हर पंचायत में 'सहयोग शिविर': मंत्री रामकृपाल यादव बोले — सम्राट चौधरी जनहित में अग्रणी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने 20 मई 2026 को पटना में कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और प्रदेश की हर पंचायत में 'सहयोग शिविर' आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर निपटारा किया जाएगा। यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि आवेदनों का निर्धारित समय में समाधान न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध स्वतः निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
सहयोग शिविर: क्या है यह पहल
मंत्री यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री और कई मंत्री अलग-अलग जिलों के दौरे पर गए। यादव स्वयं बेगूसराय पहुँचे, जहाँ तीन पंचायतों में आयोजित शिविरों का उन्होंने निरीक्षण किया। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में लोग शिविर में उपस्थित हुए और छोटी-छोटी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
उन्होंने कहा कि जो अधिकारी आवेदन का समय पर निपटारा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएँगे — इस तरह की स्वचालित जवाबदेही प्रक्रिया लागू की गई है।
अपराध और कानून व्यवस्था पर सरकार का रुख
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली प्राथमिकता अपराध मुक्त, गुंडा मुक्त और हत्यारा मुक्त बिहार बनाना है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाए।
यादव ने कहा, 'हाफ एनकाउंटर तो हो रहा है और जो सुधरेगा नहीं, वो फुल एनकाउंटर में ऊपर जाएगा।' उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले जहाँ महिलाएं शाम के बाद घर से निकलने में डरती थीं, अब लोग देर रात गंगा पथ और मरीन ड्राइव पर परिवार के साथ घूम रहे हैं।
तेजस्वी यादव पर पलटवार
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा बिहार में अपराध और महिलाओं के खिलाफ घटनाओं को लेकर सरकार पर लगाए गए आरोपों पर मंत्री ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को अपने शासनकाल के अपराध के आँकड़े भी जनता के सामने रखने चाहिए। यादव ने यह भी कहा कि 'तेजस्वी यादव की दुकान बंद होने वाली है, जनता उनसे मुंह मोड़ चुकी है।'
आनंद मोहन और जदयू विवाद
जनता दल (यूनाइटेड) की कार्यप्रणाली पर आनंद मोहन द्वारा उठाए गए सवालों पर मंत्री यादव ने कहा कि आनंद मोहन पार्टी के सदस्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें जदयू की आलोचना का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने 'थैली देकर मंत्री पद' पाने के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि वे आज भी सक्रिय, जागरूक और प्रभावी नेता हैं, और बिहार को अव्यवस्था से निकालकर विकास की राह पर लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है।
ऑनलाइन दवा बिक्री पर हड़ताल
देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की हड़ताल पर मंत्री ने कहा कि दवा व्यापारियों की समस्याएं वाजिब हो सकती हैं, लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था भी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है और सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी। आगे भी बिहार सरकार की जनकल्याणकारी पहलों की निगरानी और क्रियान्वयन पर सबकी नजर बनी रहेगी।