अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: आयुष मंत्रालय बोला — योग मन की शांति और संतुलन का सशक्त माध्यम
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय ने 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले देशवासियों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है — यह मन को स्थिर करने, करुणा जगाने और जीवन को गहराई देने का एक समग्र अभ्यास है। नई दिल्ली से जारी इस संदेश में मंत्रालय ने आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों के बीच योग की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
मंत्रालय का संदेश: शांति एक सतत अभ्यास है
मंत्रालय के अनुसार, आज की तेज़ रफ़्तार दुनिया में मानसिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे रोज़ कुछ पल रुककर गहरी साँस लें और उन मूल्यवान पहलुओं से दोबारा जुड़ें जो जीवन में वास्तव में महत्त्व रखते हैं। मंत्रालय के मुताबिक, योग हमारे शरीर की गतिविधियों से कहीं आगे जाता है — यह अस्तित्व को एक नई गहराई प्रदान करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब व्यक्ति को अपने भीतर शांति मिलती है, तो वह अपने आस-पास भी शांति का निर्माण करता है। शोर, टकराव और निरंतर प्रतिक्रियाओं से भरे इस युग में योग 'ठहरने' की शक्ति प्रदान करता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, हर सचेत साँस और हर अभ्यास — चाहे वह सूर्य नमस्कार हो, ध्यान हो या प्राणायाम — तालमेल, करुणा और सामूहिक भलाई की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
योग के लाभ: शरीर से परे मन तक
योग विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करता है, भावनात्मक संतुलन स्थापित करता है और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। मंत्रालय के मुताबिक, योग का अभ्यास व्यक्ति को अपनी प्रतिक्रियाओं पर नियंत्रण सिखाता है — जब मन शांत होता है, तो निर्णय बेहतर होते हैं और दूसरों के प्रति सहानुभूति बढ़ती है।
आम जनता पर असर: हर उम्र के लिए उपयोगी
एक उल्लेखनीय पहलू यह है कि योगासन का अभ्यास किसी भी स्थान पर और किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति कर सकते हैं — बच्चों से लेकर वृद्धों तक, सभी के लिए यह समान रूप से लाभकारी है। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी जीवनशैली से जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।
योग दिवस: उत्सव नहीं, संकल्प
मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि 21 जून का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं है — यह प्रतिदिन शांति को चुनने का संकल्प है। मंत्रालय ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस दिन को एक नई शुरुआत के रूप में अपनाएँ और योग को जीवनशैली का स्थायी हिस्सा बनाएँ।