बिहार में सहयोग शिविर अभियान शुरू, मंत्री रामकृपाल यादव बोले — 30 दिन में शिकायत निस्तारण या अधिकारी निलंबित

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बिहार में सहयोग शिविर अभियान शुरू, मंत्री रामकृपाल यादव बोले — 30 दिन में शिकायत निस्तारण या अधिकारी निलंबित

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सहयोग शिविर अभियान सिर्फ जनसंपर्क नहीं — यह जवाबदेही की कसौटी है। 30 दिन में शिकायत न सुलझाने पर अधिकारी निलंबित होंगे, और सीएम खुद मैदान में हैं। यह बिहार के प्रशासनिक ढाँचे की असली परीक्षा होगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में सहयोग शिविर अभियान की शुरुआत की, जिसमें पंचायत स्तर पर जनता की शिकायतें सुनी जाएंगी।
शिकायतों का निस्तारण 30 दिनों के भीतर अनिवार्य; समय-सीमा में विफल अधिकारी निलंबित किए जाएंगे।
मंत्री रामकृपाल यादव बेगूसराय में तीन पंचायतों का दौरा करेंगे; मुख्यमंत्री स्वयं भी शिविरों में उपस्थित रहेंगे।
जदयू नेता राजीव रंजन ने अभियान को नीतीश कुमार की जीरो-टॉलरेंस नीति की निरंतरता बताया।
रामकृपाल यादव ने पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि को खाड़ी युद्ध जारी रहने से उपजी वैश्विक मजबूरी बताया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा शुरू किए गए सहयोग शिविर अभियान को राज्य सरकार के मंत्रियों का व्यापक समर्थन मिला है। 19 मई 2026 को बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने इस अभियान को ऐतिहासिक कदम बताते हुए अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं। इस अभियान के तहत पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर जनता की शिकायतें सुनी जाएंगी और 30 दिनों के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

अभियान की मुख्य विशेषताएँ

मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की जनता के हित में यह उचित निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायतों में लगाए जाने वाले इन शिविरों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का 30 दिनों के भीतर निस्तारण अनिवार्य होगा। यदि संबंधित अधिकारी तय समय-सीमा में शिकायत का समाधान नहीं करते, तो उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ेगा।

यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं इन शिविरों में भाग ले रहे हैं और मंत्रियों को भी विभिन्न जिलों में भेजा गया है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं बेगूसराय जाएंगे और वहाँ तीन पंचायतों का दौरा कर स्थानीय लोगों की समस्याएँ सुनेंगे।

पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर सरकार का पक्ष

पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों पर रामकृपाल यादव ने कहा कि खाड़ी युद्ध जारी रहने के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया के कई देशों ने बहुत पहले ही ईंधन की कीमतें बढ़ा दी थीं, जबकि भारत सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अधिकतम प्रयास किए। उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लेना अपरिहार्य हो गया।

विपक्ष पर पलटवार

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए रामकृपाल यादव ने दावा किया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और अपराधियों को लगातार पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अपराधियों को पाताल से निकालकर कार्रवाई की जाएगी।

जदयू नेता का समर्थन

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने सहयोग शिविर अभियान को बिहार में सुशासन की दीर्घकालिक परंपरा की अगली कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थापित भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगे बढ़ा रहे हैं। राजीव रंजन के अनुसार, शिविर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति यह स्पष्ट संदेश है कि निर्धारित समय-सीमा में काम न करने वाले अधिकारियों को दूरगामी परिणाम भुगतने होंगे।

आगे की राह

यह अभियान बिहार सरकार की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें जमीनी स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी पृष्ठभूमि में जारी हैं। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायत निस्तारण का 30 दिन का वादा ज़मीन पर कितना प्रभावी साबित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में ऐसे जन-संपर्क कार्यक्रम नए नहीं हैं — नीतीश कुमार के 'जनता दरबार' से लेकर कई पहलें आईं और धीरे-धीरे रस्म बन गईं। असली सवाल यह है कि 30 दिन की समय-सीमा और निलंबन की चेतावनी को लागू करने का तंत्र क्या होगा और उसकी निगरानी कौन करेगा। अधिकारियों पर दबाव बनाना एक बात है, लेकिन बिना स्वतंत्र शिकायत-ट्रैकिंग प्रणाली के यह अभियान भी पिछली घोषणाओं की तरह कागज़ी साबित हो सकता है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार का सहयोग शिविर अभियान क्या है?
यह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा शुरू किया गया अभियान है जिसमें पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर जनता की शिकायतें सुनी जाएंगी और 30 दिनों के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री स्वयं इन शिविरों में भाग ले रहे हैं।
शिकायत का निस्तारण न होने पर क्या होगा?
मंत्री रामकृपाल यादव के अनुसार, यदि कोई अधिकारी 30 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान नहीं करता, तो उसे निलंबित कर दिया जाएगा। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
रामकृपाल यादव किस जिले का दौरा करेंगे?
मंत्री रामकृपाल यादव बेगूसराय जाएंगे और वहाँ तीन पंचायतों का दौरा करेंगे। वे स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनेंगे।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने पर सरकार का क्या कहना है?
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि खाड़ी युद्ध जारी रहने के कारण वैश्विक स्तर पर तेल संकट बना हुआ है, जिसके चलते भारत सरकार को कीमतें बढ़ानी पड़ीं। उन्होंने कहा कि कई देशों में यह बढ़ोतरी बहुत पहले हो चुकी थी और भारत ने स्थिति को नियंत्रण में रखने की पूरी कोशिश की।
जदयू नेता राजीव रंजन ने अभियान को किस रूप में देखा?
राजीव रंजन ने इसे नीतीश कुमार द्वारा स्थापित सुशासन और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति की निरंतरता बताया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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