष मंत्रालय ने बताया तरीका

सारांश

विश्व योग दिवस 2026 से ठीक पहले आयुष मंत्रालय ने 'हेल्दी एजिंग के लिए योग' विषय के तहत 'नी मूवमेंट' अभ्यास को बढ़ावा दिया है। बुज़ुर्गों और गतिहीन जीवनशैली वालों के लिए यह सरल घरेलू व्यायाम घुटनों की मज़बूती और जोड़ों के दर्द से राहत का प्राकृतिक उपाय बताया जा रहा है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस 2026 का विषय 'हेल्दी एजिंग के लिए योग' रखा है।
21 जून 2026 को मनाए जाने वाले योग दिवस से पहले 'नी मूवमेंट' (समस्थिति) अभ्यास को विशेष रूप से प्रचारित किया जा रहा है।
यह अभ्यास घुटनों और कूल्हे के जोड़ों को मज़बूत बनाता है, जोड़ों में प्राकृतिक चिकनाई बनाए रखता है और संतुलन बेहतर करता है।
बिना किसी उपकरण के घर पर किया जा सकने वाला यह व्यायाम गतिहीन जीवनशैली वाले और बुज़ुर्गों के लिए विशेष रूप से उपयोगी बताया गया है।
तीव्र दर्द की स्थिति में योग विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी गई है।

आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस 2026 से ठीक पहले 'नी मूवमेंट' (समस्थिति) योग अभ्यास को बढ़ावा देने की पहल की है, जो घुटनों और कूल्हे के जोड़ों को मजबूत बनाने में सहायक बताया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले योग दिवस का मुख्य विषय 'हेल्दी एजिंग के लिए योग' रखा गया है, जो बढ़ती उम्र में शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने पर केंद्रित है।

क्यों चुना गया 'हेल्दी एजिंग' का विषय

मंत्रालय का कहना है कि स्वस्थ मन और शरीर किसी भी उम्र में बेहतर जीवन जीने का आधार हैं। उम्र बढ़ने के साथ घुटनों का दर्द, कूल्हों में अकड़न और शरीर के निचले हिस्से की कमज़ोरी आम समस्याएँ बन चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली ने इन परेशानियों को और गहरा कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में बुज़ुर्ग आबादी का अनुपात तेज़ी से बढ़ रहा है।

'नी मूवमेंट' क्या है और कैसे काम करता है

आयुष मंत्रालय के अनुसार, 'नी मूवमेंट' एक सरल योग व्यायाम है जिसे बिना किसी उपकरण के घर पर आसानी से किया जा सकता है। यह अभ्यास घुटनों और कूल्हे के जोड़ों को सक्रिय करता है, जोड़ों में प्राकृतिक चिकनाई बनाए रखता है और मांसपेशियों को मज़बूत करता है। नियमित अभ्यास से चलना, बैठना, खड़े होना और सीढ़ियाँ चढ़ना जैसी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ आसान हो जाती हैं।

किन्हें सबसे अधिक फायदा

विशेषज्ञों का कहना है कि घुटनों में दर्द और अस्थिरता अक्सर जोड़ों के कम उपयोग या कमज़ोरी के संकेत होते हैं। यह अभ्यास खासकर उन लोगों के लिए लाभदायक बताया जा रहा है जो कम शारीरिक गतिविधि करते हैं या लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। जोड़ों की लचीलापन बढ़ाने के साथ-साथ यह शरीर की मुद्रा को सुधारता है और संतुलन को बेहतर बनाता है।

सावधानियाँ और विशेषज्ञ सलाह

मंत्रालय ने सुझाया है कि इस अभ्यास को धीरे-धीरे शुरू करें। यदि किसी को तीव्र दर्द का अनुभव हो तो योग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। उचित तरीके से किए जाने पर यह व्यायाम धीरे-धीरे जोड़ों की गति को बढ़ाता है और चोट के जोखिम को कम करता है। गौरतलब है कि यह पहल विश्व योग दिवस 2026 के व्यापक जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा है।

आगे क्या

21 जून 2026 को विश्व भर में योग दिवस मनाया जाएगा और इस बार 'हेल्दी एजिंग' के विषय पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयुष मंत्रालय बुज़ुर्गों और मध्यम आयु वर्ग के लोगों के लिए विशेष योग सत्रों की योजना बना रहा है, जिनमें 'नी मूवमेंट' जैसे सरल अभ्यासों पर ज़ोर रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'नी मूवमेंट' जैसे एकल अभ्यास को बढ़ावा देने से परे एक व्यापक, आयु-वर्गीकृत योग प्रोटोकॉल की ज़रूरत है जो चिकित्सकीय रूप से सत्यापित हो। भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु की आबादी 2036 तक 23 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है, ऐसे में केवल जागरूकता अभियान पर्याप्त नहीं हैं — सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित योग चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना असली चुनौती है। योग दिवस की वार्षिक रस्म से आगे बढ़कर इसे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा में एकीकृत किए बिना 'हेल्दी एजिंग' का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नी मूवमेंट' योग अभ्यास क्या है?
'नी मूवमेंट' (समस्थिति) एक सरल योग व्यायाम है जिसे आयुष मंत्रालय ने घुटनों और कूल्हे के जोड़ों को मज़बूत बनाने के लिए अनुशंसित किया है। यह बिना किसी उपकरण के घर पर किया जा सकता है और जोड़ों में प्राकृतिक चिकनाई बनाए रखने में सहायक है।
विश्व योग दिवस 2026 का मुख्य विषय क्या है?
आयुष मंत्रालय ने 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस का मुख्य विषय 'हेल्दी एजिंग के लिए योग' रखा है। यह विषय बढ़ती उम्र में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने पर केंद्रित है।
'नी मूवमेंट' किन लोगों के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है?
यह अभ्यास विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक बताया गया है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, कम शारीरिक गतिविधि करते हैं या बुज़ुर्ग हैं। घुटनों में दर्द और अकड़न से परेशान लोगों के लिए भी यह उपयोगी माना जाता है।
'नी मूवमेंट' अभ्यास के क्या फायदे हैं?
इस अभ्यास से जोड़ों की लचीलापन बढ़ती है, मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं और घुटनों का दर्द कम होता है। नियमित अभ्यास से चलना, बैठना, खड़े होना और सीढ़ियाँ चढ़ना जैसी दैनिक गतिविधियाँ आसान हो जाती हैं और चोट का जोखिम भी घटता है।
क्या 'नी मूवमेंट' अभ्यास करते समय कोई सावधानी बरतनी चाहिए?
आयुष मंत्रालय ने सुझाया है कि इस अभ्यास को धीरे-धीरे शुरू करें और यदि तीव्र दर्द हो तो योग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। उचित तरीके से किए जाने पर ही इसके पूर्ण लाभ मिलते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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