बिहार में सहयोग शिविर अभियान शुरू, मंत्री रामकृपाल यादव बोले — 30 दिन में शिकायत निस्तारण या अधिकारी निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा शुरू किए गए सहयोग शिविर अभियान को राज्य सरकार के मंत्रियों का व्यापक समर्थन मिला है। 19 मई 2026 को बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने इस अभियान को ऐतिहासिक कदम बताते हुए अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं। इस अभियान के तहत पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर जनता की शिकायतें सुनी जाएंगी और 30 दिनों के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान की मुख्य विशेषताएँ
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की जनता के हित में यह उचित निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायतों में लगाए जाने वाले इन शिविरों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का 30 दिनों के भीतर निस्तारण अनिवार्य होगा। यदि संबंधित अधिकारी तय समय-सीमा में शिकायत का समाधान नहीं करते, तो उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ेगा।
यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं इन शिविरों में भाग ले रहे हैं और मंत्रियों को भी विभिन्न जिलों में भेजा गया है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं बेगूसराय जाएंगे और वहाँ तीन पंचायतों का दौरा कर स्थानीय लोगों की समस्याएँ सुनेंगे।
पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर सरकार का पक्ष
पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों पर रामकृपाल यादव ने कहा कि खाड़ी युद्ध जारी रहने के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया के कई देशों ने बहुत पहले ही ईंधन की कीमतें बढ़ा दी थीं, जबकि भारत सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अधिकतम प्रयास किए। उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लेना अपरिहार्य हो गया।
विपक्ष पर पलटवार
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए रामकृपाल यादव ने दावा किया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और अपराधियों को लगातार पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अपराधियों को पाताल से निकालकर कार्रवाई की जाएगी।
जदयू नेता का समर्थन
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने सहयोग शिविर अभियान को बिहार में सुशासन की दीर्घकालिक परंपरा की अगली कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थापित भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगे बढ़ा रहे हैं। राजीव रंजन के अनुसार, शिविर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति यह स्पष्ट संदेश है कि निर्धारित समय-सीमा में काम न करने वाले अधिकारियों को दूरगामी परिणाम भुगतने होंगे।
आगे की राह
यह अभियान बिहार सरकार की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें जमीनी स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी पृष्ठभूमि में जारी हैं। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायत निस्तारण का 30 दिन का वादा ज़मीन पर कितना प्रभावी साबित होता है।