रामकृपाल यादव ने तेल और गैस संकट में सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की
सारांश
Key Takeaways
- शिवालिक जहाज का सुरक्षित गुजरना भारत के लिए महत्वपूर्ण है।
- रामकृपाल यादव ने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का आभार व्यक्त किया।
- भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
- डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली लागू की गई।
- राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए के सभी उम्मीदवार जीतेंगे।
पटना, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के 15वें दिन भारत के लिए एक सकारात्मक समाचार आया है। भारत का एलपीजी (रसोई गैस) ले जाने वाला जहाज शिवालिक शुक्रवार रात को होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित तरीके से पार कर गया। इस पर बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने तेल और गैस के संकट को समाप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी नीतियों ने देश को एक बड़ी चुनौती से बाहर निकालने में मदद की है।
बिहार के नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन के कार्यभार ग्रहण करने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि गवर्नर ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। उनके नेतृत्व में बिहार की प्रगति और विकास होगा। मुझे उम्मीद है कि बिहार एक विकसित राज्य के रूप में स्थापित होगा।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निवास पर राज्यसभा चुनाव हेतु बैठक पर रामकृपाल यादव ने कहा कि 12 वर्षों के बाद अब अनुकूल स्थिति में चुनाव हो रहा है। एनडीए के पांच उम्मीदवार हैं, और सभी जीतेंगे, यह निश्चित है। बैठक पर उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिससे लोगों से संवाद स्थापित हो जाता है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में भारत के लिए यह राहत की बात है कि एलपीजी ले जाने वाला जहाज शिवालिक होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर गया है। इस जहाज में लगभग 50,000 टन से अधिक एलपीजी ले जाने की क्षमता है। इसलिए, इस जहाज का सुरक्षित गुजरना भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हालांकि, भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए लोग घबराकर एलपीजी सिलेंडर बुक कर रहे हैं।
शुक्रवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी कर रहे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है। डायवर्जन को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) प्रणाली लागू की गई है।